Mantra - Sacred Scripture

Taraka Mantramu

Taraka Mantramu

Mantra
Unknown
3 Verses
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तारक मन्त्रमु

श्लोक 1

रागम्: धन्यासि

तालम्: आदि

तारक मन्त्रमु कोरिन दॊरिकॆनु

धन्युडनैतिनि ओरन्ना ॥ पल्लवि ॥

मीरिन कालुनि दूतलपालिटि

मृत्युवुयनि मदिनम्मुक युन्न ॥ अनुपल्लवि ॥ तारक मन्त्रमु ॥

मच्चिकतो नितरान्तरम्मुल मायललो पडबोकन्ना

हॆच्चुग नूटयॆनिमिदि तिरुपतुलॆलमि तिरुगपनिलेदन्ना

मुच्चटगा ता पुण्यनदुललो मुनुगुट पनियेमिटिकन्ना

वच्चॆडि परुवपु दिनमुललो सुडिपडुटलु मानकयु

श्लोक 2

॥ 1 ॥ तारक मन्त्रमु ॥

ऎन्निजन्ममुलनुण्डि चूचिननु एकोनारायणुडन्न

अन्नि रूपुलै युन्न नापरात्परु नामहात्मुनि कथ विन्ना

ऎन्नि जन्ममुलजेसिन पापमुली जन्ममुतो विडुनन्ना

अन्निटिकिदि कडसारि जन्ममु सत्यम्बिक पुट्टुट सुन्ना

श्लोक 3

॥ 2 ॥ तारक मन्त्रमु ॥

निर्मल मन्तर्लक्ष्यभावमुन नित्यानन्दमुतोनुन्न

कर्मम्बुलुविडि मोक्षपद्धतिनि कन्नुल ने जूचुचुनुन्न

धर्ममु तप्पक भद्राद्रीशुनि तन मदिलो नम्मुकयुन्न

मर्ममु दॆलिसिन रामदासुनि हृन्मन्दिरमुनने युन्न

श्लोक 4

॥ 3 ॥ तारक मन्त्रमु ॥