Stotram - Sacred Scripture

Annamayya Keerthanas Tandanana Ahi

Annamayya Keerthanas Tandanana Ahi

Stotram
Unknown
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अन्नमय्य कीर्तन तन्दनाना अहि

श्लोक 1

रागं: नादनामक्रिया

आ: स रि1 ग3 म1 प द1 नि3

अव: नि3 द1 प म1 ग3 रि1 स नि3

तालं: आदि

पल्लवि

ब्रह्म मॊकटे, पर ब्रह्म मॊकटे,

तन्दनान अहि, तन्दनान पुरॆ

तन्दनान भला, तन्दनान ॥ (2.5)`

चरणं 1

कन्दुवगु हीनाधिकमु लिन्दु लेवु

अन्दरिकि श्रीहरे अन्तरात्म । (2)

इन्दुलो जन्तुकुल मन्ता ऒकटे

अन्दरिकी श्रीहरे अन्तरात्म ॥ (2)

तन्दनान अहि, तन्दनान पुरॆ

तन्दनान भला, तन्दनान ॥

चरणं 2

निण्डार राजु निद्रिञ्चु निद्रयुनॊकटे

अण्डने बण्टु निद्र - अदियु नॊकटे । (2)

मॆण्डैन ब्राह्मणुडु मॆट्टु भूमियॊकटे

चण्डालुडुण्डेटि सरिभूमि यॊकटे ॥ (2)

तन्दनान अहि, तन्दनान पुरॆ

तन्दनान भला, तन्दनान

चरणं 3

अनुगु देवतलकुनु अल काम सुख मॊकटे

घन कीट पशुवुलकु काम सुख मॊकटे ।

दिन महोरात्रमुलु - तॆगि धनाढ्युन कॊकटेरणम्

वॊनर निरुपेदकुनु ऒक्कटे अवियु ॥

चरणं 4

कॊरलि शिष्टान्नमुलु तुनु नाक लॊकटे

तिरुगु दुष्टान्नमुलु तिनु नाक लॊकटे ।

परग दुर्गन्धमुलपै वायु वॊकटे

वरस परिमलमुपै वायु वॊकटे ॥

चरणम5

कडगि एनुगु मीद कायु ऎण्डॊकटे

पुडमि शुनकमु मीद बॊलयु नॆण्डॊकटे । (2)

कडु पुण्युलनु - पाप कर्मुलनु सरि गाव

जडियु श्री वेङ्कटेश्वरु नाम मॊकटे ॥ (2)

तन्दनान अहि, तन्दनान पुरॆ

तन्दनान भला, तन्दनान

ब्रह्म मॊकटे, पर ब्रह्म मॊकटे,

तन्दनान अहि, तन्दनान पुरॆ

तन्दनान भला, तन्दनान