Stotram - Sacred Scripture

Ramachandraya Janaka (Mangalam)

Ramachandraya Janaka (Mangalam)

Stotram
Rama
7 Verses
110%

रामचन्द्राय जनक (मङ्गलं)

श्लोक 1

रामचन्द्राय जनकराजजा मनोहराय

मामकाभीष्टदाय महित मङ्गलम् ॥

कोसलेशाय मन्दहास दासपोषणाय

वासवादि विनुत सद्वरद मङ्गलम्

श्लोक 2

चारु कुङ्कुमो पेत चन्दनादि चर्चिताय

हारकटक शोभिताय भूरि मङ्गलम्

॥ 1 ॥

श्लोक 3

ललित रत्नकुण्डलाय तुलसीवनमालिकाय

जलद सद्रुश देहाय चारु मङ्गलम्

॥ 2 ॥

श्लोक 4

देवकीपुत्राय देव देवोत्तमाय

चाप जात गुरु वराय भव्य मङ्गलम्

॥ 3 ॥

श्लोक 5

पुण्डरीकाक्षाय पूर्णचन्द्राननाय

अण्डजातवाहनाय अतुल मङ्गलम्

॥ 4 ॥

श्लोक 6

विमलरूपाय विविध वेदान्तवेद्याय

सुजन चित्त कामिताय शुभग मङ्गलम्

॥ 5 ॥

श्लोक 7

रामदास मृदुल हृदय तामरस निवासाय

स्वामि भद्रगिरिवराय सर्व मङ्गलम्

॥ 6 ॥

श्लोक 8

रामचन्द्राय जनक (मङ्गलं) | (Ramachandraya Janaka (Mangalam)) Lyrics | Vedic Tithi