Stotram - Sacred Scripture

Takkuvemi Manaku

Takkuvemi Manaku

Stotram
Unknown
6 Verses
110%

तक्कुवेमि मनकू

श्लोक 1

तक्कुवेमि मनकू रामुं-डॊक्कडुण्डु वरकू

प्रक्कतोडुगा भगवन्तुडु

मन चक्रधारियै चॆन्तनॆ उण्डगा

श्लोक 2

॥ 1 ॥ तक्कुवेमि मनकू ॥

म्रुच्चुसोमकुनि मुनु जम्पिन आ

मत्समूर्ति मनपक्षमुनुण्डगा

श्लोक 3

॥ 2 ॥ तक्कुवेमि मनकू ॥

भूमिस्वर्गमुलु पॊन्दुग गॊलचिन

वामनुण्डु मनवाडै युण्डग

श्लोक 4

॥ 3 ॥ तक्कुवेमि मनकू ॥

दशग्रीवुमुनि दण्डिञ्चिन आ

धशरध रामुनि दय मनकुण्डग

श्लोक 5

॥ 4 ॥ तक्कुवेमि मनकू ॥

दुष्टकंसुनी दुञ्चिनट्टि श्री

कृष्णुडु मनपै गृपतो नुण्डग

श्लोक 6

॥ 5 ॥ तक्कुवेमि मनकू ॥

रामदासुनि गाचॆडि श्री

मन्नारायणि नॆरनम्मियुण्डग

श्लोक 7

॥ 6 ॥ तक्कुवेमि मनकू ॥

तक्कुवेमि मनकू | (Takkuvemi Manaku) Lyrics | Vedic Tithi