Sumati Satakam
Sumati Satakam
सुमती शतकम्
श्लोक 1
श्री रामुनि दयचेतनु
नारूढिग सकल जनुलु नौरा यनगा
धारालमैन नीतुलु
नोरूरग जवुलु पुट्ट नुडिवॆद सुमती
श्लोक 2
अक्करकु रानि चुट्टमु,
म्रॊक्किन वरमीनि वेल्पु, मॊहरमुन दा
नॆक्किन बारनि गुर्रमु
ग्रक्कुन विडवङ्गवलयु गदरा सुमती
॥ 1 ॥
श्लोक 3
अडिगिन जीतम्बिय्यनि
मिडिमेलपु दॊरनु गॊल्चि मिडुकुट कण्टॆन्
वडिगल यॆद्दुल गट्टुक
मडि दुन्नुकु ब्रतुक वच्चु महिलो सुमती
॥ 2 ॥
श्लोक 4
अडियास कॊलुवु गॊलुवकु,
गुडि मणियमु सेयबोकु, कुजनुल तोडन्
विडुवक कूरिमि सेयकु,
मडविनि दोडरकॊण्टि नरुगकु सुमती
॥ 3 ॥
श्लोक 5
अधरमु गदलियु, गदलक
मधुरमुलगु भाष लुडुगि मौन व्रतुडौ
अधिकार रोग पूरित
बधिरान्धक शवमु जूड बापमु सुमती
॥ 4 ॥
श्लोक 6
अप्पु कॊनि चेयु विभवमु,
मुप्पुन बृआयम्पुटालु, मूर्खुनि तपमुन्,
दप्परयनि नृपु राज्यमु
दॆप्परमै मीद गीडु दॆच्चुर सुमती
॥ 5 ॥
श्लोक 7
अप्पिच्चुवाडु, वैद्युडु
नॆप्पुडु नॆडतॆगक पारु नेरुनु, द्विजुडुन्
जॊप्पडिन यूर नुण्डुमु
चॊप्पडकुन्नट्टि यूरु चॊरकुमु सुमती
॥ 6 ॥
श्लोक 8
अल्लुनि मञ्चितनम्बु,
गॊल्लनि साहित्य विद्य, कोमलि निजमुन्,
बॊल्लुन दञ्चिन बिय्यमु,
दॆल्लनि काकुलुनु लेवु तॆलियुमु सुमती
॥ 7 ॥
श्लोक 9
आकॊन्न कूडॆ यमृतमु,
ताकॊञ्चक निच्चुवाङ्डॆ दात धरित्रिन्,
सोकोर्चुवाडॆ मनुजुडु,
तेकुव गलवाडॆ वंश तिलकुडु सुमती
॥ 8 ॥
श्लोक 10
आकलि युडुगनि कडुपुनु,
वेकटियगु लञ्ज पडुपु विडुवनि ब्रतुकुन्,
ब्राकॊन्न नूति युदकमु,
मेकल पाडियुनु रोत मेदिनि सुमती
॥ 9 ॥
श्लोक 11
इच्चुनदे विद्य, रणमुन
जॊच्चुनदे मगतनम्बु, सुकवीश्वरुलुन्
मॆच्चुनदे नेर्चु, वदुकु
वच्चुनदे कीडु सुम्मु वसुधनु सुमती
॥ 10 ॥
श्लोक 12
इम्मुग जदुवनि नोरुनु,
नम्मा यनि बिलिचि यन्न मडुगनि नोरुन्,
दम्मुल बिलुवनि नोरुनु
गुम्मरि मनु द्रव्विनट्टि गुण्टर सुमती
॥ 11 ॥
श्लोक 13
उडुमुण्डदॆ नूरेण्ड्लुनु,
बडियुण्डदॆ पेर्मि बामु पदिनूरेण्ड्लुन्,
मडुवुन गॊक्कॆर युण्डदॆ,
कडु निल बुरुषार्थ परुडु गावलॆ सुमती
॥ 12 ॥
श्लोक 14
उत्तमगुणमुलु नीचुन
कॆत्तॆऱगुन गलुग नेर्चु; नॆय्यॆडलं दा
नॆत्तिच्चि करगि पोसिन
नित्तडि बङ्गारमगुनॆ यिललो सुमती?
॥ 13 ॥
श्लोक 15
उदकमु द्रावॆडु हयमुनु,
मदमुन नुप्पॊङ्गुचुण्डु मत्तेभम्बुन्,
मॊदवु कड नुन्न वृषभमु,
जदुवनि यानीचु गडकु जनकुर सुमती
॥ 14 ॥
श्लोक 16
उपकारिकि नुपकारमु
विपरीतमु गादु सेय विवरिम्पङ्गा;
नपकारिकि नुपकारमु
नॆपमॆन्नक सेयुवाडु नेर्परि सुमती
॥ 15 ॥
श्लोक 17
उपमिम्प मॊदलु तिय्यन
कपटं बॆडनॆडनु जॆऱकु कै वडिने पो
नॆपमुलु वॆदकुनु गडपट
गपटपु दुर्जाति पॊन्दु गदरा सुमती
॥ 16 ॥
श्लोक 18
ऎप्पटि कॆय्यदि प्रस्तुत
मप्पटिका माटलाडि, यन्युल मनमुल्
नॊप्पिञ्चक, ता नॊव्वक,
तप्पिञ्चुक तिरुगुवाडु धन्युडु सुमती
॥ 17 ॥
श्लोक 19
ऎप्पुडु दप्पुलु वॆदकॆडु
नप्पुरुषुनि गॊल्वगूड ददि यॆट्लन्नन्
सर्पम्बु पडग नीडनु
गप्प वसिञ्चिन विधम्बु गदरा सुमती
॥ 18 ॥
श्लोक 20
ऎप्पुडु सम्पद कलिगिन
नप्पुडु बन्धुवुलु वत्तु रदि यॆट्लन्नन्
तॆप्पलुग जॆऱुवु निण्डिन
गप्पलु पदिवेलु चेरु गदरा सुमती
॥ 19 ॥
श्लोक 21
एऱकुमी कसुगायलु,
दूऱकुमी बन्धुजनुल दोषमु सुम्मी,
पाऱकुमी रणमन्दुन,
मीऱकुमी गुरुवु नाज्ञ मेदिनि सुमती
॥ 20 ॥
श्लोक 22
ऒक यूरिकि नॊक करणमु,
नॊक तीर्परियैन गाक, नॊगि दऱुचैनन्,
गकविकलु गाक युण्डुनॆ
सकलम्बुनु गॊट्टुवडक सहजमु सुमती
॥ 21 ॥
श्लोक 23
ऒरु नात्म दलचु सति विडु,
मऱुमाटलु पलुकु सतुल मन्निम्पकुमी,
वॆऱ पॆऱुगनि भटुनेलकु,
तऱचुग सति गवय बोकु, तगदुर सुमती
॥ 22 ॥
श्लोक 24
ऒल्लनि सति नॊल्लनि पति,
नॊल्लनि चॆलिकानि विडुव नॊल्लनि वाडे
गॊल्लण्डु, काक धरलो
गॊल्लण्डुनु गॊल्लडौनॆ गुणमुन सुमती
॥ 23 ॥
श्लोक 25
ओडल बण्ड्लुनु वच्चुनु,
ओडलु नाबण्ड्लमीद नॊप्पुग वच्चुन्,
ओडलु बण्ड्लुनु वलने
वाडम्बडु गलिमि लेमि वसुधनु सुमती
॥ 24 ॥
श्लोक 26
कडु बलवन्तुडैननु
बुडमिनि ब्रायम्पुटालि बुट्टिन यिण्टन्
दडवुण्ड निच्चॆनेनियु
बडुपुग नङ्गडिकि दानॆ बम्पुट सुमती
॥ 25 ॥
श्लोक 27
कनकपु सिंहासनमुन
शुनकमु गूर्चुण्डबॆट्टि शुभ लग्नमुनं
दॊनरग बट्टमु गट्टिन
वॆनुकटि गुणमेल मानु विनरा सुमती
॥ 26 ॥
श्लोक 28
कप्पकु नॊरगालैननु,
सर्पमुनकु रोगमैन, सति तुलुवैनन्,
मुप्पुन दरिद्रुडैननु,
तप्पदु मऱि दुःख मगुट तथ्यमु सुमती
॥ 27 ॥
श्लोक 29
कमलमुलु नीट बासिन
कमलाप्तुनि रश्मि सोकि कमलिन भङ्गिन्
तम तम नॆलवुलु दप्पिन
तम मित्रुलु शत्रुलौट तथ्यमु सुमती
॥ 28 ॥
श्लोक 30
करणमु गरणमु नम्मिन
मरणान्तक मौनु गानि मनलेडु सुमी,
करणमु दन सरि करणमु
मऱि नम्मक मर्म मीक मनवलॆ सुमती
॥ 29 ॥
श्लोक 31
करणमुल ननुसरिम्पक
विरसम्बुन दिन्न तिण्डि विकटिञ्चु जुमी
यिरुसुन कन्दॆन बॆट्टक
परमेश्वरु बण्डि यैन बारदु सुमती
॥ 30 ॥
श्लोक 32
करणमु सादैयुन्ननु,
गरि मद मुडिगिननु, बामु गऱवक युन्नन्,
धर देलु मीटकुन्ननु,
गर मरुदुग लॆक्क गॊनरु गदरा सुमती
॥ 31 ॥
श्लोक 33
कसुगाय गऱचि चूचिन
मसलक पस यॊगरु राक मधुरम्बगुना,
पस गलुगु युवतुलुण्डग
पसि बालल बॊन्दुवाडु पशुवुर सुमती
॥ 32 ॥
श्लोक 34
कवि कानि वानि व्रातयु,
नवरस भावमुलु लेनि नातुल वलपुन्,
दविलि चनु पन्दि नेयनि
विविधायुध कौशलम्बु वृधरा सुमती
॥ 33 ॥
श्लोक 35
कादु सुमी दुस्सङ्गति,
पोदुसुमी "कीर्ति" कान्त पॊन्दिन पिदपन्,
वादु सुमी यप्पिच्चुट,
लेदु सुमी सतुल वलपु लेशमु सुमती
॥ 34 ॥
श्लोक 36
कामुकुडु दनिसि विडिचिन
कोमलि बरविटुडु गवय गोरुट यॆल्लन्
ब्रेममुन जॆऱकु पिप्पिकि
चीमलु वॆस मूगिनट्लु सिद्धमु सुमती
॥ 35 ॥
श्लोक 37
कारणमु लेनि नगवुनु,
बेरणमु लेनि लेम, पृथिवी स्थलिलो
बूरणमु लेनि बूरॆयु,
वीरणमु लेनि पॆण्ड्लि वृधरा सुमती
॥ 36 ॥
श्लोक 38
कुलकान्त तोड नॆप्पुडु
गलहिम्पकु, वट्टि तप्पु घटियिम्पकुमी,
कलकण्ठि कण्ट कन्नी
रॊलिकिन सिरि यिण्ट नुण्ड नॊल्लदु सुमती
॥ 37 ॥
श्लोक 39
कूरिमि गल दिनमुललो
नेरमु लॆन्नडुनु गलुग नेरवु मऱि या
कूरिमि विरसम्बैननु
नेरमुले तोचु चुण्डु निक्कमु सुमती
॥ 38 ॥
श्लोक 40
कॊञ्चॆपु नरु सङ्गतिचे
नञ्चितमुग गीडु वच्चु नदि यॆट्लन्नन्
गिञ्चित्तु नल्लि कुट्टिन
मञ्चमुनकु जेटु वच्चु महिलो सुमती
॥ 39 ॥
श्लोक 41
कॊक्कोकमॆल्ल जदिविन,
चक्कनिवाडैन, राज चन्द्रुण्डैनन्,
मिक्किलि रॊक्कमु लिय्यक,
चिक्कदुरा वारकान्त सिद्धमु सुमती
॥ 40 ॥
श्लोक 42
कॊऱ गानि कॊडुकु बुट्टिन
कॊऱ गामियॆ कादु, तण्ड्रि गुणमुल जॆऱचुन्
चॆऱकु तुद वॆन्नु बुट्टिन
जॆऱकुन तीपॆल्ल जॆऱचु सिद्धमु सुमती
॥ 41 ॥
श्लोक 43
कोमलि विश्वासम्बुनु,
बामुलतो जॆलिमि, यन्य भामल वलपुन्,
वेमुल तिय्यदनम्बुनु,
भूमीशुल नम्मिकलुनु बॊङ्कुर सुमती
॥ 42 ॥
श्लोक 44
गडन गल मगनि जूचिन
नडुगडुगुन मडुगु लिडुदु रतिवलु दमलो,
गड नुडुगु मगनि जूचिन
नड पीनुगु वच्चॆ नञ्चु नगुदुरु सुमती
॥ 43 ॥
श्लोक 45
चिन्तिम्पकु कडचिन पनि,
किन्तुलु वलतुरनि नम्म कॆन्तयु मदिलो,
नन्तःपुर कान्तलतो
मन्तनमुल मानु मिदियॆ मतमुर सुमती
॥ 44 ॥
श्लोक 46
चीमलु पॆट्टिन पुट्टलु
पामुल किरवैनयट्लु पामरुडु दगन्
हेमम्बु गूड बॆट्टिन
भूमीशुल पाल जेरु भुविलो सुमती
॥ 45 ॥
श्लोक 47
चुट्टमुलु गानि वारलु
चुट्टमुलमु नीकटञ्चु सॊम्पु दलिर्पन्
नॆट्टुकॊनि याश्रयिन्तुरु
गट्टिग द्रव्यम्बु गलुग गदरा सुमती
॥ 46 ॥
श्लोक 48
चेतुलकु दॊडवु दानमु,
भूतलनाथुलकु दॊडवु बॊङ्कमि धरलो,
नीतियॆ तॊडवॆव्वारिकि,
नातिकि मानम्बु तॊडवु नयमुग सुमती
॥ 47 ॥
श्लोक 49
तड वोर्वक, यॊड लोर्वक,
कडु वेगं बडिचि पडिन गार्यं बगुने,
तड वोर्चिन, नॊड लोर्चिन,
जॆडिपोयिन कार्यमॆल्ल जेकुऱु सुमती
॥ 48 ॥
श्लोक 50
तन कोपमॆ तन शत्रुवु,
तन शान्तमॆ तनकु रक्ष, दय चुट्टम्बौ
तन सन्तोषमॆ स्वर्गमु,
तन दुःखमॆ नरक मण्ड्रु तथ्यमु सुमती
॥ 49 ॥
श्लोक 51
तन यूरि तपसि तपमुनु,
तन पुत्रुनि विद्य पॆम्पु, दन सति रूपुन्,
दन पॆरटि चॆट्टु मन्दुनु,
मनसुन वर्णिम्परॆट्टि मनुजुलु सुमती
॥ 50 ॥
श्लोक 52
तन कलिमि यिन्द्र भोगमु,
तन लेमियॆ स्वर्गलोक दारिद्र्यम्बुन्,
दन चावु जल प्रलयमु,
तनु वलचिन यदियॆ रम्भ तथ्यमु सुमती
॥ 51 ॥
श्लोक 53
तन वारु लेनि चोटनु,
जनमिञ्चुक लेनि चोट, जगडमु चोटन्,
अनुमानमैन चोटनु,
मनुजुनकुनु निलुव दगदु महिलो सुमती
॥ 52 ॥
श्लोक 54
तमलमु वेयनि नोरुनु,
विमतुलतो चॆलिमि चेसि वॆतबडु तॆलिविन्,
गमलमुलु लेनि कॊलकुनु,
हिमधामुडु लेनि रात्रि हीनमु सुमती
॥ 53 ॥
श्लोक 55
तलनुण्डु विषमु फणिकिनि,
वॆलयङ्गा दोक नुण्डु वृश्चिकमुनकुन्,
तल तोक यनक युण्डुनु
खलुनकु निलुवॆल्ल विषमु गदरा सुमती
॥ 54 ॥
श्लोक 56
तलपॊडुगु धनमु पोसिन
वॆलयालिकि निजमु लेदु विवरिम्पङ्गा
दल दडिवि बास जेसिन
वॆलयालिनि नम्मरादु विनरा सुमती
॥ 55 ॥
श्लोक 57
तल मासिन, नॊलु मासिन,
वलुवलु मासिननु ब्राण वल्लभुनैनन्
गुलकान्तलैन रोतुरु
तिलकिम्पग भूमिलोन दिरमुग सुमती
॥ 56 ॥
श्लोक 58
तानु भुजिम्पनि यर्थमु
मानव पति जेरु गॊन्त मऱि भूगतमौ
गानल नीगलु गूर्चिन
तेनिय यॊरु जेरुनट्लु तिरमुग सुमती
॥ 57 ॥
श्लोक 59
दग्गऱ कॊण्डॆमु सॆप्पॆडु
प्रॆग्गड पलुकुलकु राजु प्रियुडै मऱि दा
नॆग्गु ब्रज काचरिञ्चुट
बॊग्गुलकै कल्पतरुवु बॊडुचुट सुमती
॥ 58 ॥
श्लोक 60
धनपति सखुडै युण्डिन
नॆनयङ्गा शिवुडु भिक्षमॆत्तग वलसॆन्,
दन वारि कॆन्त गलिगिन
दन भाग्यमॆ तनकु गाक तथ्यमु सुमती
॥ 59 ॥
श्लोक 61
धीरुलकु जेयु मेलदि
सारम्बगु नारिकेल सलिलमु भङ्गिन्
गौरवमुनु मऱि मीदट
भूरि सुखावहमु नगुनु भुविलो सुमती
॥ 60 ॥
श्लोक 62
नडुवकुमी तॆरुवॊक्कट,
गुडुवकुमी शत्रु निण्ट गूरिमि तोडन्,
मुडुवकुमी परधनमुल,
नुडुवकुमी यॊरुल मनसु नॊव्वग सुमती
॥ 61 ॥
श्लोक 63
नम्मकु सुङ्करि, जूदरि,
नम्मकु मॊगसाल वानि, नटु वॆलयालिन्,
नम्मकु मङ्गडि वानिनि,
नम्मकु मी वाम हस्तु नवनिनि सुमती
॥ 62 ॥
श्लोक 64
नयमुन बालुं द्रावरु,
भयमुननु विषम्मुनैन भक्षिन्तुरुगा,
नयमॆन्त दोषकारियॊ,
भयमे जूपङ्ग वलयु बागुग सुमती
॥ 63 ॥
श्लोक 65
नरपतुलु मेऱ दप्पिन,
दिरमॊप्पग विधव यिण्ट दीर्परि यैनन्,
गरणमु वैदिकुडैननु,
मरणान्तक मौनुगानि मानदु सुमती
॥ 64 ॥
श्लोक 66
नवरस भावालङ्कृत
कविता गोष्टियुनु, मधुर गानम्बुनु दा
नविवेकि कॆन्त जॆप्पिन
जॆविटिकि शङ्खूदिनट्लु सिद्धमु सुमती
॥ 65 ॥
श्लोक 67
नव्वकुमी सभ लोपल,
नव्वकुमी तल्लि, दण्ड्रि, नाथुल तोडन्,
नव्वकुमी परसतितो,
नव्वकुमी विप्रवरुल नयमिदि सुमती
॥ 66 ॥
श्लोक 68
नीरे प्राणाधारमु
नोरे रसभरितमैन नुडुवुल कॆल्लन्
नारियॆ नरुलकु रत्नमु
चीरयॆ शृङ्गारमण्ड्रु सिद्धमु सुमती
॥ 67 ॥
श्लोक 69
पगवल दॆव्वरि तोडनु,
वगवङ्गा वलदु लेमि वच्चिन पिदपन्,
दॆग नाड वलदु सभलनु
मगुवकु मनसिय्य वलदु महिलो सुमती
॥ 68 ॥
श्लोक 70
पतिकडकु, दन्नु गूरिन
सतिकडकुनु, वेल्पु कडकु, सद्गुरु कडकुन्,
सुतुकडकु रित्तचेतुल
मतिमन्तुलु चनरु नीति मार्गमु सुमती
॥ 69 ॥
श्लोक 71
पनिचेयुनॆडल दासियु,
ननुभवमुन रम्भ, मन्त्रि यालोचनलन्,
दनभुक्ति यॆडल दल्लियु,
नन् दन कुलकान्त युण्डु नगुरा सुमती
॥ 70 ॥
श्लोक 72
परनारी सोदरुडै,
परधनमुल कासपडक, परुलकु हितुडै,
परुलु दनु बॊगड नॆगडक,
परु ललिगिन नलुग नतडु परमुडु सुमती
॥ 71 ॥
श्लोक 73
परसति कूटमि गोरकु,
परधनमुल कासपडकु, बरुनॆञ्चकुमी,
सरिगानि गोष्टि सेयकु,
सिरिचॆडि चुट्टम्बु कडकु जेरकु सुमती
॥ 72 ॥
श्लोक 74
परसतुल गोष्ठि नुण्डिन
पुरुषुडु गाङ्गेयुडैन भुवि निन्द पडुन्,
बरसति सुशीलयैननु
बरुसङ्गति नुन्न निन्द पालगु सुमती
॥ 73 ॥
श्लोक 75
परुलकु निष्टमु सॆप्पकु,
पॊरुगिण्ड्लकु बनुलु लेक पोवकु मॆपुडुन्,
बरु गदिसिन सति गवयकु,
मॆऱिगियु बिरुसैन हयमु लॆक्ककु सुमती
॥ 74 ॥
श्लोक 76
पर्वमुल सतुल गवयकु,
मुर्वीश्वरु करुण नम्मि युब्बकु मदिलो,
गर्विम्प नालि बॆम्पकु,
निर्वहणमु लेनि चोट निलुवकु सुमती
॥ 75 ॥
श्लोक 77
पलु दोमि सेयु विडियमु,
तलगडिगिन नाटि निद्र, तरुणुलयॆडलन्
बॊल यलुक नाटि कूटमि
वॆल यिन्तनि चॆप्परादु विनरा सुमती
॥ 76 ॥
श्लोक 78
पाटॆऱुगनि पति कॊलुवुनु,
गूटम्बुन कॆऱुकपडनि कोमलि रतियुन्,
बेटॆत्त जेयु चॆलिमियु,
नेटिकि नॆदुरीदिनट्टु लॆन्नग सुमती
॥ 77 ॥
श्लोक 79
पालनु गलसिन जलमुनु
पाल विधम्बुननॆ युण्डु बरिकिम्पङ्गा
पाल चवि जॆऱचु गावुन
पालसुडगु वानि पॊन्दु वलदुर सुमती
॥ 78 ॥
श्लोक 80
पालसुनकैन यापद
जालिम्बडि तीर्प दगदु सर्वज्ञुनकुन्
तेलग्नि बडग बट्टिन
मेलॆऱुगुनॆ मीटु गाक मेदिनि सुमती
॥ 79 ॥
श्लोक 81
पिलुवनि पनुलकु बोवुट,
गलयनि सति गतियु, राजु गाननि कॊलुवुं,
बिलुवनि पेरण्टम्बुनु,
वलुवनि चॆलिमियुनु जेय वलदुर सुमती
॥ 80 ॥
श्लोक 82
पुत्रोत्साहमु तण्ड्रिकि
पुत्रुडु जन्मिञ्चिनपुडॆ पुट्टदु, जनुला
पुत्रुनि कनुगॊनि बॊगडग
पुत्रोत्साहम्बु नाडु पॊन्दुर सुमती
॥ 81 ॥
श्लोक 83
पुरिकिनि प्राणमु गोमटि,
वरिकिनि प्राणम्बु नीरु वसुमति लोनन्,
गरिकिनि प्राणमु तॊण्डमु,
सिरिकिनि प्राणम्बु मगुव सिद्धमु सुमती
॥ 82 ॥
श्लोक 84
पुलि पालु दॆच्चि यिच्चिन,
नलवडगा गुण्डॆ गोसि यऱचे निडिनन्,
दलपॊडुगु धनमु बोसिन,
वॆलयालिकि गूर्मि लेदु विनरा सुमती
॥ 83 ॥
श्लोक 85
पॆट्टिन दिनमुल लोपल
नट्टडवुलनैन वच्चु नानार्थमुलुन्,
बॆट्टनि दिनमुल गनकपु
गट्टॆक्किन नेमि लेदु गदरा सुमती
॥ 84 ॥
श्लोक 86
पॊरुगुन बगवाडुण्डिन,
निरवॊन्दक व्रातकाडॆ येलिक यैनन्,
धर गापु कॊण्डॆमाडिन,
गरणालकु ब्रदुकु लेदु गदरा सुमती
॥ 85 ॥
श्लोक 87
बङ्गारु कुदुव बॆट्टकु,
सङ्गरमुन बाऱिपोकु सरसुडवैते,
नङ्गडि वॆच्चमु वाडकु,
वॆङ्गलितो जॆलिमि वलदु विनरा सुमती
॥ 86 ॥
श्लोक 88
बलवन्तुड नाकेमनि
पलुवुरतो निग्रहिञ्चि पलुकुट मेला,
बलवन्त मैन सर्पमु
चलि चीमल चेत जिक्कि चावदॆ सुमती
॥ 87 ॥
श्लोक 89
मदिनॊकनि वलचि युण्डग
मदिचॆडि यॊक क्रूर विटुडु मानक तिरुगुन्
बदि चिलुक पिल्लि पट्टिन
जदुवुनॆ यापञ्जरमुन जगतिनि सुमती
॥ 88 ॥
श्लोक 90
मण्डल पति समुखम्बुन
मॆण्डैन प्रधानि लेक मॆलगुट यॆल्लन्
गॊण्डन्त मदपु टेनुगु
तॊण्डमु लेकुण्डिनट्लु दोचुर सुमती
॥ 89 ॥
श्लोक 91
मन्त्रिगलवानि राज्यमु
तन्त्रमु सॆडकुण्ड निलुचु दऱचुग धरलो
मन्त्रि विहीनुनि राज्यमु
जन्त्रपु गीलूडिनट्लु जरुगदु सुमती
॥ 90 ॥
श्लोक 92
माटकु ब्राणमु सत्यमु,
कोटकु ब्राणम्बु सुभट कोटि, धरित्रिन्
बोटिकि ब्राणमु मानमु,
चीटिकि ब्राणम्बु व्रालु सिद्धमु सुमती
॥ 91 ॥
श्लोक 93
मानधनु डात्मधृति चॆडि
हीनुण्डगु वानि नाश्रयिञ्चुट यॆल्लन्
मानॆडु जलमुल लोपल
नेनुगु मॆयि दाचिनट्टु लॆऱुगुमु सुमती
॥ 92 ॥
श्लोक 94
मेलॆञ्चनि मालिन्युनि,
मालनु, मॊगसालॆवानि, मङ्गलि हितुगा
नेलिन नरपति राज्यमु
नेल गलसि पोवुगानि नॆगडदु सुमती
॥ 93 ॥
श्लोक 95
रापॊम्मनि पिलुवनि या
भूपालुनि गॊल्व भुक्ति मुक्तुलु गलवे
दीपम्बु लेनि यिण्टनु
जेपुन कील्लाडिनट्लु सिद्धमु सुमती
॥ 94 ॥
श्लोक 96
रूपिञ्चि पलिकि बॊङ्ककु,
प्रापगु चुट्टम्बु नॆग्गु पलुककु मदिलो,
गोपिञ्चु राजु गॊल्वकु,
पापपु देशम्बु सॊऱकु पदिलमु सुमती
॥ 95 ॥
श्लोक 97
लाविगलवानि कण्टॆनु
भाविम्पग नीतिपरुडु बलवन्तुण्डौ
ग्रानम्बन्त गजम्बुनु
मावटिवाडॆक्किनट्लु महिलो सुमती
॥ 96 ॥
श्लोक 98
वऱदैन चेनु दुन्नकु,
कऱवैननु बन्धुजनुल कड केगकुमी,
परुलकु मर्ममु चॆप्पकु,
पिरिकिकि दलवायि तनमु पॆट्टकु सुमती
॥ 97 ॥
श्लोक 99
वरिपण्ट लेनि यूरुनु,
दॊर युण्डनि यूरु, तोडु दॊरकनि तॆरुवुन्,
धरनु पति लेनि गृहमुनु
नरयङ्गा रुद्रभूमि यनदगु सुमती
॥ 98 ॥
श्लोक 100
विनदगु नॆव्वरु जॆप्पिन
विनिनन्तनॆ वेग पडक विवरिम्प दगुन्
कनि कल्ल निजमु दॆलिसिन
मनुजुडॆ पो नीति परुडु महिलो सुमती
॥ 99 ॥
श्लोक 101
वीडॆमु सेयनि नोरुनु,
जेडॆल यधरामृतम्बु सेयनि नोरुन्,
पाडङ्गरानि नोरुनु
बूडिद किरवैन पाडु बॊन्दर सुमती
॥ 100 ॥
श्लोक 102
वॆलयालि वलन गूरिमि
गलगदु, मऱि गलिगॆनेनि कडतेऱदुगा,
बलुवुरु नडचॆडु तॆरुवुन
मॊलवदु पुवु, मॊलिचॆनेनि पॊदलदु सुमती
॥ 101 ॥
श्लोक 103
वॆलयालु चेयु बासलु,
वॆलयग मॊगसाल बॊन्दु वॆलमल चॆलिमिन्,
गललोन गन्न कलिमियु
विलसितमुग नम्मरादु विनरा सुमती
॥ 102 ॥
श्लोक 104
वेसरपु जाति गानी,
वीसमु दा जेयनट्टि वीरिडि गानी,
दासि कॊडुकैन गानी,
कासुलु गल वाडॆ राजु गदरा सुमती
॥ 103 ॥
श्लोक 105
शुभमुल पॊन्दनि चदुवुनु,
नभिनयमुग रागरसमु नन्दनि पाटल्,
गुभ गुभलु लेनि कूटमि,
सभ मॆच्चनि माटलॆल्ल जप्पन सुमती
॥ 104 ॥
श्लोक 106
सरसमु विरसमु कॊऱके,
परिपूर्ण सुखम्बु लधिक बाधल कॊऱके,
पॆरुगुट विरुगुट कॊऱके,
धर तग्गुट हॆच्चु कॊऱकॆ तथ्यमु सुमती
॥ 105 ॥
श्लोक 107
सिरि ता वच्चिन वच्चुनु
सललितमुग नारिकेल सलिलमु भङ्गिन्,
सिरि ता बोयिन बोवुनु
करि म्रिङ्गिन वॆलग पण्डु करणिनि सुमती
॥ 106 ॥
श्लोक 108
स्त्रील यॆड वादुलाडकु,
बालुरतो जॆलिमिचेसि भाषिम्पकुमी,
मेलैन गुणमु विडुवकु,
मेलिन पति निन्द सेय कॆन्नडु सुमती
॥ 107 ॥
