Sri Swarna Akarshana Bhairava Ashtottara Sata Namavali
Sri Swarna Akarshana Bhairava Ashtottara Sata Namavali
श्री स्वर्णाकर्षण भैरव अष्टोत्तर शत नामावलि
श्लोक 1
ॐ भैरवेशाय नमः .
ॐ ब्रह्मविष्णुशिवात्मने नमः
ॐ त्रैलोक्यवन्धाय नमः
ॐ वरदाय नमः
ॐ वरात्मने नमः
ॐ रत्नसिंहासनस्थाय नमः
ॐ दिव्याभरणशोभिने नमः
ॐ दिव्यमाल्यविभूषाय नमः
ॐ दिव्यमूर्तये नमः
ॐ अनेकहस्ताय नमः
श्लोक 2
ॐ अनेकशिरसे नमः
ॐ अनेकनेत्राय नमः
ॐ अनेकविभवे नमः
ॐ अनेककण्ठाय नमः
ॐ अनेकांसाय नमः
ॐ अनेकपार्श्वाय नमः
ॐ दिव्यतेजसे नमः
ॐ अनेकायुधयुक्ताय नमः
ॐ अनेकसुरसेविने नमः
ॐ अनेकगुणयुक्ताय नमः
॥ 10 ॥
श्लोक 3
ॐ महादेवाय नमः
ॐ दारिद्र्यकालाय नमः
ॐ महासम्पद्प्रदायिने नमः
ॐ श्रीभैरवीसंयुक्ताय नमः
ॐ त्रिलोकेशाय नमः
ॐ दिगम्बराय नमः
ॐ दिव्याङ्गाय नमः
ॐ दैत्यकालाय नमः
ॐ पापकालाय नमः
ॐ सर्वज्ञाय नमः
॥20 ॥
श्लोक 4
ॐ दिव्यचक्षुषे नमः
ॐ अजिताय नमः
ॐ जितमित्राय नमः
ॐ रुद्ररूपाय नमः
ॐ महावीराय नमः
ॐ अनन्तवीर्याय नमः
ॐ महाघोराय नमः
ॐ घोरघोराय नमः
ॐ विश्वघोराय नमः
ॐ उग्राय नमः
॥ 30 ॥
श्लोक 5
ॐ शान्ताय नमः
ॐ भक्तानां शान्तिदायिने नमः
ॐ सर्वलोकानां गुरवे नमः
ॐ प्रणवरूपिणे नमः
ॐ वाग्भवाख्याय नमः
ॐ दीर्घकामाय नमः
ॐ कामराजाय नमः
ॐ योषितकामाय नमः
ॐ दीर्घमायास्वरूपाय नमः
ॐ महामायाय नमः
॥ 40 ॥
श्लोक 6
ॐ सृष्टिमायास्वरूपाय नमः
ॐ निसर्गसमयाय नमः
ॐ सुरलोकसुपूज्याय नमः
ॐ आपदुद्धारणभैरवाय नमः
ॐ महादारिद्र्यनाशिने नमः
ॐ उन्मूलने कर्मठाय नमः
ॐ अलक्ष्म्याः सर्वदा नमः
ॐ अजामलवद्धाय नमः
ॐ स्वर्णाकर्षणशीलाय नमः
ॐ दारिद्र्य विद्वेषणाय नमः
॥ 50 ॥
श्लोक 7
ॐ लक्ष्याय नमः
ॐ लोकत्रयेशाय नमः
ॐ स्वानन्दं निहिताय नमः
ॐ श्रीबीजरूपाय नमः
ॐ सर्वकामप्रदायिने नमः
ॐ महाभैरवाय नमः
ॐ धनाध्यक्षाय नमः
ॐ शरण्याय नमः
ॐ प्रसन्नाय नमः
ॐ आदिदेवाय नमः
॥ 60 ॥
श्लोक 8
ॐ मन्त्ररूपाय नमः
ॐ मन्त्ररूपिणे नमः
ॐ स्वर्णरूपाय नमः
ॐ सुवर्णाय नमः
ॐ सुवर्णवर्णाय नमः
ॐ महापुण्याय नमः
ॐ शुद्धाय नमः
ॐ बुद्धाय नमः
ॐ संसारतारिणे नमः
ॐ प्रचलाय नमः
॥ 70 ॥
श्लोक 9
ॐ बालरूपाय नमः
ॐ परेषां बलनाशिने नमः
ॐ स्वर्णसंस्थाय नमः
ॐ भूतलवासिने नमः
ॐ पातालवासाय नमः
ॐ अनाधाराय नमः
ॐ अनन्ताय नमः
ॐ स्वर्णहस्ताय नमः
ॐ पूर्णचन्द्रप्रतीकाशाय नमः
ॐ वदनाम्भोजशोभिने नमः
॥ 80 ॥
श्लोक 10
ॐ स्वरूपाय नमः
ॐ स्वर्णालङ्कारशोभिने नमः
ॐ स्वर्णाकर्षणाय नमः
ॐ स्वर्णाभाय नमः
ॐ स्वर्णकण्ठाय नमः
ॐ स्वर्णाभाम्बरधारिणे नमः
ॐ स्वर्णसिंहानस्थाय नमः
ॐ स्वर्णपादाय नमः
ॐ स्वर्णभपादाय नमः
ॐ स्वर्णकाञ्चीसुशोभिने नमः
॥ 90 ॥
श्लोक 11
ॐ स्वर्णजङ्घाय नमः
ॐ भक्तकामदुधात्मने नमः
ॐ स्वर्णभक्ताय नमः
ॐ कल्पवृक्षस्वरूपिणे नमः
ॐ चिन्तामणिस्वरूपाय नमः
ॐ बहुस्वर्णप्रदायिने नमः
ॐ हेमाकर्षणाय नमः
ॐ भैरवाय नमः
॥ 100 ॥
श्लोक 12
॥ इति श्री स्वर्णाकर्षण भैरव अष्टोत्तर शतनामावलिः सम्पूर्णम् ॥
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