Mahaganapatim Manasa Smarami
Mahaganapatim Manasa Smarami
महागणपतिं मनसा स्मरामि
श्लोक 1
मह गणपतिम्
रागम्: नाट्टै
36 चलनाट्टै जन्य
आरोहण: स रि3 ग3 म1 प द3 नि3 स'
अवरोहण: स' नि3 प म1 रि3 स
तालम्: आदि
रूपकर्त: मुत्तुस्वामि दीक्षितर्
भाषा: संस्कृतम्
पल्लवि
महा गणपतिं मनसा स्मरामि ।
महा गणपतिम्
वसिष्ठ वाम देवादि वन्दित ॥
(महा)
अनुपल्लवि
महा देव सुतं गुरुगुह नुतम् ।
मार कोटि प्रकाशं शान्तम् ॥
महाकाव्य नाटकादि प्रियम्
मूषिकवाहन मोदकप्रियम् ॥
स्वराः
पल्लवि
म , प , , , म , म ग प म रि , , ,
म-हा--ग-ण-प-तिम्----
स , नि@ , स , , , रि स स रि ग , म ,
म-न-सा---स्म-रा---मि-
प , नि म प , म , म ग प म रि , , ,
म-हा--ग-ण-प-तिम्----
स , नि@ , स , , , रि स स रि ग , म ,
म-न-सा---स्म-रा---मि-
प नि स नि प म ग म प म रि स रि , , ,
म-हा--ग-ण-प-तिम्----
स , नि@ , स , , , रि स स रि ग , म ,
म-न-सा---स्म-रा---मि-
प नि स नि रि , स' नि प म रि स रि , , ,
म-हा--ग-ण-प-तिम्----
नि स , नि प , म ग म रि , स स रि ग म
वसि-ष्ठवा-मदे-वा-दिवन्-दित
प , नि म प , म , म ग प म रि , , ,
म-हा--ग-ण-प-तिम्----
स , नि@ , स , , , , , , , , , , ,
म-न-सा-----------
चरणम्
ग म प स' नि प प नि स' , नि , स' , स' ,
म-हा---दे---व-सु-तम्-
, , रि' रि' स' , रि' रि' स' , नि , स' , , ,
--गु-रु-गु-ह-नु-तम्---
ग म प स' नि प प नि स' , नि , स' , स' ,
म-हा---दॆ---व-सु-तम्-
, , रि' रि' स' , रि' रि' स' , नि , स' , , ,
--गु-रु-गु-ह-नु-तम्---
स' रि' ग' , म' , रि' , रि' , रि' , स' , स' नि
मा---र-को---टि---प्र-
प , , , म , , , नि प प म रि , स ,
का---शं---शान्---तम्---
म प , म , प स , रि ग , म , प म ,
महा-का-व्यना-टका-दि-प्रियम्-
प , म प स' नि प नि म रि स स नि प म ,
मू-षिकवा-हनमो-दक-प्रियम्-
(महा...)
