Stotram - Sacred Scripture

Narayana Stotram

Narayana Stotram

Stotram
Narayana
28 Verses
110%

नारायण स्तोत्रम्

श्लोक 1

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे ॥

नारायण नारायण जय गोपाल हरे ॥

करुणापारावार वरुणालयगम्भीर नारायण

श्लोक 2

घननीरदसङ्काश कृतकलिकल्मषनाशन नारायण

॥ 1 ॥

श्लोक 3

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

यमुनातीरविहार धृतकौस्तुभमणिहार नारायण

॥ 2 ॥

श्लोक 4

पीताम्बरपरिधान सुरकल्याणनिधान नारायण

॥ 3 ॥

श्लोक 5

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

मञ्जुलगुञ्जाभूष मायामानुषवेष नारायण

॥ 4 ॥

श्लोक 6

राधाधरमधुरसिक रजनीकरकुलतिलक नारायण

॥ 5 ॥

श्लोक 7

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

मुरलीगानविनोद वेदस्तुतभूपाद नारायण

॥ 6 ॥

श्लोक 8

वारिजभूषाभरण राजीवरुक्मिणीरमण नारायण

॥ 7 ॥

श्लोक 9

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

जलरुहदलनिभनेत्र जगदारम्भकसूत्र नारायण

॥ 8 ॥

श्लोक 10

पातकरजनीसंहार करुणालय मामुद्धर नारायण

॥ 9॥

श्लोक 11

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

अघ बकहयकंसारे केशव कृष्ण मुरारे नारायण

॥ 10 ॥

श्लोक 12

हाटकनिभपीताम्बर अभयं कुरु मे मावर नारायण

॥ 11 ॥

श्लोक 13

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

दशरथराजकुमार दानवमदसंहार नारायण

॥ 12 ॥

श्लोक 14

गोवर्धनगिरि रमण गोपीमानसहरण नारायण

॥ 14 ॥

श्लोक 15

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

सरयुतीरविहार सज्जन​ऋषिमन्दार नारायण

॥ 15 ॥

श्लोक 16

विश्वामित्रमखत्र विविधवरानुचरित्र नारायण

॥ 16 ॥

श्लोक 17

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

ध्वजवज्राङ्कुशपाद धरणीसुतसहमोद नारायण

॥ 17 ॥

श्लोक 18

जनकसुताप्रतिपाल जय जय संस्मृतिलील नारायण

॥ 18 ॥

श्लोक 19

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

दशरथवाग्धृतिभार दण्डक वनसञ्चार नारायण

॥ 19 ॥

श्लोक 20

मुष्टिकचाणूरसंहार मुनिमानसविहार नारायण

॥ 20 ॥

श्लोक 21

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

वालिविनिग्रहशौर्य वरसुग्रीवहितार्य नारायण

॥ 21 ॥

श्लोक 22

मां मुरलीकर धीवर पालय पालय श्रीधर नारायण

॥ 22 ॥

श्लोक 23

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

जलनिधि बन्धन धीर रावणकण्ठविदार नारायण

॥ 23 ॥

श्लोक 24

ताटकमर्दन राम नटगुणविविध सुराम नारायण

॥ 24 ॥

श्लोक 25

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

गौतमपत्नीपूजन करुणाघनावलोकन नारायण

॥ 25 ॥

श्लोक 26

सम्भ्रमसीताहार साकेतपुरविहार नारायण

॥ 26 ॥

श्लोक 27

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे...

अचलोद्धृतचञ्चत्कर भक्तानुग्रहतत्पर नारायण

॥ 27 ॥

श्लोक 28

नैगमगानविनोद रक्षित सुप्रह्लाद नारायण

॥ 28 ॥

श्लोक 29

नारायण नारायण जय गोविन्द हरे नारायण ॥

नारायण नारायण जय गोपाल हरे नारायण नारायण नारायण ॥

इति श्रिमच्छङ्कराचार्य विरचितं नारायण स्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥