Vemana Satakam
Vemana Satakam
वेमन शतकम्
तलपुलोन गलुगु दा दैवमे प्रॊद्दु
तलचि चूडनतकु तत्वमगुनु
वूऱकुण्ड नेर्वुनुत्तम योगिरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 1 ॥
तन विरक्ति यनॆडि दासि चेतनु जिक्कि
मिगिलि वॆडलवेक मिणुकुचुन्न
नरुडि केडमुक्ति वरलॆडि चॆप्पडी
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 2 ॥
तनदु मनसुचेत दर्किञ्चि ज्योतिष
मॆन्त चेसे ननुचु नॆञ्चि चूचु,
तन यदृष्टमन्त दैव मॆऱुङ्गडा?
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 3 ॥
टीक व्रासिनट्लेनेकुलु पॆद्दलु
लोकमन्दु जॆप्पि मञ्चु
काकुलट्टि जनुल कानरी मर्ममु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 4 ॥
ज्ञानमॆन्न गुरुवु ज्ञानहैन्यमु बुद्धि
रॆण्टिनन्दु रिम्मरेचुनपुडु
रिम्म तॆलिपॆनेनि रॆण्डॊक रूपुरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 5 ॥
जाणलमनि यन्द्रु चपलात्मुलगुवारु
तॆलिविलेक तम्मुतॆलियलेरु
कष्टमैन यडवि गासीलुचुन्नारु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 6 ॥
जनन मरणमुलन स्वप्न सुषुप्तुलु
जगमुलन्दु नॆण्ड जगमुलुण्डु
नरुडु जगमुनण्ट नडुबाटु कादॊको
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 7 ॥
छायननॊसगुचॆट्लु साधुवु बोधट्टु
लडगि दरिनिजेरि पडयवच्चु
नट्टुनिट्टु दाटनदि पोवुनिदि राम
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 8 ॥
नरुडॆयैन लेक नारायणुण्डैन
तत्त्वबद्धुडैन दरणि नरय
मरणमुन्नदनुचु मदिनि नम्मगवलॆ
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 9 ॥
द्वारम्बन्धमुनकु दलुपुलु गडियलु
वलॆनॆ नोटिकॊप्पुगल नियतुलु
धर्ममॆरिगि पलुक धन्युण्डौ भुविलोन
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 10 ॥
ब्रह्मघटमु मेनु प्राणम्बु तगगालि
मित्रचन्द्र शिखुलु नेत्रचयमु
मऱियु ब्रह्ममनग महिमीद लेदया
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 11 ॥
योगिननुचु गॊन्त योगमुगूर्चक
जगमुनॆल्लबट्ट चम्पि तिनुचु
धनमु कॊऱकु वाडु तगवाडुचुण्डिन
योगिकाडु वाडॆ योगु वेम! ॥ 12 ॥
अर्ध यङ्कणमुन काधारमैनट्टि
यॊण्टिमेड गुञ्जु नॊनरनिल्पॆ
निण्टिकॊक मगण्डॆ यिल्लाण्ड्रुनेद्गुरु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 13 ॥
अन्नदानमुनकु नधिक सम्पदगल्गि
यमरलोक पूज्युडगुनु मीऱु
अन्नमगुनु ब्रह्ममदि कनलेरया
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 14 ॥
बॊन्दि यॆवरि सॊम्मु पोषिम्पबलुमारु
प्राण मॆवरि सॊम्मु भक्तिसेय,
धनमदॆवरिसॊम्मु धर्ममॆ तन सॊम्मु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 15 ॥
पण्डुवलन बुट्टॆ बरग प्रपञ्चमु
पण्डुवलन बुट्टॆ परमु निहमु
पण्डु मेलॆऱिङ्गॆ ब्रह्लादुडिललोन
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 16 ॥
तपमुवेल? यरय धात्रिजनुलकॆल्ल
नॊनर शिवुनि जूड नुपम गलदु
मनसु चदरनीक महिलोन जूडरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 17 ॥
तनगुणमु तनकु नुण्डग
नॆनयङ्गा नोरुनि गुणमु नॆञ्चुनु मदिलो
दन गुणमु तॆलिय कन्युनि
बनिगॊनि दूषिञ्चुवाडु व्यर्थुडु वेम! ॥ 18 ॥
जालिनॊन्दरादु जवदाटि कनरादु
अदि मूलमैन आत्ममऱुगु
पोरिचेरि पॊन्दि पूर्णमु नन्दुरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 19 ॥
जाति, मतमु विडिचि चनि योगिकामेलु
जातितो नॆयुन्न नीतिवलदॆ
मतमुबट्टि जाति मानकुण्ट कॊऱन्त
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 20 ॥
नीवनिननु नेननिननु
भावम्मुन नॆऱुकयॊक्क पद्धतियगुना
भावम्बु दॆलिसि मदिनि
र्भावमुगा निन्नु गनुट परमगु वेम! ॥ 21 ॥
नील्ल मुनुगुनेल? निधुल मॆट्टगनेल
मॊनसि वेल्पुलकुनु म्रॊक्कनेल
कपट कल्मषमुलु कडुपुलो नुण्डगा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 22 ॥
पञ्च मुखमुलन्दु बञ्चाक्षरि जनिञ्चॆ
पञ्च वर्णमुलनु प्रबलॆ जगमु
पञ्चमुखुनि मीरु प्रस्तुति चेयुण्डी
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 23 ॥
नेयि वॆन्न काचि नीडने युञ्चिन
बेरि गट्टिपडुनु पॆरुगुरीति
पोरिपोरि मदिनि पोनीक पट्टुमु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 24 ॥
मण्टिकुण्डवण्टि माय शरीरम्बु
चच्चुनॆन्नडैन, चावदात्म
घटमुलॆन्नियैन गगनमॊक्कटेगदा,
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 25 ॥
मण्ट लोहमन्दु म्राकुल शिललन्दु
पटमुलन्दु गोडप्रतिमलन्दु
तन्नुदॆलियु कॊऱकुदगुलदा परमात्म
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 26 ॥
निमिषमैननु मदि निल्चि निर्मलमुग
लिङ्ग जीवावेशुलनु गाञ्चि भङ्गपडक
पूज मदियन्दु जेरुट पूर्णपदवि
परमु गोरिन निदिचेय बागु वेम! ॥ 27 ॥
धूमादुल नावृतमै
व्योमम्बुनकॆगनि कलियु नुपमुलु तनलो
श्रीमिञ्चु शिवुनि जेरुनु
गामादुल गलियडतडु घनमुग वेम! ॥ 28 ॥
पगलुडुग नासलुडुगुनु
वगपुडुगं गोर्कॆलुडुगु वडि जन्मम्बुल्
तगुलुडुगु भोगमुडिगिन
त्रिगुणम्बुनु नडुग मुक्ति तॆरुवगु वेम! ॥ 29 ॥
पाल नीटि कलत परमहंस मॆऱुगुनु
नीरु पालु नॆट्लु नेर्चुनॆमलि
लज्ञुडैन हीनुडल शिवु नॆऱुगुना?
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 30 ॥
पुट्टु पुट्टलेदे पुडमिनि जनुलॆल्ल
पुट्टि गिट्टलेदॆ पूर्वुलॆवरु
पुट्टि गिट्टुटॆल्ल वट्टि भ्रान्तुलु सुमी,
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 31 ॥
परुल वित्तमन्दु भ्रान्ति वासिनयट्टि
पुरुषुडवनिलोन पुण्यमूर्ति
परुल वित्तमरय पापसञ्चितमगु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 32 ॥
परधनम्बुलकुनु प्राणमुलिच्चुनु
सत्यमन्तलेक जारडगुनु
द्विजुलमञ्चु निन्त्रुतेजमिञ्चुकलेदु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 33 ॥
नोरु पलकवच्चु नुडि व्रायगरादु
व्रातकन्न साक्षि वलवदन्न
परगलेनि व्रात भङ्ग पाटुन्दॆच्चु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 34 ॥
निजमाकल्ल रॆण्डु नीलकण्ठुडॆऱुङ्गु
निजमुलाडकुन्न नीतिदप्पु
निजमुलाडुनपुडु नी रूपमनवच्चु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 35 ॥
दशगलारिनॆल्ल दम बन्धुवु लटण्ड्रु
दशयलेमि नॆन्त्रु तक्कुवगनु
दशयन गम धन दशमॊक्कटे दश
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 36 ॥
तामसिञ्चि चेयदग दॆट्टि कार्यम्बु
वेगिरिम्प नदियु विषमगुनु
पच्चिकायदॆच्चि पडवेय फलमौने
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 37 ॥
तल्लिबिड्डलकुनु तगवु पुट्टिञ्चॆडि
धनमु सुखमु गूर्चुननि गडिन्त्रु
कानि यॆल्लयॆडल घन दुःखन्दमदि
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 38 ॥
तल्लिदण्ड्रुलॆन्नदगु तॊलि गुरुवुलु
पार्वतीभवु लिलबरमगुरुलु
कूलिवाण्ड्र जगति गुरुलन द्रोहमु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 39 ॥
तामसिञ्चि चेयदग दॆट्टि कार्यम्बु
वेगिरिम्प नदियु विषमगुनु
पच्चिकायदॆच्चि पडवेय फलमौने
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 40 ॥
पुट्टु पुट्टलेदे पुडमिनि जनुलॆल्ल
पुट्टि गिट्टलेदॆ पूर्वुलॆवरु
पुट्टि गिट्टुटॆल्ल वट्टि भ्रान्तुलु सुमी,
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 41 ॥
पॆट्टिपोयलेनि वट्टि देबॆलु भूमि
बुट्टिरेमि वारु गिट्टरेमि
पुट्टलोनि चॆदलु पुट्टदा गिट्टदा!
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 42 ॥
लोकमन्दुबुट्टि लोकमन्दॆ पॆरिगि
लोक विभवमोर्वलेक जनुडु
लोकमन्दु जनिकि लोबडि चॆडिपोवुनु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 43 ॥
मदि गलिगिन पूज मदनारि मॆच्चुनु
मनसु निल्सिनन्त महितुडगुनु
मनसुलेनि पूज मट्टि समानमु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 44 ॥
तामुनु जनुलेमनु कॊन
बूनुदुरो दानि सरसि पॊन्दिन जडनी,
रानि पधम्बुन नडिचिन
दाननॆ धर्मात्मुडण्ड्रु तन्निट वेम! ॥ 45 ॥
मदमु वलन गलुगु माटलु मऱिपल्कि
म्रुच्चु सद्दुलनॊगि मोसपुच्चि
कासुराबॆनगॆडु कष्ठुण्डु गुरुडौने?
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 46 ॥
मनसे माया मृगमौ
मननेमिटि पैकिगानी मणिपोनीका
मनसुन मनसुनु जम्पिन
मनन्दे मुक्तिगलदु महिलो वेम! ॥ 47 ॥
मन्त्रमॊकटि चॆप्पि मऱि देवतार्चन
चेसि तमकुगरुणचॆन्दिनदनि
वेदपठन चेसि वॆर्रुलै पोदुरु,
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 48 ॥
मठमुलोनियोगि मायलन्नियुगोसि
घटमुलोन नुन्न घनुनिदॆलिसि
माट माटकुगुरु मरुवक तॆलुपुरा,
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 49 ॥
तिरिगि वच्चुवेल मरलिपोयॆडि वेल
वॆण्ट देरु धनमु वण्टबोरु
तॊनॆटकु जनुनॊ धनमॆन्दु बोवुनो
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 50 ॥
आशयनॆडु दानि गोसिवेयगालेक
मॊहबुद्दि वलन मुनुगुवारु
काशिवासुलैन गनबोरु मोक्षमु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 51 ॥
चित्तमनेडि वेरे शिथिलमैनप्पुडे
प्रकृति यनॆडि चॆट्टु पडुनु पिदप
गोर्कुलनॆडि पॆद्दकॊम्मलॆण्डुनु गदा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 52 ॥
भोगम्बुल काशिम्पक
रागद्वेषम्बु रङ्गुडदमलो
वेगमॆ मोक्ष पदम्बुनु
रागनु नातण्डु योगिरायुडु वेम! ॥ 53 ॥
चनुवारॆल्लनु जनुलं
जनिपोयिन वारि पुण्य सत्कथलॆल्लन्
विनवलॆ गनवलॆ मनवलॆ
ननि मषुलकु दॆलुसगूड दन्त्यमु वेम! ॥ 54 ॥
आशयनॆडि त्राल्ल नखिल जनम्बुलु
कट्टुपडुचु मुक्तिगानरैरि
ज्ञानखड्गमुननु खण्डिम्प रादॊको
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 55 ॥
अतिथि राक चूचि यदलिञ्चि पडवैचि
कठिन चितुलगुचु गानलेरु
कर्ममुनकु मुन्दु धर्ममु गानरो
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 56 ॥
तनु वलचिन दावलचुनु तनु
वलवक युन्ननॆनडु तावलव डिलन्
तनदु पटाटोपम्बुलु तन
मायलु पनिकिरावु धरलोन वेम! ॥ 57 ॥
माटलाड वच्चु मनसु निल्वगलेदु
तॆलुपवच्चु दन्नु तॆलियलेदु
सुरियबट्टवच्चु शूरुडु कालेडु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 58 ॥
तनकेनाडु सुभिक्षमु
तनकेनाडुनु भगम्बु तनरवयुनं
चुनु तन दशकै यॆल्लॆड
मनसन्दुन जिवुकुचुण्डु महिलो वेम! ॥ 59 ॥
ऎण्डिन मा नॊकटडविनि
मण्डिन नन्दग्नि पुट्टि यूड्चुनु चॆट्लन्
दण्डिगल वंशमॆल्लनु
चण्डालुण्डॊकडु पुट्टि चदुपुनु वेम! ॥ 60 ॥
निजमु तॆलिसियुन्न सुजिनुडानिजमुनॆ
पलुकवलयुगानि परुलकॊरकु
चावकूड दिङ्क नोपदव्यं पल्क
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 61 ॥
तामुनु जनुलेमनु कॊन
बूनुदुरो दानि सरसि पॊन्दिन जडनी,
रानि पधम्बुन नडिचिन
दाननॆ धर्मात्मुडण्ड्रु तन्निट वेम! ॥ 62 ॥
विनियु विनकयुण्डु कनियु गनक युण्डु
तलचि तलपकुण्डु तानु योगि
मनुजवरुलचेत मणिपूज गॊनुचुण्डु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 63 ॥
वॆन्न चेतबट्टि विवरम्बु तॆलियक
घृतमु कोरुनट्टि यतनि भण्डि
तानु दैवमय्यु दैवम्बु दलचुनु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 64 ॥
रूपुवङ्क पेरु रूढिगा निलुचुनु
पेरुवङ्क क्रियलु पॆनगुचुण्डु
नाशमौनु तुदकु नामरूप क्रियल्
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 65 ॥
लोभमोहमुलनु प्राभवमुलु तप्पु
तलचिन पनुलॆल्ल तप्पि चनुनु
तानॊकटि दलचिन दैवमॊण्डगुचुण्डु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 66 ॥
शान्तमे जनुलनु जयमुनॊन्दिञ्चुनु
शान्तमुननॆ गुरुवु जाड तॆलियु
शान्त भाव महिम जर्चिम्पलेमया
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 67 ॥
वेषधारिनॆपुडु विश्वसिम्पगरादु
वेषदोषमुलॊक विधयॆ यगुनु
रट्टुकादॆ मुनुपु रावणु वेषम्बु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 68 ॥
इङ्गलम्बु तोड निल सल्पुतोडनु
परुनि यालितोड पतितुतोड
सरसमाडुटॆल्ल चावुकु मूलमु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 69 ॥
ऐकमत्यमॊक्क टावश्यकं बॆप्डु
दानि बलिमि नॆन्तयैन गूडु
गड्डि वॆण्ट बॆट्टि कट्टरा येनुङ्गु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 70 ॥
तामसिञ्चि चेयदगदॆट्टि कार्यम्बु
वेगिरिम्प नदियु विषमगुनु
पच्चिकायदॆच्चि पडवेय फलमौना?
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 71 ॥
तल्ली बिड्डलकु तगवु पुट्टिञ्चॆडि
धनमु सुखमु गूर्चुननि गडिन्त्रु
कानीयॆल्ल यॆडल घन दुःखकरमदि
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 72 ॥
दॊङ्गमाटलाड दॊरुकुनॆ मोक्षमु
चेतगानि पलुकु चेटुदॆच्चु
गुरुवुपद्दु कादु गुनहैन्य मदियगु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 73 ॥
नलुगुरु कल चोटनु दा
दल चूपुचु मॆलगुचुण्डि धन्यात गनगा
दलचॆडि यातडु निच्चलु
गल माटले पलुकुचुण्डगा दगु वेम! ॥ 74 ॥
नडुचुनिच्चु नतनि बत्तॆमिच्चिन वानि
कडुपु चल्लजेसि घनत विडुचु
नडुप नेर नेर नतडु नालि मुच्चेगदा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 75 ॥
पदुगुराडुमाट पाडियै धरजॆल्लु
नॊक्कडाडुमाट यॆक्कदॆन्दु
वूरकुण्डु वानि कूरॆल्ल नोपदु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 76 ॥
पतक मन्दु नॊप्पु पलु रत्नमुल पॆम्पु
बङ्गरन्दु कूर्प बरुवु गनुनु
गानि यितर लोहमैन हीनमु गादॆ
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 77 ॥
जन्नमुलनु मरियु जन्नियल ननेक
मुल नॊनर्चियुन्न फलमुकान
राक युण्डु नीति लेकुन्न मात्रान
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 78 ॥
तप्पु पलुकु पलिकि तातोट चेसिन
कूडियुन लक्ष्मी क्रुङ्गिपोवु
नोटिकुण्ड नील्लु नॊनरगा निलुचुना
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 79 ॥
भूमि नादि यनिन भूमि फक्कुन नव्वु
दान हीनुँ जूचि धनमु नव्वु
कदन भीतुँ जूचि कालुँडु नव्वुनु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 80 ॥
नीति ज्योतिलेक निर्मलम्बगु नेदि
ऎट्लु कलगुबर मदॆन्तयैन
धनमु गलिगियुन्न दैवम्बु गलुगदु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 81 ॥
पगयुडगु गोपमुडिगिन
पगयुडुगन् कोर्कॆलुडुगु बरजन्मम्पुं
दगुलुडुगु भेदमुडिगिन
त्रिगुणमु लुडुगङ्ग मुक्ति स्थिरमगु वेम! ॥ 82 ॥
पप्पुलेनि कूडु परुलकोसह्यमे
युप्पुलेनि वाडॆ यधिक बलुडु
मुप्पुलेनि वाडु मॊदटि सुज्जानिरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 83 ॥
निक्कमैन मञ्चि नीलमॊक्कटि चालु
तलुकु बॆलुकु रालु तट्टॆडेल
चदुव पद्यमरय जालदा यॊक्कटि
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 84 ॥
परुल दत्तमॊप्पि पालनचेसिन
निल स्वदत्तमुनकु विनु मडियगु
नवनि परुल दत्त महपरिम्पग रादु
विश्वधाबिराम विनुर वेम! ॥ 85 ॥
निजमुलाडु वानि निन्दिञ्चु जगमॆल्ल
निजमु बल्करादु नीचुलकड
निज महात्मुगूड निजमाडवलयुरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 86 ॥
पदुगुराडुमाट पाडियै धरजॆल्लु
नॊक्कडाडुमाट यॆक्कदॆन्दु
वूरकुण्डु वानि कूरॆल्ल नोपदु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 87 ॥
परुल मेलु चूचि पलुगाकि वलॆ नॆप्पु
वट्टि माटलाडु वाडधमुडु
अट्टि वानि ब्रतुकु टदियेल मण्टिका
विश्वधाबिराम विनुर वेम! ॥ 88 ॥
भयमन्तयु देहमुनकॆ
भय मुडिगिन निश्चयम्बु परमात्मुनके
लयमन्तयु जीवुनके
जयमात्मकु ननुचु जगतिँ जाटुर वेम! ॥ 89 ॥
भूमि नादि यनिन भूमि फक्कुन नव्वु
दान हीनुँ जूचि धनमु नव्वु
कदन भीतुँ जूचि कालुँडु नव्वुनु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 90 ॥
माटजॆप्प विननि मनुजुडु मूर्खुडु
माट विन्न नरुडु मानुडगुनु
माट विनग जॆप्प मानुट कूडदु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 91 ॥
मनसु तॆलिसि यॊकनि माटकु ब्रतिचॆप्प
सन्तसिञ्चु नतडु चालमॆच्चु
मनसु दॆलियकुन्नडनियुचु ननुनेदो
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 92 ॥
आलिमाटलु विनि अन्नदम्मुल रोसि
वेरेपोवुवाडु वॆर्रिवाडु
कुक्कतोक पट्टि गोदारीदिना?
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 93 ॥
ज्ञानियैनवानि मानक पूजिञ्चु
मनुजुडॆप्पुडु परमुननु मुदम्बु
सुखमुनन्दुचुण्डुसूरुलु मॆच्चग
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 94 ॥
हानि कलुगबोदु हरिमदि नॆञ्चॆडु
वानि कब्दु परमु वसुधयन्दु
पूनि निष्ठमीरि पॊदलक युण्डुमु
विश्वराभिराम विनुर वेम! ॥ 95 ॥
अल्पुडॆप्पुडु पलुकु नाडम्बरमुगानु
सज्जनुण्डु पलुकु चल्लगानु
कञ्चु मोगिनट्लु कनकम्बु मोगुना
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 96 ॥
न्यायशास्त्र मरय नन्यायमुन दिञ्चु
धर्मशास्त्र मॊसगु रुग्मतम्बु
ज्योतिषमु जनमुल नीतुल दप्पिञ्चु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 97 ॥
देवुडनग वेरे देशमुन्दुन्नाडॆ
देहितोड नॆपुडु देहमन्दॆ
वाहनमुलनॆक्कि पडिदोलुचुन्नाडु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 98 ॥
भूमिलोन बुट्टु भूसारमॆल्लनु
तनुवुलोन बुट्टु तत्त्वमॆल्ल
श्रमलोन बुट्टु सर्वम्बु तानौनु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 99 ॥
व्रातकण्टॆ हॆच्चु परमीदु दैवम्बु
चेतकण्टॆ हॆच्चु व्रात लेदु
व्रात कजुडु कर्त चेतकु दाकर्त
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 100 ॥
चिप्पलोनबड्ड चिनुकु मुत्यम्बय्यॆ
नीट बड्ड चिनुकु नीट गलिसॆ
ब्राप्ति गलुगु चोट फलमेल तप्पुरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 101 ॥
इण्टि इण्टिलोननीश्वरुडुण्डग
नण्टि चूडलेक यडवुलन्दु
नुण्ट मेटञ्चुनुन्दुरा जोगुलै
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 102 ॥
चित्तशुद्धि कलिगिचेसिन पुण्यम्बु
कॊञ्चॆमैन नदियु कॊदवगादु
वित्तनम्बु मर्रि वृक्षम्बुनकु नॆन्तो
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 103 ॥
अग्निबाना मेसि यम्बुधि निङ्किञ्चु
रामुडवलि केग राक, निलिचि
चॆट्लु गिरुलु तॆच्चि सेतुवु गट्टडा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 104 ॥
ऐदु वेल्लु बलिमि हस्तम्बु पनिचेयु
नं दॊकण्डु विड्ड पॊन्दु चॆडुनु
स्वीयुडॊकडु विडिन जॆडुकदा पनिबल्मि
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 105 ॥
आत्मबुद्धि वलन नखिलम्ब तानय्यॆ
जीवबुद्धि वलन जीवुडय्यॆ
मोहबुद्धिलयमु मुन्दर गनुगॊनु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 106 ॥
गुणमुलोगलवानि कुलमॆञ्चगानेल
गुणमु कलिगॆनेनि कोटिसेयु
गणमुलेक युन्न गुड्डिगव्वयुलेदु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 107 ॥
तल्लितण्ड्रुलन्दु दयलेनि पुत्रुण्डु
पुट्टनेमि? वाडु गिट्टनेमि?
पुट्टलोनि चॆदलु पुट्टदा गिट्टदा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 108 ॥
कोपमुन घनत कॊञ्चॆमैपोवुनु
कोपमुननु गुणमु कॊरतपडुनु
कोपमणचनेनि कोरिकलीडेरु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 109 ॥
ऎलुगु तोलु तॆच्चि एडादि युतिकिना
नलुपु नलुपेकानि तॆलुपुकादु
कॊय्यबॊम्म तॆच्चि कॊट्टिते गुणियोनॆ
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 110 ॥
अल्पबुद्धिवानिकधिकारमिच्चिन
दॊड्डवारिनॆल्ल तॊलगगॊट्टु
चॆप्पुदिनॆडु कुक्क चॆरकु तीपॆरुगुना
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 111 ॥
पट्टुपट्टरादु पट्टिविडुवरादु
पट्टॆनेनि बिगिय पट्टवलयु
पट्टुविडुटकन्ना पडिचच्चुटेमेलु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 112 ॥
तुम्मचॆट्टु मुण्ड्ल तोडनेपुट्टुनु
वित्तुलॊननुण्डु वॆडलुनट्लु
मूर्खुनकुनु बुद्धि मुन्दुगा बुट्टनु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 113 ॥
कपटि वेषमूनि कडगण्ड्लु पडनेल
विपिन भूमि तिरिगि विसुगनेल
युपमुतोने मुक्ति उन्नदि चूडरा
विश्वदाभि राम विनुर वेम ॥ 114 ॥
अनुवुगानि चोट अधिकुलमनरादु
कॊञ्चॆमुन्दुटॆल्ल कॊदुवकादु
कॊण्ड यद्दमन्दु कॊञ्चमै उण्डदा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 115 ॥
मनसुलोनुन्न मर्ममन्त ऎरिगि
स्थिरमु चेसि आत्म तेटपरिचि
घटमु निल्पवलयु, घनतलिङ्केटिकि
विश्वदाभि रामविनुर वेम! ॥ 116 ॥
कदलनीयकुण्ड गट्टिगा लिङ्गम्बु
कट्टिवेयनेमि घनत कलुगु
भावमन्दु शिवुनि भाविञ्चि कानरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 117 ॥
मेक जङ्कबॆट्टिमॆलगुचु मन्दलो
ब्रमनि तिरुगु गॊल्ल पगिदिगानु
देवुनॆरुगक परदवेतल दलचु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 118 ॥
तन कुल गोत्रमु लाकृति
तन सम्पद कलिमि बलिमि तनकेलनया?
तन वॆण्टरावु निजमिदि
तन सत्यमे तोडुवच्चु तनतो
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 119 ॥
कलिमिगल्गनेमि करुण लेकुण्डिन
कलिमि तगुनॆ दुष्टकर्मुलकुनु
तेनॆगूर्पनीग तॆरुवुन बोवदा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 120 ॥
ऎण्डिन मानॊकटडविनि
मण्डिन नन्दग्नि पुट्टि यूड्चुनु चॆट्लन्
दण्डिगल वंशमॆल्लनु
चण्डालुण्डॊकडु पुट्टि चदुवुनु वेम! ॥ 121 ॥
कनुलु पोवुवाडु काल्लु पोयिनवाडु
उभयुलरयुगूडि युण्डिनट्लु
पेद पेद गूडि पॆनगॊनि युण्डुनु
विश्वदाभिरामा विनुर वेम! ॥ 122 ॥
माटलाडु गल्गु मर्ममुलॆरिगिन
पिन्नपॆद्दतनमु लॆन्नवलदु
पिन्नचेति दिव्वॆ पॆद्दगा वॆलगदा?
विश्वधाभिराम विनुर वेम! ॥ 123 ॥
कॊण्डमुच्चु पॆण्ड्लिकि कोति पेरण्टालु
मॊण्डि वानि हितुडु बण्डवाडु
दुण्डगीडुनकुनु कॊण्डॆडु दलवायि
विश्वदाभिरामा विनुर वेम! ॥ 124 ॥
झुषमु नीरु वॆडल जच्चुटे सिद्धमु
नीटनुण्डनेनि निक्किपडुनु
अण्डतॊलुगु नॆडल नन्दर पनि अट्ले
विश्वदाभि राम विनुर वेम! ॥ 125 ॥
तल्लियेड्व विनक तनयालु वगचिन
जालिपडॆडु वाडु जडुडु सुम्मि
तारतम्य मॆरुगनेरनि पशुवदि
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 126 ॥
परुलमेलु चूसि पलुकाकि वलॆ
वट्टिमाटलाडु वाडु अधमुडु
अट्टिवानि बतुकुटदि एल मण्टिका?
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 127 ॥
गङ्गि गोवुपालु गरिटडैननु चालु
कडवॆडैननु नेमि खरमुपालु
भक्तिकल्गुकूडु पट्टॆडैननु चालु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 128 ॥
चिक्कियुन्नवेल सिंहम्बुनैननु
बक्क कुक्कयैना बाधसेयु
बलिमिलेनि वेल पन्तमुलु चॆल्लवु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 129 ॥
पनसतॊनलकन्न पञ्चदारलकन्न
जुण्टितेनॆकन्न जुन्नुकन्न
चॆऱुकु रसमुकन्न चॆलुल माटलॆ तीपि
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 130 ॥
निण्डुनदुलु पारु निलचि गम्भीरमै
वॆऱ्रिवागु पाऱु वेगबॊर्लि
अल्पुडाडुरीति नधिकुण्डु नाडुना
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 131 ॥
उप्पुलेनिकूर यॊप्पदु रुचुलकु
पप्पुलेनि तिण्डि फलमुलेदु
अप्पुलेनिवाडॆ यधिक सम्पन्नुडु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 132 ॥
पसुल वन्नॆ वेरु पालॆल्ल ऒक्कटि
पुष्पजाति वेरु पूज ऒकटि
दर्शनम्बुलारु दैवम्बु ऒक्कटि
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 133 ॥
चम्पदगिन शतृवु तनचेत
चिक्कॆनेनि कीडु चेयरादु
पॊसग मेलु चेसि पॊम्मनुटे मेलु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 134 ॥
आपदगल वेल अरसि बन्धुवु जूडु
भयमु वेल जूडु बण्टुतनमु
पेदवेल जूडु पॆण्ड्लामु गुणमु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 135 ॥
उप्पु कप्पुरम्बु ऒक्क पोलिकनुण्डु
चूड चूड रुचुल जाड वेरु
पुरुषुलन्दु पुण्य पुरुषुलु वेरय
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 136 ॥
आत्म शुद्दि लेनि याचारमदियेल
भाण्डशुद्दि लेनि पाक मेल
चित्तशुद्दिलेनि शिवपूजलेलरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 137 ॥
यिनुमु विरगनेनि यिनुमूरु मुम्मारु
काचियॆतकवच्चु ग्रममु गानु
मनसु विरिगॆनेनि मरि चेर्चरादया
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 138 ॥
कुण्ड कुम्भमन्न कॊण्ड पर्वतमन्न
नुप्पु लवणमन्न नॊकटि कादॆ
भाष लिट्टॆ वेरु परतत्वमॊकटॆ
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 139 ॥
अनग ननग राग मतिश यिल्लुचुनुण्डु
दिनग दिनग वेमु तिय्यनुण्डु
साधनमुन पनुलु समकूरु धरलोन
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 140 ॥
चॆप्पुलोनि रायि चॆविलोनि जोरीग
कण्टिलोनि नलुसु कालि मुल्लु
इण्टिलोनि पोरु निन्तिन्त गादया
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 141 ॥
तप्पु लॆन्नुवारु तण्डोप तण्डम्बु
लुर्वि जनुलकॆल्ल नुण्डु तप्पु
तप्पु लॆन्नुवारु तम तप्पुलॆरुगरु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 142 ॥
मिरप गिञ्ज चूड मीद नल्लगनुण्डु
कॊरिकि जूडलोन जुरुकुमनुनु
सज्जनु लगु वारि सार मिट्लुण्डु
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 143 ॥
मेडिपण्डु चूड मेलिमै युण्डुनु
पॊट्टविच्चि चूड पुरुगुलुण्डु
पिरिकिवानि मदिनि बिङ्कमीलागुरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 144 ॥
वेरु पुरुगु चेरि वृक्षम्बु जॆरुचुनु
चीडपुरुगु चेरि चॆट्टु जॆरचु
कुत्सितुण्डु चेरि गुणवन्तु जॆरचुरा
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 145 ॥
वेषभाष लॆरिगि काषयवस्त्रमुल्
गट्टगानॆ मुक्ति गलुगबोदु
तललु बोडुलृन तलपुलू बोडूला
विश्वदाभिराम विनुर वेम! ॥ 146 ॥
About This Stotram
Overview
Vemana Satakam is a collection of 146 Telugu verses attributed to the poet-yogi Vemana, who is believed to have lived in the 17th century in Andhra Pradesh. The verses address ethics, the nature of God, social conduct, and the path to self-realization, using simple language and everyday analogies. Each verse ends with the refrain "Viswadhaabhiraamaa Vinura Vema," a signature invocation.
What are the benefits of chanting Vemana Satakam?
- Provides practical moral and ethical guidance through verse.
- Supports reflection on the nature of the self and the divine.
- Accessible philosophical teaching in vernacular Telugu.
- Encourages social awareness and righteous conduct.
- Regular reading fosters clarity of mind and values.
When is the best time to recite this?
The verses are suitable for reading or recitation during morning and evening study. They are not tied to a specific festival but are used for daily reflection and moral instruction.
Historical and traditional background
Vemana was a Telugu poet and mystic of the 17th century, associated with the Veerashaiva and Nath traditions of South India. He is regarded as a social reformer who critiqued caste rigidity and ritual formalism through accessible verse. The Vemana Satakam is not derived from an ancient scripture; it is an independent literary and devotional work. His verses have been part of Telugu oral and literary culture for centuries and remain widely studied.
Available scripts
This text is available in 14 scripts: Devanagari, Tamil, Telugu, Kannada, Malayalam, Gujarati, Bengali, Gurmukhi, Oriya, Assamese, Sinhala, IAST, ITRANS, HK. Use the script selector to read it in your preferred script.
Related Texts
- Sumati Satakam — another Telugu satakam offering moral and ethical teachings in a similar verse format.
- Dasara Padalu — devotional compositions in Telugu addressing themes of surrender to the divine.
