Jaya Jaya Jaya Priya Bharata
Jaya Jaya Jaya Priya Bharata
Stotram
Unknown
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जय जय जय प्रिय भारत
श्लोक 1
जय जय जय प्रिय भारत जनयित्री दिव्य धात्रि
जय जय जय शत सहस्र नरनारी हृदय नेत्रि
जय जय सश्यमल सुश्याम चलच्चेलाञ्चल
जय वसन्त कुसुम लता चलित ललित चूर्णकुन्तल
जय मदीय हृदयाशय लाक्षारुण पद युगला!
जय जय जय प्रिय भारत जनयित्री दिव्य धात्रि ...
जय दिशान्त गत शकुन्त दिव्यगान परितोषण
जय गायक वैतालिक गल विशाल पद विहरण
जय मदीय मधुरगेय चुम्बित सुन्दर चरणा!
जय जय जय प्रिय भारत जनयित्री दिव्य धात्रि
जय जय जय शत सहस्र नरनारी हृदय नेत्रि
