Stotram - Sacred Scripture

Sri Hayagriva Sampada Stotram

Sri Hayagriva Sampada Stotram

Stotram
Unknown
5 Verses
110%

श्री हयग्रीव सम्पदा स्तोत्रम्

श्लोक 1

ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिं

आधारं सर्वविद्यानां हयग्रीवमुपास्महे

श्लोक 2

हयग्रीव हयग्रीव हयग्रीवेति वादिनम् ।

नरं मुञ्चन्ति पापानि दरिद्रमिव योषितः

॥1॥

श्लोक 3

हयग्रीव हयग्रीव हयग्रीवेति यो वदेत् ।

तस्य निस्सरते वाणी जह्नुकन्या प्रवाहवत्

॥ 1॥

श्लोक 4

हयग्रीव हयग्रीव हयग्रीवेति यो ध्वनिः ।

विशोभते स वैकुण्ठ कवाटोद्घाटनक्षमः

॥ 2॥

श्लोक 5

श्लोकत्रयमिदं पुण्यं हयग्रीवपदाङ्कितम्

वादिराजयतिप्रोक्तं पठतां सम्पदां पदम्

॥ 3॥

श्लोक 6

॥ इति श्रीमद्वादिराजपूज्यचरणविरचितं हयग्रीवसम्पदास्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

श्री हयग्रीव सम्पदा स्तोत्रम् | (Sri Hayagriva Sampada Stotram) Lyrics | Vedic Tithi