Vedic Tithi
March 18, 2026
13 min read

उगादि 2026: तिथि, परभव संवत्सर, पचड़ी और उत्सव

उगादि 2026 की तारीख है 19 मार्च। परभव संवत्सर का अर्थ, उगादि पचड़ी के छह स्वाद, पंचांग श्रवण, पूजा मुहूर्त और डलास, हैदराबाद, न्यूयॉर्क, टोरंटो व सैन फ्रांसिस्को में उत्सव की पूरी जानकारी।

उगादि 2026: तिथि, परभव संवत्सर, पचड़ी और उत्सव

वैदिक तिथि टीम द्वारा प्रकाशित — सटीक हिंदू तिथि और पर्व जानकारी के लिए।

उगादि 2026

उगादि तेलुगु और कन्नड़ भाषी समुदायों का नव वर्ष है। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाया जाता है — हिंदू कैलेंडर के पहले महीने चैत्र की पहली तिथि। 2026 में उगादि गुरुवार, 19 मार्च को है। यह परभव नाम संवत्सर की शुरुआत का दिन है — 60 साल के बृहस्पति चक्र का 40वाँ वर्ष।

इसी दिन को कर्नाटक में युगादि और महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा कहते हैं। कैलेंडर की घटना एक ही है, लेकिन परंपराएँ अलग-अलग हैं।

उगादि 2026 कब है?

उगादि 2026 गुरुवार, 19 मार्च 2026 को है।

प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे शुरू होती है और 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे समाप्त होती है। 19 मार्च का पूरा दिन प्रतिपदा तिथि में आता है।

इस दिन ये भी होता है:

  • चैत्र नवरात्रि — पहला दिन
  • हिंदू नव वर्ष — विक्रम संवत 2083
  • शालिवाहन शक 1948 का आरंभ

उगादि 2026 पूजा मुहूर्त (नई दिल्ली / हैदराबाद, IST)

समय महत्व
सुबह 4:48 – 5:35 ब्रह्म मुहूर्त — प्रार्थना और जप के लिए
सुबह 6:52 प्रतिपदा तिथि शुरू — उगादि का आरंभ
सुबह 7:00 – 10:30 मुख्य पूजा समय — पचड़ी अर्पण और पंचांग श्रवण के लिए
दोपहर 12:05 – 12:55 अभिजित मुहूर्त — नए कार्य शुरू करने के लिए सबसे शुभ

समय ProKerala और DrikPanchang से। अपने शहर का सटीक समय पंचांग पर देखें।

परभव संवत्सर — इसका क्या मतलब है?

उगादि 2026 से शुरू होने वाला साल परभव नाम संवत्सर है। यह 60 साल के बृहस्पति चक्र का 40वाँ वर्ष है, भगवान विष्णु के अधीन दूसरे 20 वर्षों के समूह में।

परभव संस्कृत शब्द है: पर (परे/श्रेष्ठ) + भव (अस्तित्व/स्थिति)। इसका अर्थ "पराजय" या "विसर्जन" होता है। पारंपरिक ग्रंथों के अनुसार यह वह साल होता है जब अहंकार से किए गए काम सुधरते हैं — जो लोग घमंड या लापरवाही से काम करते हैं, उन्हें सीख मिलती है।

एक आम गलती: कई ज्योतिष वेबसाइटें गलती से 2026 को विश्ववसु संवत्सर बता रही हैं। विश्ववसु 2025 था (उगादि 30 मार्च 2025)। परभव 19 मार्च 2026 से शुरू होता है। यह TTD, HinduPad, Outlook India और प्रमाणिक पंचांग स्रोतों से पुष्टि है।

परभव वर्ष (2026–27) में ग्रह अधिपति

पारंपरिक पंचांग के अनुसार:

भूमिका ग्रह
राजा और कृषि अधिपति बृहस्पति
मंत्री मंगल
सेनापति / वर्षाधिपति चंद्रमा
रक्षा अधिपति शनि
अन्न-धान्य अधिपति बुध

यह संयोग आम तौर पर मध्यम वर्षा, मिश्रित कृषि उत्पाद और ऐसे साल का संकेत देता है जहाँ धैर्य और अनुशासित मेहनत फल देती है।

परभव साल — शुभ है या अशुभ?

न पूरी तरह शुभ, न पूरी तरह अशुभ। जो धैर्य और विनम्रता से काम करते हैं, उनके लिए यह अच्छा साल रह सकता है। जो अहंकार या आक्रामकता से काम करते हैं, उन्हें रुकावटें मिलती हैं। पिछला परभव साल 1966 था — उस दौर में बड़े सामाजिक और राजनीतिक बदलाव हुए थे।

उगादि, युगादि और गुड़ी पड़वा — फर्क क्या है?

तीनों एक ही कैलेंडर घटना को चिह्नित करते हैं — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा।

नाम क्षेत्र समुदाय
उगादि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तेलुगु भाषी
युगादि कर्नाटक कन्नड़ भाषी
गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र, गोवा मराठी, कोंकणी भाषी

नाम का अर्थ:

  • उगादि/युगादि: संस्कृत युग (युग/काल) + आदि (आरंभ) = "नए युग का आरंभ"
  • गुड़ी पड़वा: मराठी गुड़ी (सजाया डंडा/ध्वज) + पड़वा (चंद्र पक्ष का पहला दिन)

मुख्य अंतर:

  • गुड़ी पड़वा में घर के बाहर गुड़ी लगाई जाती है — उल्टे तांबे के लोटे, नीम-आम के पत्ते और फूलमाला से सजाया बाँस का डंडा। उगादि में गुड़ी नहीं लगाई जाती।
  • उगादि में उगादि पचड़ी और पंचांग श्रवण मुख्य रिवाज हैं।

यही नव वर्ष तमिलनाडु में पुथंडु, केरल में विषु, पंजाब में वैसाखी और असम में बिहू के रूप में मनाया जाता है — अलग-अलग तारीखों पर।

उगादि पचड़ी क्या है?

उगादि पचड़ी उगादि की सुबह सबसे पहले खाई जाने वाली चीज़ है — कुछ और खाने से पहले। इसमें छह चीज़ें होती हैं जो जीवन के छह तरह के अनुभवों को दर्शाती हैं।

सामग्री स्वाद क्या दर्शाता है
गुड़ मीठा सुख और खुशी
नीम के फूल कड़वा दुख और कठिनाई
इमली खट्टा नाराज़गी और अप्रियता
कच्चा आम कसैला आश्चर्य और चुनौती
नमक नमकीन डर और चिंता
काली मिर्च तीखा क्रोध और विरोध

पचड़ी पहले देवता को नैवेद्य के रूप में चढ़ाई जाती है, फिर सब मिलकर खाते हैं। इसे खाना एक इरादतन याद दिलाना है — जीवन में सब कुछ आता है, और नए साल में आप सब कुछ समभाव से झेलने के लिए तैयार हैं।

कर्नाटक में: यहाँ परंपरा सरल है — बस नीम के फूल और गुड़ मिलाकर बेवु बेल्ला बनाई जाती है। वही भावना, दो चीज़ों में।

काली मिर्च बनाम हरी मिर्च: पारंपरिक पंचांग ग्रंथों में देवता को काली मिर्च की सिफारिश है। हरी मिर्च घरेलू आधुनिक वेरिएंट है, पारंपरिक नहीं।

पंचांग श्रवण क्या है?

पंचांग श्रवण हिंदू पंचांग का औपचारिक पठन है जो एक विद्वान पुरोहित करते हैं। वे नए साल की भविष्यवाणी सुनाते हैं — वर्षा, कृषि, स्वास्थ्य प्रवृत्तियाँ, और ग्रहों की गतिविधियाँ — पंचांग के पाँच अंगों के आधार पर:

  1. तिथि — चंद्र तिथि
  2. वार — सप्ताह का दिन
  3. नक्षत्र — नक्षत्र
  4. योग — शुभ ग्रह संयोग
  5. करण — आधे दिन की अवधि

पठन के बाद 12 राशियों के अनुसार भविष्यवाणी होती है। अंत में पुरोहित प्रसाद देते हैं और भक्त आशीर्वाद लेते हैं।

पंचांग श्रवण मंदिरों, सामुदायिक हॉलों और घरों में होता है। हैदराबाद में राज्य सरकार रवींद्र भारती में आधिकारिक पंचांग श्रवण आयोजित करती है — 2026 में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क भी उपस्थित रहे। तेलुगु टीवी चैनल इसे लाइव दिखाते हैं।

विजयवाड़ा के इंद्रकीलाद्रि पर श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी देवस्थानम में भव्य पंचांग श्रवण होता है — मुफ्त पंचांग वितरण और उगादि पचड़ी प्रसाद के साथ।

घर पर उगादि कैसे मनाएँ

चरण 1: साफ-सफाई और सजावट

एक दिन पहले पूरा घर साफ करें। उगादि की सुबह:

  • दरवाज़े पर मुग्गु/रंगोली बनाएँ
  • दरवाज़े पर ताज़े आम के पत्तों की माला (तोरण) लगाएँ — शुभता और अच्छी फसल का प्रतीक
  • प्रवेश द्वार पर नारियल और फूल रखें

चरण 2: तेल स्नान (अभ्यंग स्नान)

सूर्योदय से पहले तिल का तेल पूरे शरीर में लगाएँ और तेल लगे रहते ही स्नान करें। यह अभ्यंग स्नान है — आयुर्वेद और पारंपरिक मान्यता के अनुसार शुद्धिकारक। तिल का तेल पिछले साल की नकारात्मकता और दुर्भाग्य को धोने वाला माना जाता है।

चरण 3: नए कपड़े

स्नान के बाद नए कपड़े पहनें — पुरानी आदतें छोड़ने और नई शुरुआत का प्रतीक।

चरण 4: उगादि पचड़ी बनाएँ और खाएँ

छह सामग्री का मिश्रण तैयार करें। पहले देवता को नैवेद्य चढ़ाएँ, फिर सब मिलकर नए साल का पहला भोजन करें।

चरण 5: पूजा

नारियल, फल, फूल और मिठाई अर्पित करें। दीप जलाएँ। प्रार्थना करें। हो सके तो मंदिर दर्शन करें।

चरण 6: पंचांग श्रवण में भाग लें

मंदिर या सामुदायिक हॉल में पंचांग श्रवण सुनने जाएँ, या तेलुगु टीवी चैनल पर लाइव देखें। USA और कनाडा में कई तेलुगु संगठन इसे ऑनलाइन स्ट्रीम करते हैं।

चरण 7: उत्सव का भोजन

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की पारंपरिक उगादि थाली:

  • पुलिहोर — इमली चावल
  • बोब्बट्लु / भक्ष्यलु — गुड़ और दाल से भरी मीठी रोटी
  • उगादि विशेष बुरेलु — मीठे तले हुए पकौड़े
  • मामिडिकाय पप्पू — कच्चे आम की दाल
  • कच्चे आम की चटनी

कर्नाटक की पारंपरिक थाली: ओब्बट्टु/होलिगे, कोसंबरी, पुलियोगरे।

2026 में शहर-दर-शहर उगादि उत्सव

डलास, टेक्सास, USA

  • राधा कृष्ण मंदिर (एलन, TX — डलास मेट्रो), 1450 N Watters Rd, Allen, TX 75002 — 19–21 मार्च 2026 उगादि और गुड़ी पड़वा उत्सव। उगादि पचड़ी बनाना, श्री वेंकटेश्वर स्वामी उंजल सेवा, वेद पारायण, भक्ति कीर्तन, रुद्राभिषेक, सत्यनारायण कथा, बच्चों के लिए रंगोली और आम-पत्ती शिल्प। वेबसाइट: radhakrishnatemple.net
  • DFW हिंदू टेम्पल सोसाइटी — उगादि/गुड़ी पड़वा पूजा। वेबसाइट: dfwhindutemple.org
  • TANTEX (Telugu Association of North Texas) — इरविंग/प्लानो/फ्रिस्को क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम। वेबसाइट: tantex.org

2026 के उगादि कार्यक्रम की पुष्टि के लिए मंदिर या संगठन से सीधे संपर्क करें।

हैदराबाद, भारत

  • रवींद्र भारती, हैदराबाद — तेलंगाना सरकार का आधिकारिक उगादि उत्सव, सुबह 9 बजे से पंचांग श्रवण के साथ। शास्त्रीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम। शाम 6 बजे से टैंक बंड पर कार्यक्रम। वेबसाइट: ravindrabharati.telangana.gov.in
  • बिरला मंदिर, नौबत पहाड़ — पंचांग पठन के साथ बड़ी भीड़ का दर्शन। फोन: 040-2343-1152.
  • हुसैन सागर (टैंक बंड) — राज्य सरकार आयोजित शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक जुटान।
  • श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, खैरताबाद — परंपरागत उगादि पूजा और पंचांग श्रवण।
  • श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी देवस्थानम, इंद्रकीलाद्रि, विजयवाड़ा — भव्य पंचांग श्रवण, मुफ्त पंचांग वितरण और उगादि पचड़ी प्रसाद।

हैदराबाद में पूरे शहर में उत्सव होता है — अधिकांश मोहल्लों में अपने-अपने पंचांग श्रवण कार्यक्रम होते हैं।

न्यूयॉर्क, USA

  • हिंदू टेम्पल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका (गणेश मंदिर), 45-57 Bowne St, Flushing, NY 11355 — उगादि दिवस (19 मार्च) से चैत्र नवरात्रि शुरू, राम नवमी तक। रोज़ विशेष पूजा, शास्त्र पाठ और कीर्तन। फोन: (718) 460-8484. वेबसाइट: nyganeshtemple.org
  • गणेश मंदिर ऑडिटोरियम, फ्लशिंग — तेलुगु और दक्षिण भारतीय समुदाय के लिए उगादि सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • न्यू जर्सी तेलुगु समुदाय — एडिसन/इसेलिन और जर्सी सिटी में 21–22 मार्च के सप्ताहांत में उगादि पचड़ी और सांस्कृतिक कार्यक्रम।

2026 के पक्के कार्यक्रम के लिए मंदिर और तेलुगु संगठनों की वेबसाइट देखें।

टोरंटो, ओंटारियो, कनाडा

  • TACA (Telugu Alliances of Canada) — उगादि उत्सवालु, 21 मार्च 2026, Toronto Pavilion, Railside Road, North York — GTA का मुख्य तेलुगु सामुदायिक कार्यक्रम। वेबसाइट: teluguassociation.ca
  • तेलंगाना कनाडा एसोसिएशन (TCA) — Michael Power Secondary School, Etobicoke में उगादि कार्यक्रम। पचड़ी, दावत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ। वेबसाइट: nri2nri.com
  • TCAGT (Telugu Cultural Association of Greater Toronto) — छह घंटे का कार्यक्रम, संगीत, नृत्य, युवा प्रतिभा शोकेस और कुकिंग प्रतियोगिता। टोरंटो, मार्खम, ब्रैम्पटन, मिसिसॉगा, ओकविल, किचनर-वाटरलू, हैमिल्टन और मिल्टन से परिवार आते हैं।

टोरंटो के कार्यक्रम आम तौर पर उगादि के सबसे नज़दीक के सप्ताहांत पर होते हैं।

सैन फ्रांसिस्को बे एरिया, USA

  • BATA (Bay Area Telugu Association) उगादि महोत्सवम 2026, 21 मार्च 2026, India Community Center, Milpitas, CA — सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक। गायिका अंजना सौम्या की प्रस्तुति। 600+ युवा प्रतियोगिता प्रतिभागी। भारत के महावाणिज्य दूतावास प्रतिनिधि, Santa Clara County DA जेफ रोज़न, Fremont मेयर राज सलवान और Milpitas मेयर Carmen Montano सहित सरकारी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित। वेबसाइट: bata.org
  • BICS उगादि मेला 2026, 21 मार्च, Cottonwood Creek K-8 School, Dublin, CA — उगादि और गुड़ी पड़वा संयुक्त मेला, खाने के स्टॉल, बच्चों की गतिविधियाँ, शॉपिंग (निःशुल्क/RSVP)।
  • Tri-Valley Kannada Sangha (TVKS), 21 मार्च, सुबह 11 बजे – दोपहर 3 बजे — कन्नड़ समुदाय का युगादि उत्सव। वेबसाइट: tvksangha.org
  • सनीवेल हिंदू मंदिर, 450 Persian Drive, Sunnyvale, CA 94089 — उगादि/नवरात्रि कार्यक्रम के लिए मंदिर कैलेंडर देखें। फोन: (408) 734-4554. वेबसाइट: sunnyvale-hindutemple.org
  • शिव-विष्णु मंदिर (HCCC), लिवरमोर — दक्षिण भारतीय मंदिर, पूरा पर्व कैलेंडर। वेबसाइट: livermoretemple.org

आम सवाल

प्रश्न: उगादि 2026 कब है?
उगादि 2026 गुरुवार, 19 मार्च 2026 को है। प्रतिपदा तिथि सुबह 6:52 बजे शुरू होती है। मुख्य पूजा समय सुबह 7:00–10:30 बजे है। अपने शहर का सटीक समय पंचांग पर देखें।

प्रश्न: उगादि 2026 में कौन सा संवत्सर शुरू होगा?
उगादि 2026 से परभव नाम संवत्सर शुरू होता है — 60 साल के बृहस्पति चक्र का 40वाँ वर्ष। पिछला साल (उगादि 2025, 30 मार्च 2025) विश्ववसु था। कई वेबसाइटें गलती से 2026 को भी विश्ववसु बता रही हैं — यह गलत है।

प्रश्न: उगादि और गुड़ी पड़वा में क्या अंतर है?
दोनों एक ही दिन होते हैं — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा। उगादि तेलुगु और कन्नड़ नाम है; गुड़ी पड़वा मराठी नाम है। रिवाज अलग हैं: उगादि में पचड़ी और पंचांग श्रवण होता है; गुड़ी पड़वा में सजाई गई गुड़ी घर के बाहर लगाई जाती है।

प्रश्न: उगादि पचड़ी क्यों खाते हैं?
उगादि पचड़ी में छह स्वाद हैं — मीठा, कड़वा, खट्टा, कसैला, नमकीन और तीखा। ये जीवन के छह तरह के अनुभव हैं। नए साल के पहले भोजन में ये खाना यह याद दिलाता है कि साल में सब कुछ आएगा — और आप तैयार हैं।

प्रश्न: पंचांग श्रवण क्या है?
यह विद्वान पुरोहित द्वारा हिंदू पंचांग का औपचारिक पठन है। इसमें साल भर की भविष्यवाणी होती है — वर्षा, कृषि, स्वास्थ्य और ग्रहों की गतिविधियाँ। यह मंदिरों और सामुदायिक हॉलों में उगादि की सुबह होता है और तेलुगु टीवी चैनलों पर लाइव दिखाया जाता है।

प्रश्न: क्या उगादि 2026 किसी और पर्व के साथ पड़ रहा है?
हाँ। 19 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का पहला दिन और हिंदू नव वर्ष (विक्रम संवत 2083) भी है।

प्रश्न: क्या भारत में उगादि पर छुट्टी होती है?
हाँ, उगादि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में राज्य सरकारी अवकाश है।

प्रश्न: उगादि पर तेल स्नान क्यों करते हैं?
उगादि की सुबह सूर्योदय से पहले तिल का तेल पूरे शरीर में लगाकर स्नान करते हैं — इसे अभ्यंग स्नान कहते हैं। यह आयुर्वेदिक और पारंपरिक शुद्धिकरण विधि है। माना जाता है कि यह पिछले साल की नकारात्मकता को धो देती है।


उगादि 2026 गुरुवार, 19 मार्च 2026 को है। इस साल परभव नाम संवत्सर शुरू हो रहा है। तेल स्नान करें, नए कपड़े पहनें, उगादि पचड़ी खाएँ, पंचांग श्रवण करें और परिवार के साथ नव वर्ष मनाएँ।

उगादि शुभाकांक्षलु! उगादि हब्बद शुभाशयगलु!

संदर्भ

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