Stotram - Sacred Scripture

Subrahmanya Aparadha Kshamapana Stotram

Subrahmanya Aparadha Kshamapana Stotram

Stotram
Unknown
8 Verses
110%

सुब्रह्मण्य अपराध क्षमापण स्तोत्रम्

श्लोक 1

नमस्ते नमस्ते गुह तारकारे

नमस्ते नमस्ते गुह शक्तिपाणे ।

नमस्ते नमस्ते गुह दिव्यमूर्ते

क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम्

श्लोक 2

नमस्ते नमस्ते गुह दानवारे

नमस्ते नमस्ते गुह चारुमूर्ते ।

नमस्ते नमस्ते गुह पुण्यमूर्ते

क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम्

॥ 1 ॥

श्लोक 3

नमस्ते नमस्ते महेशात्मपुत्र

नमस्ते नमस्ते मयूरासनस्थ ।

नमस्ते नमस्ते सरोर्भूत देव

क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम्

॥ 2 ॥

श्लोक 4

नमस्ते नमस्ते स्वयं ज्योतिरूप

नमस्ते नमस्ते परं ज्योतिरूप ।

नमस्ते नमस्ते जगं ज्योतिरूप

क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम्

॥ 3 ॥

श्लोक 5

नमस्ते नमस्ते गुह मञ्जुगात्र

नमस्ते नमस्ते गुह सच्चरित्र ।

नमस्ते नमस्ते गुह भक्तमित्र

क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम्

॥ 4 ॥

श्लोक 6

नमस्ते नमस्ते गुह लोकपाल

नमस्ते नमस्ते गुह धर्मपाल ।

नमस्ते नमस्ते गुह सत्यपाल

क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम्

॥ 5 ॥

श्लोक 7

नमस्ते नमस्ते गुह लोकदीप

नमस्ते नमस्ते गुह बोधरूप ।

नमस्ते नमस्ते गुह गानलोल

क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम्

॥ 6 ॥

श्लोक 8

नमस्ते नमस्ते महादेवसूनो

नमस्ते नमस्ते महामोहहारिन् ।

नमस्ते नमस्ते महारोगहारिन्

क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम्

॥ 7 ॥

श्लोक 9

इति श्री सुब्रह्मण्य अपराधक्षमापण स्तोत्रम् ॥