Namavali - Sacred Scripture

Sri Swarna Akarshana Bhairava Ashtottara Sata Namavali

Sri Swarna Akarshana Bhairava Ashtottara Sata Namavali

Namavali
Kala Bhairava
11 Verses
110%

श्री स्वर्णाकर्षण भैरव अष्टोत्तर शत नामावलि

श्लोक 1

ॐ भैरवेशाय नमः .

ॐ ब्रह्मविष्णुशिवात्मने नमः

ॐ त्रैलोक्यवन्धाय नमः

ॐ वरदाय नमः

ॐ वरात्मने नमः

ॐ रत्नसिंहासनस्थाय नमः

ॐ दिव्याभरणशोभिने नमः

ॐ दिव्यमाल्यविभूषाय नमः

ॐ दिव्यमूर्तये नमः

ॐ अनेकहस्ताय नमः

श्लोक 2

ॐ अनेकशिरसे नमः

ॐ अनेकनेत्राय नमः

ॐ अनेकविभवे नमः

ॐ अनेककण्ठाय नमः

ॐ अनेकांसाय नमः

ॐ अनेकपार्श्वाय नमः

ॐ दिव्यतेजसे नमः

ॐ अनेकायुधयुक्ताय नमः

ॐ अनेकसुरसेविने नमः

ॐ अनेकगुणयुक्ताय नमः

॥ 10 ॥

श्लोक 3

ॐ महादेवाय नमः

ॐ दारिद्र्यकालाय नमः

ॐ महासम्पद्प्रदायिने नमः

ॐ श्रीभैरवीसंयुक्ताय नमः

ॐ त्रिलोकेशाय नमः

ॐ दिगम्बराय नमः

ॐ दिव्याङ्गाय नमः

ॐ दैत्यकालाय नमः

ॐ पापकालाय नमः

ॐ सर्वज्ञाय नमः

॥20 ॥

श्लोक 4

ॐ दिव्यचक्षुषे नमः

ॐ अजिताय नमः

ॐ जितमित्राय नमः

ॐ रुद्ररूपाय नमः

ॐ महावीराय नमः

ॐ अनन्तवीर्याय नमः

ॐ महाघोराय नमः

ॐ घोरघोराय नमः

ॐ विश्वघोराय नमः

ॐ उग्राय नमः

॥ 30 ॥

श्लोक 5

ॐ शान्ताय नमः

ॐ भक्तानां शान्तिदायिने नमः

ॐ सर्वलोकानां गुरवे नमः

ॐ प्रणवरूपिणे नमः

ॐ वाग्भवाख्याय नमः

ॐ दीर्घकामाय नमः

ॐ कामराजाय नमः

ॐ योषितकामाय नमः

ॐ दीर्घमायास्वरूपाय नमः

ॐ महामायाय नमः

॥ 40 ॥

श्लोक 6

ॐ सृष्टिमायास्वरूपाय नमः

ॐ निसर्गसमयाय नमः

ॐ सुरलोकसुपूज्याय नमः

ॐ आपदुद्धारणभैरवाय नमः

ॐ महादारिद्र्यनाशिने नमः

ॐ उन्मूलने कर्मठाय नमः

ॐ अलक्ष्म्याः सर्वदा नमः

ॐ अजामलवद्धाय नमः

ॐ स्वर्णाकर्षणशीलाय नमः

ॐ दारिद्र्य विद्वेषणाय नमः

॥ 50 ॥

श्लोक 7

ॐ लक्ष्याय नमः

ॐ लोकत्रयेशाय नमः

ॐ स्वानन्दं निहिताय नमः

ॐ श्रीबीजरूपाय नमः

ॐ सर्वकामप्रदायिने नमः

ॐ महाभैरवाय नमः

ॐ धनाध्यक्षाय नमः

ॐ शरण्याय नमः

ॐ प्रसन्नाय नमः

ॐ आदिदेवाय नमः

॥ 60 ॥

श्लोक 8

ॐ मन्त्ररूपाय नमः

ॐ मन्त्ररूपिणे नमः

ॐ स्वर्णरूपाय नमः

ॐ सुवर्णाय नमः

ॐ सुवर्णवर्णाय नमः

ॐ महापुण्याय नमः

ॐ शुद्धाय नमः

ॐ बुद्धाय नमः

ॐ संसारतारिणे नमः

ॐ प्रचलाय नमः

॥ 70 ॥

श्लोक 9

ॐ बालरूपाय नमः

ॐ परेषां बलनाशिने नमः

ॐ स्वर्णसंस्थाय नमः

ॐ भूतलवासिने नमः

ॐ पातालवासाय नमः

ॐ अनाधाराय नमः

ॐ अनन्ताय नमः

ॐ स्वर्णहस्ताय नमः

ॐ पूर्णचन्द्रप्रतीकाशाय नमः

ॐ वदनाम्भोजशोभिने नमः

॥ 80 ॥

श्लोक 10

ॐ स्वरूपाय नमः

ॐ स्वर्णालङ्कारशोभिने नमः

ॐ स्वर्णाकर्षणाय नमः

ॐ स्वर्णाभाय नमः

ॐ स्वर्णकण्ठाय नमः

ॐ स्वर्णाभाम्बरधारिणे नमः

ॐ स्वर्णसिंहानस्थाय नमः

ॐ स्वर्णपादाय नमः

ॐ स्वर्णभपादाय नमः

ॐ स्वर्णकाञ्चीसुशोभिने नमः

॥ 90 ॥

श्लोक 11

ॐ स्वर्णजङ्घाय नमः

ॐ भक्तकामदुधात्मने नमः

ॐ स्वर्णभक्ताय नमः

ॐ कल्पवृक्षस्वरूपिणे नमः

ॐ चिन्तामणिस्वरूपाय नमः

ॐ बहुस्वर्णप्रदायिने नमः

ॐ हेमाकर्षणाय नमः

ॐ भैरवाय नमः

॥ 100 ॥

श्लोक 12

॥ इति श्री स्वर्णाकर्षण भैरव अष्टोत्तर शतनामावलिः सम्पूर्णम् ॥