Stotram - Sacred Scripture

Tyagaraja Pancharatna Keerthanas Duduku Gala

Tyagaraja Pancharatna Keerthanas Duduku Gala

Stotram
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त्यागराज पञ्चरत्न कीर्तन दुडुकु गल

श्लोक 1

कूर्पु: श्री त्यागराजाचार्युलु

रागं: गौल

तालं: आदि

दुडुकु गल नन्ने दॊर

कॊडुकु ब्रोचुरा ऎन्तो

दुडुकु गल नन्ने दॊर

कडु दुर्विषयाकृश्टुडै गडिय गडियकु निण्डारु

दुडुकु गल नन्ने दॊर

श्री वनिता हृत्कुमुदाब्ज वाङ्ग्मानसागोचर

दुडुकु गल नन्ने दॊर

सकल भूतमुल यन्दु नीवै युण्डग मदिलेक पोयिन

दुडुकु गल नन्ने दॊर

चिरुत प्रायमुन नाडे भजनामृत रसविहीन कुतर्कुडैन

दुडुकु गल नन्ने दॊर

पर धनमुल कॊरकु नॊरुल मदिनि

करगबलिकि कडुपु निम्प दिरिगिनट्टि

दुडुकु गल नन्ने दॊर

तनमदिनि भुविनि सौख्यपु जीवनमे

यनुचु सदा दिनमुलु गडिपॆडि

दुडुकु गल नन्ने दॊर

तॆलियनि नटविट क्षुद्रुलु वनितलु स्ववशमौट कुपदशिञ्चि

सन्तसिल्लि स्वरलयम्बु लॆरुङ्गकनु शिलात्मुडै

सुभक्तुलकु समानमनु

दुडुकु गल नन्ने दॊर

दृष्टिकि सारम्बगु ललना सदनार्भक सेनामित धनादुलनु

देवादि देव नॆरनम्मितिनि गाकनु पदाब्ज भजनम्बु मरचिन

दुडुकु गल नन्ने दॊर

चक्कनि मुख कमलम्बुननु सदा ना मदिलो स्मरण लेकने

दुर्मदान्ध जनुल कोरि परितापमुलचे दगिलि नॊगिलि दुर्विषय

दुराशलनु रोयलेक सतत मपराधिनै चपल चित्तुडैन

दुडुकु गल नन्ने दॊर

मानवतनु दुर्लभ मनुचु नॆञ्चि परमानन्द मॊन्दलेक

मद मत्सर काम लोभ मोहमुलकु दासुडै मोसबोति गाक

मॊदटि कुलजुडगुचु भुविनि शूद्रुल पनुलु सल्पुचुनुण्टिनि गाक

नाराधमुलनु रोय सारहीन मतमुलनु साधिम्प तारुमारु

दुडुकु गल नन्ने दॊर

सतुलकै कॊन्नाल्लास्थिकै सुतुलकै कॊन्नाल्लु

धन ततुलकै तिरिगिति नय्य त्यागराजाप्त इटुवण्टि

दुडुकु गल नन्ने दॊर कॊडुकु ब्रोचुरा ऎन्तो

दुडुकु गल नन्ने दॊर

त्यागराज पञ्चरत्न कीर्तन दुडुकु गल | (Tyagaraja Pancharatna Keerthanas Duduku Gala) Lyrics | Vedic Tithi