Stotram - Sacred Scripture

Annamayya Keerthanas Jaya Lakshmi Vara Lakshmi

Annamayya Keerthanas Jaya Lakshmi Vara Lakshmi

Stotram
Lakshmi
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अन्नमय्य कीर्तन जय लक्ष्मि वर लक्ष्मि

श्लोक 1

रागं: ललित

आ: स रि1 ग3 म1 द1 नि3 स

अव: स नि3 द1 म1 ग3 रि1 स

तालं: रूपक

पल्लवि

जयलक्ष्मि वरलक्ष्मि सङ्ग्राम वीरलक्ष्मि । (2)

प्रियुरालवै हरिकि~म बॆरसितिवम्मा ॥ (2)

चरणं 1

पालजलनिधिलोनि पसनैनमीँगड (5)+(1)

मेलिमितामरलोनि मिञ्चुवासन ।

नीलवर्णुनुरमुपै निण्डिननिधानमवै (2)

येलेवु लोकमुलु मम्मेलवम्मा ॥

जयलक्ष्मि वरलक्ष्मि सङ्ग्राम वीरलक्ष्मि । (फा..)

चरणं 2

चन्दुरुतोड~म बुट्टिन सम्पदलमॆऱुँगवो

कन्दुव ब्रह्मल~म गाचेकल्पवल्लि ।

अन्दिनगोविन्दुनिकि अण्डने तोडुनीडवै

वुन्दानवु मा​इण्टने वुण्डवम्मा ॥

जयलक्ष्मि वरलक्ष्मि सङ्ग्राम वीरलक्ष्मि । (फा..)

चरणं 3

पदियारु वन्नॆलतो बङ्गारु पतिम (5)+(1)

चॆदरनि वेदमुल चिगुरुँबोडि ।

यॆदुट श्रीवेङ्कटेशुनिल्लालवै नीवु

निदुल निलिचेतल्लि नीवारमम्मा ॥

जयलक्ष्मि वरलक्ष्मि सङ्ग्राम वीरलक्ष्मि । (फा..)

प्रियुरालवै हरिकि~म बॆरसितिवम्मा ॥ (2)

अन्नमय्य कीर्तन जय लक्ष्मि वर लक्ष्मि | (Annamayya Keerthanas Jaya Lakshmi Vara Lakshmi) Lyrics | Vedic Tithi