Stotram - Sacred Scripture

Dashavatara Stuti

Dashavatara Stuti

Stotram
Unknown
10 Verses
110%

दशावतार स्तुति

श्लोक 1

नामस्मरणादन्योपायं न हि पश्यामो भवतरणे ।

राम हरे कृष्ण हरे तव नाम वदामि सदा नृहरे ॥

वेदोद्धारविचारमते सोमकदानवसंहरणे ।

मीनाकारशरीर नमो भक्तं ते परिपालय माम्

श्लोक 2

मन्थानाचलधारणहेतो देवासुर परिपाल विभो ।

कूर्माकारशरीर नमो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 1 ॥

श्लोक 3

भूचोरकहर पुण्यमते क्रीडोद्धृतभूदेवहरे ।

क्रोडाकारशरीर नमो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 2 ॥

श्लोक 4

हिरण्यकशिपुच्छेदनहेतो प्रह्लादाऽभयधारणहेतो ।

नरसिंहाच्युतरूप नमो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 3 ॥

श्लोक 5

भवबन्धनहर विततमते पादोदकविहताघतते ।

वटुपटुवेषमनोज्ञ नमो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 4 ॥

श्लोक 6

क्षितिपतिवंशक्षयकरमूर्ते क्षितिपतिकर्ताहरमूर्ते ।

भृगुकुलराम परेश नमो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 5 ॥

श्लोक 7

सीतावल्लभ दाशरथे दशरथनन्दन लोकगुरो ।

रावणमर्दन राम नमो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 6 ॥

श्लोक 8

कृष्णानन्त कृपाजलधे कंसारे कमलेश हरे ।

कालियमर्दन लोकगुरो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 7 ॥

श्लोक 9

दानवसतिमानापहर त्रिपुरविजयमर्दनरूप ।

बुद्धज्ञाय च बौद्ध नमो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 8 ॥

श्लोक 10

शिष्टजनावन दुष्टहर खगतुरगोत्तमवाहन ते ।

कल्किरूपपरिपाल नमो भक्तं ते परिपालय माम्

॥ 9 ॥

श्लोक 11

नामस्मरणादन्योपायं न हि पश्यामो भवतरणे ।

राम हरे कृष्ण हरे तव नाम वदामि सदा नृहरे ॥

इति दशावतार स्तुतिः ।

दशावतार स्तुति | (Dashavatara Stuti) Lyrics | Vedic Tithi