Ashtakam - Sacred Scripture

Sudarshana Ashtakam (Vedantacharya Krutam)

Sudarshana Ashtakam (Vedantacharya Krutam)

Ashtakam
Unknown
9 Verses
110%

सुदर्शन अष्टकम् (वेदान्ताचार्य कृतम्)

श्लोक 1

प्रतिभटश्रेणिभीषण वरगुणस्तोमभूषण

जनिभयस्थानतारण जगदवस्थानकारण ।

निखिलदुष्कर्मकर्शन निगमसद्धर्मदर्शन

जय जय श्रीसुदर्शन जय जय श्रीसुदर्शन

श्लोक 2

शुभजगद्रूपमण्डन सुरजनत्रासखण्डन

शतमखब्रह्मवन्दित शतपथब्रह्मनन्दित ।

प्रथितविद्वत्सपक्षित भजदहिर्बुध्न्यलक्षित

जय जय श्रीसुदर्शन जय जय श्रीसुदर्शन

॥ 1 ॥

श्लोक 3

निजपदप्रीतसद्गण निरुपथिस्फीतषड्गुण

निगमनिर्व्यूढवैभव निजपरव्यूहवैभव ।

हरिहयद्वेषिदारण हरपुरप्लोषकारण

जय जय श्रीसुदर्शन जय जय श्रीसुदर्शन

॥ 2 ॥

श्लोक 4

स्फुटतटिज्जालपिञ्जर पृथुतरज्वालपञ्जर

परिगतप्रत्नविग्रह परिमितप्रज्ञदुर्ग्रह ।

प्रहरणग्राममण्डित परिजनत्राणपण्डित

जय जय श्रीसुदर्शन जय जय श्रीसुदर्शन

॥ 3 ॥

श्लोक 5

भुवननेतस्त्रयीमय सवनतेजस्त्रयीमय

निरवधिस्वादुचिन्मय निखिलशक्तेजगन्मय ।

अमितविश्वक्रियामय शमितविश्वग्भयामय

जय जय श्रीसुदर्शन जय जय श्रीसुदर्शन

॥ 4 ॥

श्लोक 6

महितसम्पत्सदक्षर विहितसम्पत्षडक्षर

षडरचक्रप्रतिष्ठित सकलतत्त्वप्रतिष्ठित ।

विविधसङ्कल्पकल्पक विबुधसङ्कल्पकल्पक

जय जय श्रीसुदर्शन जय जय श्रीसुदर्शन

॥ 5 ॥

श्लोक 7

प्रतिमुखालीढबन्धुर पृथुमहाहेतिदन्तुर

विकटमालापरिष्कृत विविधमायाबहिष्कृत ।

स्थिरमहायन्त्रयन्त्रित दृढदयातन्त्रयन्त्रित

जय जय श्रीसुदर्शन जय जय श्रीसुदर्शन

॥ 6 ॥

श्लोक 8

दनुजविस्तारकर्तन दनुजविद्याविकर्तन

जनितमिस्राविकर्तन भजदविद्यानिकर्तन ।

अमरदृष्टस्वविक्रम समरजुष्टभ्रमिक्रम

जय जय श्रीसुदर्शन जय जय श्रीसुदर्शन

॥ 7 ॥

श्लोक 9

द्विचतुष्कमिदं प्रभूतसारं

पठतां वेङ्कटनायकप्रणीतम् ।

विषमेऽपि मनोरथः प्रधावन्

न विहन्येत रथाङ्गधुर्यगुप्तः

॥ 8 ॥

श्लोक 10

इति श्री वेदान्ताचार्यस्य कृतिषु सुदर्शनाष्टकम् ।