Namavali - Sacred Scripture

1000 Names of Goddess Sita

1000 Names of Goddess Sita

Namavali
Goddess Sita
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1000 Names of Goddess Sita

ॐ सीतायै नमः।

ॐ उमायै नमः।

ॐ परमायै नमः।

ॐ शक्त्यै नमः।

ॐ अनन्तायै नमः।

ॐ निष्कलायै नमः।

ॐ अमलायै नमः।

ॐ शान्तायै नमः।

ॐ माहेश्वर्यै नमः।

ॐ शाश्वत्यै नमः।

ॐ परमाक्षरायै नमः।

ॐ अचिन्त्यायै नमः।

ॐ केवलायै नमः।

ॐ अनन्तायै नमः।

ॐ शिवात्मने नमः।

ॐ परमात्मिकायै नमः।

ॐ अनादये नमः।

ॐ अव्ययायै नमः।

ॐ शुद्धायै नमः।

ॐ देवात्मने नमः।

ॐ सर्वगोचरायै नमः।

ॐ एकानेकविभागस्थायै नमः।

ॐ मायातीतायै नमः।

ॐ सुनिर्मलायै नमः।

ॐ महामाहेश्वर्यै नमः।

ॐ शक्तायै नमः।

ॐ महादेव्यै नमः।

ॐ निरञ्जनायै नमः।

ॐ काष्ठायै नमः।

ॐ सर्वान्तरस्थायै नमः।

ॐ चिच्छक्त्यै नमः।

ॐ अतिलालसायै नमः।

ॐ जानक्यै नमः।

ॐ मिथिलानन्दायै नमः।

ॐ राक्षसान्तविधायिन्यै नमः।

ॐ रावणान्तकर्यै नमः।

ॐ रम्यायै नमः।

ॐ रामवक्षःस्थलालयायै नमः।

ॐ उमायै नमः।

ॐ सर्वात्मिकायै नमः।

ॐ विद्यायै नमः।

ॐ ज्योतिरूपायै नमः।

ॐ अयुताक्षरायै नमः।

ॐ शान्त्यै नमः।

ॐ प्रतिष्ठायै नमः।

ॐ सर्वेषां निवृत्त्यै नमः।

ॐ अमृतप्रदायै नमः।

ॐ व्योममूर्त्यै नमः।

ॐ व्योममय्यै नमः।

ॐ व्योमधारायै नमः।

ॐ अच्युतायै नमः।

ॐ लतायै नमः।

ॐ अनादिनिधनायै नमः।

ॐ योषायै नमः।

ॐ कारणात्मने नमः।

ॐ कलाकुलायै नमः।

ॐ नन्दप्रथमजायै नमः।

ॐ नाभ्यै नमः।

ॐ अमृतस्यान्तसंश्रयायै नमः।

ॐ प्राणेश्वरप्रियायै नमः।

ॐ मातामह्यै नमः।

ॐ महिषवाहनायै नमः।

ॐ प्राणेश्वर्यै नमः।

ॐ प्राणरूपायै नमः।

ॐ प्रधानपुरुषेश्वर्यै नमः।

ॐ सर्वशक्त्यै नमः।

ॐ कलायै नमः।

ॐ काष्ठायै नमः।

ॐ इन्दवे नमः।

ॐ ज्योत्स्नायै नमः।

ॐ महिमायै नमः।

ॐ आस्पदायै नमः।

ॐ सर्वकार्यनियन्त्र्यै नमः।

ॐ सर्वभूतेश्वरेश्वर्यै नमः।

ॐ अनादये नमः।

ॐ अव्यक्तगुणायै नमः।

ॐ महानन्दायै नमः।

ॐ सनातन्यै नमः।

ॐ आकाशयोन्यै नमः।

ॐ योगस्थायै नमः।

ॐ सर्वयोगेश्वरेश्वर्यै नमः।

ॐ शवासनायै नमः।

ॐ चितान्तःस्थायै नमः।

ॐ महेश्यै नमः।

ॐ वृषवाहनायै नमः।

ॐ बालिकायै नमः।

ॐ तरुण्यै नमः।

ॐ वृद्धायै नमः।

ॐ वृद्धमात्रे नमः।

ॐ जरातुरायै नमः।

ॐ महामायायै नमः।

ॐ सुदुष्पूरायै नमः।

ॐ मूलप्रकृत्रीश्वर्यै नमः।

ॐ संसारयोन्यै नमः।

ॐ सकलायै नमः।

ॐ सर्वशक्तिसमुद्भवायै नमः।

ॐ संसारसारायै नमः।

ॐ दुर्वारायै नमः।

ॐ दुर्निरीक्ष्यायै नमः।

ॐ दुरासदायै नमः।

ॐ प्राणशक्त्यै नमः।

ॐ प्राणविद्यायै नमः।

ॐ योगिन्यै नमः।

ॐ परमायै नमः।

ॐ कलायै नमः।

ॐ महाविभूत्यै नमः।

ॐ दुर्धर्षायै नमः।

ॐ मूलप्रकृतिसम्भवायै नमः।

ॐ अनाद्यनन्तविभवायै नमः।

ॐ परात्मने नमः।

ॐ पुरुषाय बलिने नमः।

ॐ सर्गस्थित्यन्तकरिण्यै नमः।

ॐ सुदुर्वाच्यायै नमः।

ॐ दुरत्ययायै नमः।

ॐ शब्दयोन्यै नमः।

ॐ शब्दमय्यै नमः।

ॐ नादाख्यायै नमः।

ॐ नादविग्रहायै नमः।

ॐ प्रधानपुरुषातीतायै नमः।

ॐ प्रधानपुरुषात्मिकायै नमः।

ॐ पुराण्यै नमः।

ॐ चिन्मय्यै नमः।

ॐ पुंसामादये नमः।

ॐ पुरुषरूपिण्यै नमः।

ॐ भूतान्तरात्मने नमः।

ॐ कूटस्थायै नमः।

ॐ महापुरुषसंज्ञितायै नमः।

ॐ जन्ममृत्युजरातीतायै नमः।

ॐ सर्वशक्तिसमन्वितायै नमः।

ॐ व्यापिन्यै नमः।

ॐ अनवच्छिन्नायै नमः।

ॐ प्रधानायै नमः।

ॐ सुप्रवेशिन्यै नमः।

ॐ क्षेत्रज्ञायै नमः।

ॐ शक्त्यै नमः।

ॐ अव्यक्तलक्षणायै नमः।

ॐ मलवर्जितायै नमः।

ॐ अनादिमायासम्भिन्नायै नमः।

ॐ त्रितत्त्वायै नमः।

ॐ प्रकृत्यै नमः।

ॐ गुणाय नमः।

ॐ महामायायै नमः।

ॐ समुत्पन्नायै नमः।

ॐ तामस्यै नमः।

ॐ पौरुष्यै नमः।

ॐ ध्रुवायै नमः।

ॐ व्यक्ताव्यक्तात्मिकायै नमः।

ॐ कृष्णायै नमः।

ॐ रक्तशुक्लायै नमः।

ॐ प्रसूतिकायै नमः।

ॐ स्वकार्यायै नमः।

ॐ कार्यजनन्यै नमः।

ॐ ब्रह्मास्यायै नमः।

ॐ ब्रह्मसंश्रयायै नमः।

ॐ व्यक्तायै नमः।

ॐ प्रथमजायै नमः।

ॐ ब्राह्म्यै नमः।

ॐ महत्यै नमः।

ॐ ज्ञानरूपिण्यै नमः।

ॐ वैराग्यैश्वर्यधर्मात्मने नमः।

ॐ ब्रह्ममूर्तये नमः।

ॐ हृदिस्थितायै नमः।

ॐ जयदायै नमः।

ॐ जित्वर्यै नमः।

ॐ जैत्र्यै नमः।

ॐ जयश्रियै नमः।

ॐ जयशालिन्यै नमः।

ॐ सुखदायै नमः।

ॐ शुभदायै नमः।

ॐ सत्यायै नमः।

ॐ शुभायै नमः।

ॐ सङ्क्षोभकारिण्यै नमः।

ॐ अपां योन्यै नमः।

ॐ स्वयम्भूत्यै नमः।

ॐ मानस्यै नमः।

ॐ तत्त्वसम्भवायै नमः।

ॐ ईश्वराण्यै नमः।

ॐ सर्वाण्यै नमः।

ॐ शङ्करार्द्धशरीरिण्यै नमः।

ॐ भवान्यै नमः।

ॐ रुद्राण्यै नमः।

ॐ महालक्ष्म्यै नमः।

ॐ अम्बिकायै नमः।

ॐ माहेश्वर्यै नमः।

ॐ समुत्पन्नायै नमः।

ॐ भुक्तिमुक्तिफलप्रदायै नमः।

ॐ सर्वेश्वर्यै नमः।

ॐ सर्ववर्णायै नमः।

ॐ नित्यायै नमः।

ॐ मुदितमानसायै नमः।

ॐ ब्रह्मेन्द्रोपेन्द्रनमितायै नमः।

ॐ शङ्करेच्छानुवर्तिन्यै नमः।

ॐ ईश्वरार्द्धासनगतायै नमः।

ॐ रघूत्तमपतिव्रतायै नमः।

ॐ सकृद्विभावितायै नमः।

ॐ सर्वसमुद्रपरिशोषिण्यै नमः।

ॐ पार्वत्यै नमः।

ॐ हिमवत्पुत्र्यै नमः।

ॐ परमानन्ददायिन्यै नमः।

ॐ गुणाढ्यायै नमः।

ॐ योगदायै नमः।

ॐ योग्यायै नमः।

ॐ ज्ञानमूर्तिर्विकासिन्यै नमः।

ॐ सावित्र्यै नमः।

ॐ कमलायै नमः।

ॐ लक्ष्म्यै नमः।

ॐ श्रिये नमः।

ॐ अनन्तोरसिस्थितायै नमः।

ॐ सरोजनिलयायै नमः।

ॐ शुभ्रायै नमः।

ॐ योगनिद्रायै नमः।

ॐ सुदर्शनायै नमः।

ॐ सरस्वत्यै नमः।

ॐ सर्वविद्यायै नमः।

ॐ जगज्ज्येष्ठायै नमः।

ॐ सुमङ्गलायै नमः।

ॐ वासव्यै नमः।

ॐ वरदायै नमः।

ॐ वाच्यायै नमः।

ॐ कीर्त्यै नमः।

ॐ सर्वार्थसाधिकायै नमः।

ॐ वागीश्वर्यै नमः।

ॐ सर्वविद्यायै नमः।

ॐ महाविद्यायै नमः।

ॐ सुशोभनायै नमः।

ॐ गुह्यविद्यायै नमः।

ॐ आत्मविद्यायै नमः।

ॐ सर्वविद्यायै नमः।

ॐ आत्मभावितायै नमः।

ॐ स्वाहायै नमः।

ॐ विश्वम्भर्यै नमः।

ॐ सिद्ध्यै नमः।

ॐ स्वधायै नमः।

ॐ मेधायै नमः।

ॐ धृत्यै नमः।

ॐ श्रुत्यै नमः।

ॐ नाभ्यै नमः।

ॐ सुनाभ्यै नमः।

ॐ सुकृत्यै नमः।

ॐ माधव्यै नमः।

ॐ नरवाहिन्यै नमः।

ॐ पूजायै नमः।

ॐ विभावर्यै नमः।

ॐ सौम्यायै नमः।

ॐ भगिन्यै नमः।

ॐ भोगदायिन्यै नमः।

ॐ शोभायै नमः।

ॐ वंशकर्यै नमः।

ॐ लीलायै नमः।

ॐ मानिन्यै नमः।

ॐ परमेष्ठिन्यै नमः।

ॐ त्रैलोक्यसुन्दर्यै नमः।

ॐ रम्यायै नमः।

ॐ सुन्दर्यै नमः।

ॐ कामचारिण्यै नमः।

ॐ महानुभावमध्यस्थायै नमः।

ॐ महामहिषमर्दिन्यै नमः।

ॐ पद्ममालायै नमः।

ॐ पापहरायै नमः।

ॐ विचित्रमुकुटाननायै नमः।

ॐ कान्तायै नमः।

ॐ चित्राम्बरधरायै नमः।

ॐ दिव्याभरणभूषितायै नमः।

ॐ हंसाख्यायै नमः।

ॐ व्योमनिलयायै नमः।

ॐ जगत्सृष्टिविवर्द्धिन्यै नमः।

ॐ निर्यन्त्रायै नमः।

ॐ मन्त्रवाहस्थायै नमः।

ॐ नन्दिन्यै नमः।

ॐ भद्रकालिकायै नमः।

ॐ आदित्यवर्णायै नमः।

ॐ कौमार्यै नमः।

ॐ मयूरवरवाहिन्यै नमः।

ॐ वृषासनगतायै नमः।

ॐ गौर्यै नमः।

ॐ महाकाल्यै नमः।

ॐ सुरार्चितायै नमः।

ॐ अदित्यै नमः।

ॐ नियतायै नमः।

ॐ रौद्र्यै नमः।

ॐ पद्मगर्भायै नमः।

ॐ विवाहनायै नमः।

ॐ विरूपाक्ष्यै नमः।

ॐ लेलिहानायै नमः।

ॐ महासुरविनाशिन्यै नमः।

ॐ महाफलायै नमः।

ॐ अनवद्याङ्ग्यै नमः।

ॐ कामपूरायै नमः।

ॐ विभावर्यै नमः।

ॐ विचित्ररत्नमुकुटायै नमः।

ॐ प्रणतर्धिविवर्धिन्यै नमः।

ॐ कौशिक्यै नमः।

ॐ कर्षिण्यै नमः।

ॐ रात्र्यै नमः।

ॐ त्रिदशार्त्तिविनाशन्यै नमः।

ॐ विरूपायै नमः।

ॐ सुरूपायै नमः।

ॐ भीमायै नमः।

ॐ मोक्षप्रदायिन्यै नमः।

ॐ भक्तार्त्तिनाशिन्यै नमः।

ॐ भव्यायै नमः।

ॐ भवभावविनाशिन्यै नमः।

ॐ निर्गुणायै नमः।

ॐ नित्यविभवायै नमः।

ॐ निःसारायै नमः।

ॐ निरपत्रपायै नमः।

ॐ यशस्विन्यै नमः।

ॐ सामगीत्यै नमः।

ॐ भावाङ्गनिलयालयायै नमः।

ॐ दीक्षायै नमः।

ॐ विद्याधर्यै नमः।

ॐ दीप्तायै नमः।

ॐ महेन्द्रविनिपातिन्यै नमः।

ॐ सर्वातिशायिन्यै नमः।

ॐ विद्यायै नमः।

ॐ सर्वशक्तिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ सर्वेश्वरप्रियायै नमः।

ॐ तार्क्ष्यै नमः।

ॐ समुद्रान्तरवासिन्यै नमः।

ॐ अकलङ्कायै नमः।

ॐ निराधारायै नमः।

ॐ नित्यसिद्धायै नमः।

ॐ निरामयायै नमः।

ॐ कामधेनवे नमः।

ॐ वेदगर्भायै नमः।

ॐ धीमत्यै नमः।

ॐ मोहनाशिन्यै नमः।

ॐ निःसङ्कल्पायै नमः।

ॐ निरातङ्कायै नमः।

ॐ विनयायै नमः।

ॐ विनयप्रदायै नमः।

ॐ ज्वालामालासहस्राढ्यायै नमः।

ॐ देवदेव्यै नमः।

ॐ मनोन्मन्यै नमः।

ॐ उर्व्यै नमः।

ॐ गुर्व्यै नमः।

ॐ गुरवे नमः।

ॐ श्रेष्ठायै नमः।

ॐ सुगुणायै नमः।

ॐ षड्गुणात्मिकायै नमः।

ॐ महाभगवत्यै नमः।

ॐ भव्यायै नमः।

ॐ वसुदेवसमुद्भवायै नमः।

ॐ महेन्द्रोपेन्द्रभगिन्यै नमः।

ॐ भक्तिगम्यपरायणायै नमः।

ॐ ज्ञानायै नमः।

ॐ ज्ञेयायै नमः।

ॐ जरातीतायै नमः।

ॐ वेदान्तविषयायै नमः।

ॐ गत्यै नमः।

ॐ दक्षिणायै नमः।

ॐ दहनायै नमः।

ॐ बाह्यायै नमः।

ॐ सर्वभूतनमस्कृतायै नमः।

ॐ योगमायायै नमः।

ॐ विभावज्ञायै नमः।

ॐ महामोहायै नमः।

ॐ महीयस्यै नमः।

ॐ सत्यायै नमः।

ॐ सर्वसमुद्भूत्यै नमः।

ॐ ब्रह्मवृक्षाश्रयायै नमः।

ॐ मत्यै नमः।

ॐ बीजाङ्कुरसमुद्भूत्यै नमः।

ॐ महाशक्त्यै नमः।

ॐ महामत्यै नमः।

ॐ ख्यात्यै नमः।

ॐ प्रतिज्ञायै नमः।

ॐ चिदे नमः।

ॐ संविदे नमः।

ॐ महायोगेन्द्रशायिन्यै नमः।

ॐ विकृत्यै नमः।

ॐ शाङ्कर्यै नमः।

ॐ शास्त्र्यै नमः।

ॐ गन्धर्वयक्षसेवितायै नमः।

ॐ वैश्वानर्यै नमः।

ॐ महाशालायै नमः।

ॐ देवसेनायै नमः।

ॐ गुहप्रियायै नमः।

ॐ महारात्र्यै नमः।

ॐ शिवानन्दायै नमः।

ॐ शच्यै नमः।

ॐ दुःस्वप्ननाशिन्यै नमः।

ॐ पूज्यायै नमः।

ॐ अपूज्यायै नमः।

ॐ जगद्धात्र्यै नमः।

ॐ दुर्विज्ञेयस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ गुहाम्बिकायै नमः।

ॐ गुहोत्पत्त्यै नमः।

ॐ महापीठायै नमः।

ॐ मरुत्सुतायै नमः।

ॐ हव्यवाहान्तरायै नमः।

ॐ गार्ग्यै नमः।

ॐ हव्यवाहसमुद्भवायै नमः।

ॐ जगद्योन्यै नमः।

ॐ जगन्मात्रे नमः।

ॐ जन्ममृत्युजरातिगायै नमः।

ॐ बुद्ध्यै नमः।

ॐ मात्रे नमः।

ॐ बुद्धिमत्यै नमः।

ॐ पुरुषान्तरवासिन्यै नमः।

ॐ तपस्विन्यै नमः।

ॐ समाधिस्थायै नमः।

ॐ त्रिनेत्रायै नमः।

ॐ दिविसंस्थितायै नमः।

ॐ सर्वेन्द्रियमनोमात्रे नमः।

ॐ सर्वभूतहृदिस्थितायै नमः।

ॐ संसारतारिण्यै नमः।

ॐ विद्यायै नमः।

ॐ ब्रह्मवादिमनोमलायै नमः।

ॐ ब्रह्माण्यै नमः।

ॐ बृहत्यै नमः।

ॐ ब्राह्म्यै नमः।

ॐ ब्रह्मभूतायै नमः।

ॐ भयावन्यै नमः।

ॐ हिरण्यमय्यै नमः।

ॐ महारात्र्यै नमः।

ॐ संसारपरिवर्तिकायै नमः।

ॐ सुमालिन्यै नमः।

ॐ सुरूपायै नमः।

ॐ तारिण्यै नमः।

ॐ भाविन्यै नमः।

ॐ प्रभायै नमः।

ॐ उन्मीलन्यै नमः।

ॐ सर्वसहायै नमः।

ॐ सर्वप्रत्ययसाक्षिण्यै नमः।

ॐ तपिन्यै नमः।

ॐ तापिन्यै नमः।

ॐ विश्वायै नमः।

ॐ भोगदायै नमः।

ॐ धारिण्यै नमः।

ॐ धरायै नमः।

ॐ सुसौम्यायै नमः।

ॐ चन्द्रवदनायै नमः।

ॐ ताण्डवासक्तमानसायै नमः।

ॐ सत्त्वशुद्धिकर्यै नमः।

ॐ शुद्ध्यै नमः।

ॐ मलत्रयविनाशिन्यै नमः।

ॐ जगत्प्रियायै नमः।

ॐ जगन्मूर्त्यै नमः।

ॐ त्रिमूर्त्यै नमः।

ॐ अमृताश्रयायै नमः।

ॐ निराश्रयायै नमः।

ॐ निराहारायै नमः।

ॐ निरङ्कुशरणोद्भभवायै नमः।

ॐ चक्रहस्तायै नमः।

ॐ विचित्राङ्ग्यै नमः।

ॐ स्रग्विण्यै नमः।

ॐ पद्मधारिण्यै नमः।

ॐ परापरविधानज्ञायै नमः।

ॐ महापुरुषपूर्वजायै नमः।

ॐ विद्येश्वरप्रियायै नमः।

ॐ अविद्यायै नमः।

ॐ विद्युज्जिह्वायै नमः।

ॐ जितश्रमायै नमः।

ॐ विद्यामय्यै नमः।

ॐ सहस्राक्ष्यै नमः।

ॐ सहस्रश्रवणात्मजायै नमः।

ॐ सहस्ररश्मिपद्मस्थायै नमः।

ॐ महेश्वरपदाश्रयायै नमः।

ॐ ज्वालिन्यै नमः।

ॐ सन्मनसे नमः।

ॐ व्याप्तायै नमः।

ॐ तैजस्यै नमः।

ॐ पद्मरोधिकायै नमः।

ॐ महादेवाश्रयायै नमः।

ॐ मान्यायै नमः।

ॐ महादेवमनोरमायै नमः।

ॐ व्योमलक्ष्म्यै नमः।

ॐ सिंहस्थायै नमः।

ॐ चेकितान्यै नमः।

ॐ अमितप्रभायै नमः।

ॐ विश्वेश्वर्यै नमः।

ॐ विमानस्थायै नमः।

ॐ विशोकायै नमः।

ॐ शोकनाशिन्यै नमः।

ॐ अनाहतायै नमः।

ॐ कुण्डलिन्यै नमः।

ॐ नलिन्यै नमः।

ॐ पद्मवासिन्यै नमः।

ॐ शतानन्दायै नमः।

ॐ सतां कीर्त्यै नमः।

ॐ सर्वभूताशयस्थितायै नमः।

ॐ वाग्देवतायै नमः।

ॐ ब्रह्मकलायै नमः।

ॐ कलातीतायै नमः।

ॐ कलावत्यै नमः।

ॐ ब्रह्मर्षये नमः।

ॐ ब्रह्महृदयायै नमः।

ॐ ब्रह्मविष्णुशिवप्रियायै नमः।

ॐ व्योमशक्त्यै नमः।

ॐ क्रियाशक्त्यै नमः।

ॐ जनशक्त्यै नमः।

ॐ परायै गत्यै नमः।

ॐ क्षोभिकायै नमः।

ॐ रौद्रिकायै नमः।

ॐ अभेद्यायै नमः।

ॐ भेदाभेदविवर्जितायै नमः।

ॐ अभिन्नायै नमः।

ॐ भिन्नसंस्थानायै नमः।

ॐ वंशिन्यै नमः।

ॐ वंशहारिण्यै नमः।

ॐ गुह्यशक्त्यै नमः।

ॐ गुणातीतायै नमः।

ॐ सर्वदायै नमः।

ॐ सर्वतोमुख्यै नमः।

ॐ भगिन्यै नमः।

ॐ भगवत्पत्न्यै नमः।

ॐ सकलायै नमः।

ॐ कालकारिण्यै नमः।

ॐ सर्वविदे नमः।

ॐ सर्वतोभद्रायै नमः।

ॐ गुह्यातीतायै नमः।

ॐ गुहावल्यै नमः।

ॐ प्रक्रियायै नमः।

ॐ योगमात्रे नमः।

ॐ गन्धायै नमः।

ॐ विश्वेश्वरेश्वर्यै नमः।

ॐ कपिलायै नमः।

ॐ कपिलाकान्तायै नमः।

ॐ कनकाभायै नमः।

ॐ कलान्तरायै नमः।

ॐ पुण्यायै नमः।

ॐ पुष्करिण्यै नमः।

ॐ भोक्त्र्यै नमः।

ॐ पुरन्दरपुरःसरायै नमः।

ॐ पोषण्यै नमः।

ॐ परमैश्वर्यभूतिदायै नमः।

ॐ भूतिभूषणायै नमः।

ॐ पञ्चब्रह्मसमुत्पत्त्यै नमः।

ॐ परमात्मात्ऽऽमविग्रहायै नमः।

ॐ नर्मोदयायै नमः।

ॐ भानुमत्यै नमः।

ॐ योगिज्ञेयायै नमः।

ॐ मनोजवायै नमः।

ॐ बीजरूपायै नमः।

ॐ रजोरूपायै नमः।

ॐ वशिन्यै नमः।

ॐ योगरूपिण्यै नमः।

ॐ सुमन्त्रायै नमः।

ॐ मन्त्रिण्यै नमः।

ॐ पूर्णायै नमः।

ॐ ह्लादिन्यै नमः।

ॐ क्लेशनाशिन्यै नमः।

ॐ मनोहर्यै नमः।

ॐ मनोरक्ष्यै नमः।

ॐ तापस्यै नमः।

ॐ वेदरूपिण्यै नमः।

ॐ वेदशक्त्यै नमः।

ॐ वेदमात्रे नमः।

ॐ वेदविद्याप्रकाशिन्यै नमः।

ॐ योगेश्वरेश्वर्यै नमः।

ॐ मालायै नमः।

ॐ महाशक्त्यै नमः।

ॐ मनोमय्यै नमः।

ॐ विश्वावस्थायै नमः।

ॐ वीरमुक्त्यै नमः।

ॐ विद्युन्मालायै नमः।

ॐ विहायस्यै नमः।

ॐ पीवर्यै नमः।

ॐ सुरभ्यै नमः।

ॐ वन्द्यायै नमः।

ॐ नन्दिन्यै नमः।

ॐ नन्दवल्लभायै नमः।

ॐ भारत्यै नमः।

ॐ परमानन्दायै नमः।

ॐ परापरविभेदिकायै नमः।

ॐ सर्वप्रहरणोपेतायै नमः।

ॐ काम्यायै नमः।

ॐ कामेश्वरेश्वर्यै नमः।

ॐ अचिन्त्यायै नमः।

ॐ अचिन्त्यमहिम्ने नमः।

ॐ दुर्लेखायै नमः।

ॐ कनकप्रभायै नमः।

ॐ कूष्माण्ड्यै नमः।

ॐ धनरत्नाढ्यायै नमः।

ॐ सुगन्धायै नमः।

ॐ गन्धदायिन्यै नमः।

ॐ त्रिविक्रमपदोद्भूतायै नमः।

ॐ धनुष्पाणये नमः।

ॐ शिरोहयायै नमः।

ॐ सुदुर्लभायै नमः।

ॐ धनाध्यक्षायै नमः।

ॐ धन्यायै नमः।

ॐ पिङ्गललोचनायै नमः।

ॐ भ्रान्त्यै नमः।

ॐ प्रभावत्यै नमः।

ॐ दीप्त्यै नमः।

ॐ पङ्कजायतलोचनायै नमः।

ॐ आद्यायै नमः।

ॐ हृत्कमलोद्भूतायै नमः।

ॐ परायै मात्रे नमः।

ॐ रणप्रियायै नमः।

ॐ सत्क्रियायै नमः।

ॐ गिरिजायै नमः।

ॐ नित्यशुद्धायै नमः।

ॐ पुष्पनिरन्तरायै नमः।

ॐ दुर्गायै नमः।

ॐ कात्यायन्यै नमः।

ॐ चण्ड्यै नमः।

ॐ चर्चिकायै नमः।

ॐ शान्तविग्रहायै नमः।

ॐ हिरण्यवर्णायै नमः।

ॐ रजन्यै नमः।

ॐ जगन्मन्त्रप्रवर्तिकायै नमः।

ॐ मन्दराद्रिनिवासायै नमः।

ॐ शारदायै नमः।

ॐ स्वर्णमालिन्यै नमः।

ॐ रत्नमालायै नमः।

ॐ रत्नगर्भायै नमः।

ॐ पृथ्व्यै नमः।

ॐ विश्वप्रमाथिन्यै नमः।

ॐ पद्मासनायै नमः।

ॐ पद्मनिभायै नमः।

ॐ नित्यतुष्टायै नमः।

ॐ अमृतोद्भवायै नमः।

ॐ धुन्वत्यै नमः।

ॐ दुष्प्रकम्पायै नमः।

ॐ सूर्यमात्रे नमः।

ॐ दृषद्वत्यै नमः।

ॐ महेन्द्रभगिन्यै नमः।

ॐ मायायै नमः।

ॐ वरेण्यायै नमः।

ॐ वरदर्पितायै नमः।

ॐ कल्याण्यै नमः।

ॐ कमलायै नमः।

ॐ रामायै नमः।

ॐ पञ्चभूतवरप्रदायै नमः।

ॐ वाच्यायै नमः।

ॐ परेश्वर्यै नमः।

ॐ नन्द्यायै नमः।

ॐ दुर्जयायै नमः।

ॐ दुरतिक्रमायै नमः।

ॐ कालरात्र्यै नमः।

ॐ महावेगायै नमः।

ॐ वीरभद्रहितप्रियायै नमः।

ॐ भद्रकाल्यै नमः।

ॐ जगन्मात्रे नमः।

ॐ भक्तानां भद्रदायिन्यै नमः।

ॐ करालायै नमः।

ॐ पिङ्गलाकारायै नमः।

ॐ सामवेदायै नमः।

ॐ महानदायै नमः।

ॐ तपस्विन्यै नमः।

ॐ यशोदायै नमः।

ॐ यथाध्वपरिवर्तिन्यै नमः।

ॐ शङ्खिन्यै नमः।

ॐ पद्मिन्यै नमः।

ॐ साङ्ख्यायै नमः।

ॐ साङ्ख्ययोगप्रवर्तिकायै नमः।

ॐ चैत्र्यै नमः।

ॐ संवत्सरायै नमः।

ॐ रुद्रायै नमः।

ॐ जगत्सम्पूरण्यै नमः।

ॐ इन्द्रजायै नमः।

ॐ शुम्भार्यै नमः।

ॐ खेचर्यै नमः।

ॐ खस्थायै नमः।

ॐ कम्बुग्रीवायै नमः।

ॐ कलिप्रियायै नमः।

ॐ खरध्वजायै नमः।

ॐ खरारूढायै नमः।

ॐ परार्ध्यायै नमः।

ॐ परमालिन्यै नमः।

ॐ ऐश्वर्यरत्ननिलयायै नमः।

ॐ विरक्तायै नमः।

ॐ गरुडासनायै नमः।

ॐ जयन्त्यै नमः।

ॐ हृद्गुहारम्यायै नमः।

ॐ सत्त्ववेगायै नमः।

ॐ गणाग्रण्यै नमः।

ॐ सङ्कल्पसिद्धायै नमः।

ॐ साम्यस्थायै नमः।

ॐ सर्वविज्ञानदायिन्यै नमः।

ॐ कलिकल्मषहन्त्र्यै नमः।

ॐ गुह्योपनिषदे नमः।

ॐ उत्तमायै नमः।

ॐ नित्यदृष्ट्यै नमः।

ॐ स्मृत्यै नमः।

ॐ व्याप्त्यै नमः।

ॐ पुष्ट्यै नमः।

ॐ तुष्ट्यै नमः।

ॐ क्रियावत्यै नमः।

ॐ विश्वामरेश्वरायै नमः।

ॐ ईशानायै नमः।

ॐ भुक्त्यै नमः।

ॐ मुक्त्यै नमः।

ॐ शिवामृतायै नमः।

ॐ लोहितायै नमः।

ॐ सर्वमात्रे नमः।

ॐ भीषणायै नमः।

ॐ वनमालिन्यै नमः।

ॐ अनन्तशयनायै नमः।

ॐ अनाद्यायै नमः।

ॐ नरनारायणोद्भवायै नमः।

ॐ नृसिंह्यै नमः।

ॐ दैत्यमथिन्यै नमः।

ॐ शङ्खचक्रगदाधरायै नमः।

ॐ सङ्कर्षणसमुत्पत्त्यै नमः।

ॐ अम्बिकोपात्तसंश्रयायै नमः।

ॐ महाज्वालायै नमः।

ॐ महामूर्त्यै नमः।

ॐ सुमूर्त्यै नमः।

ॐ सर्वकामदुहे नमः।

ॐ सुप्रभायै नमः।

ॐ सुतरां गौर्यै नमः।

ॐ धर्मकामार्थमोक्षदायै नमः।

ॐ भ्रूमध्यनिलयायै नमः।

ॐ अपूर्वायै नमः।

ॐ प्रधानपुरुषायै नमः।

ॐ बल्यै नमः।

ॐ महाविभूतिदायै नमः।

ॐ मध्यायै नमः।

ॐ सरोजनयनासनायै नमः।

ॐ अष्टादशभुजायै नमः।

ॐ नाट्यायै नमः।

ॐ नीलोत्पलदलप्रभायै नमः।

ॐ सर्वशक्त्या समारूढायै नमः।

ॐ धर्माधर्मानुवर्जितायै नमः।

ॐ वैराग्यज्ञाननिरतायै नमः।

ॐ निरालोकायै नमः।

ॐ निरिन्द्रियायै नमः।

ॐ विचित्रगहनायै नमः।

ॐ धीरायै नमः।

ॐ शाश्वतस्थानवासिन्यै नमः।

ॐ स्थानेश्वर्यै नमः।

ॐ निरानन्दायै नमः।

ॐ त्रिशूलवरधारिण्यै नमः।

ॐ अशेषदेवतामूर्त्यै नमः।

ॐ देवतायै नमः।

ॐ परदेवतायै नमः।

ॐ गणात्मिकायै नमः।

ॐ गिरेः पुत्र्यै नमः।

ॐ निशुम्भविनिपातिन्यै नमः।

ॐ अवर्णायै नमः।

ॐ वर्णरहितायै नमः।

ॐ निर्वर्णायै नमः।

ॐ बीजसम्भवायै नमः।

ॐ अनन्तवर्णायै नमः।

ॐ अनन्यस्थायै नमः।

ॐ शङ्कर्यै नमः।

ॐ शान्तमानसायै नमः।

ॐ अगोत्रायै नमः।

ॐ गोमत्यै नमः।

ॐ गोप्त्र्यै नमः।

ॐ गुह्यरूपायै नमः।

ॐ गुणान्तरायै नमः।

ॐ गोश्रियै नमः।

ॐ गव्यप्रियायै नमः।

ॐ गौर्यै नमः।

ॐ गणेश्वरनमस्कृतायै नमः।

ॐ सत्यमात्रायै नमः।

ॐ सत्यसन्धायै नमः।

ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः।

ॐ सन्धिवर्जितायै नमः।

ॐ सर्ववादाश्रयायै नमः।

ॐ साङ्ख्यायै नमः।

ॐ साङ्ख्ययोगसमुद्भवायै नमः।

ॐ असङ्ख्येयायै नमः।

ॐ अप्रमेयाख्यायै नमः।

ॐ शून्यायै नमः।

ॐ शुद्धकुलोद्भवायै नमः।

ॐ बिन्दुनाद्समुत्पत्त्यै नमः।

ॐ शम्भवे नमः।

ॐ वामायै नमः।

ॐ शशिप्रभायै नमः।

ॐ विसङ्गायै नमः।

ॐ भेदरहितायै नमः।

ॐ मनोज्ञायै नमः।

ॐ मधुसूदन्यै नमः।

ॐ महाश्रिये नमः।

ॐ श्रीसमुत्पत्त्यै नमः।

ॐ तमःपारे प्रतिष्ठितायै नमः।

ॐ त्रितत्त्वमात्रे नमः।

ॐ त्रिविधायै नमः।

ॐ सुसूक्ष्मपदसंश्रयायै नमः।

ॐ शान्त्यतीतायै नमः।

ॐ मलातीतायै नमः।

ॐ निर्विकारायै नमः।

ॐ निराश्रयायै नमः।

ॐ शिवाख्यायै नमः।

ॐ चित्रनिलयायै नमः।

ॐ शिवज्ञानस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ दैत्यदानवनिर्मात्र्यै नमः।

ॐ काश्यप्यै नमः।

ॐ कालकर्णिकायै नमः।

ॐ शास्त्रयोन्यै नमः।

ॐ प्रियामूर्त्यै नमः।

ॐ चतुर्वर्गप्रदर्शितायै नमः।

ॐ नारायण्यै नमः।

ॐ नवोद्भूतायै नमः।

ॐ कौमुद्यै नमः।

ॐ लिङ्गधारिण्यै नमः।

ॐ कामुक्यै नमः।

ॐ ललितायै नमः।

ॐ तारायै नमः।

ॐ परापरविभूतिदायै नमः।

ॐ परान्तजातमहिमायै नमः।

ॐ वडवायै नमः।

ॐ वामलोचनायै नमः।

ॐ सुभद्रायै नमः।

ॐ देवक्यै नमः।

ॐ सीतायै नमः।

ॐ वेदवेदाङ्गपारगायै नमः।

ॐ मनस्विन्यै नमः।

ॐ मन्युमात्रे नमः।

ॐ महामन्युसमुद्भवायै नमः।

ॐ अमृत्यवे नमः।

ॐ अमृतास्वादायै नमः।

ॐ पुरुहूतायै नमः।

ॐ पुरुप्लुतायै नमः।

ॐ अशोच्यायै नमः।

ॐ भिन्नविषयायै नमः।

ॐ हिरण्यरजतप्रियायै नमः।

ॐ हिरण्यायै नमः।

ॐ राजितायै नमः।

ॐ हैम्यै नमः।

ॐ हेमाभरणभूषितायै नमः।

ॐ विभ्राजमानायै नमः।

ॐ दुर्ज्ञेयायै नमः।

ॐ ज्योतिष्टोमफलप्रदायै नमः।

ॐ महानिद्रासमुद्भूतायै नमः।

ॐ बलीन्द्रायै नमः।

ॐ सत्यदेवतायै नमः।

ॐ दीर्घायै नमः।

ॐ ककुद्मिन्यै नमः।

ॐ विद्यायै नमः।

ॐ शान्तिदायै नमः।

ॐ शान्तिवर्द्धिन्यै नमः।

ॐ लक्ष्म्यादिशक्तिजनन्यै नमः।

ॐ शक्तिचक्रप्रवर्तिकायै नमः।

ॐ त्रिशक्तिजनन्यै नमः।

ॐ जन्यायै नमः।

ॐ षडूर्मिपरिवर्जितायै नमः।

ॐ स्वाहायै नमः।

ॐ कर्मकरण्यै नमः।

ॐ युगान्तदलनात्मिकायै नमः।

ॐ सङ्कर्षण्यै नमः।

ॐ जगद्धात्र्यै नमः।

ॐ कामयोन्यै नमः।

ॐ किरीटिन्यै नमः।

ॐ ऐन्द्र्यै नमः।

ॐ त्रैलोक्यनमितायै नमः।

ॐ वैष्णव्यै नमः।

ॐ परमेश्वर्यै नमः।

ॐ प्रद्युम्नदयितायै नमः।

ॐ दान्तायै नमः।

ॐ युग्मदृष्ट्यै नमः।

ॐ त्रिलोचनायै नमः।

ॐ महोत्कटायै नमः।

ॐ हंसगत्यै नमः।

ॐ प्रचण्डायै नमः।

ॐ चण्डविक्रमायै नमः।

ॐ वृषावेषायै नमः।

ॐ वियन्मात्रायै नमः।

ॐ विन्ध्यपर्वतवासिन्यै नमः।

ॐ हिमवन्मेरुनिलयायै नमः।

ॐ कैलासगिरिवासिन्यै नमः।

ॐ चाणूरहन्त्र्यै नमः।

ॐ तनयायै नमः।

ॐ नीतिज्ञायै नमः।

ॐ कामरूपिण्यै नमः।

ॐ वेदविद्याव्रतरतायै नमः।

ॐ धर्मशीलायै नमः।

ॐ अनिलाशनायै नमः।

ॐ अयोध्यानिलयायै नमः।

ॐ वीरायै नमः।

ॐ महाकालसमुद्भवायै नमः।

ॐ विद्याधरक्रियायै नमः।

ॐ सिद्धायै नमः।

ॐ विद्याधरनिराकृत्यै नमः।

ॐ आप्यायन्त्यै नमः।

ॐ वहन्त्यै नमः।

ॐ पावन्यै नमः।

ॐ पोषिण्यै नमः।

ॐ खिलायै नमः।

ॐ मातृकायै नमः।

ॐ मन्मथोद्भूतायै नमः।

ॐ वारिजायै नमः।

ॐ वाहनप्रियायै नमः।

ॐ करीषिण्यै नमः।

ॐ स्वधायै नमः।

ॐ वाण्यै नमः।

ॐ वीणावादनतत्परायै नमः।

ॐ सेवितायै नमः।

ॐ सेविकायै नमः।

ॐ सेवायै नमः।

ॐ सिनीवाल्यै नमः।

ॐ गरुत्मत्यै नमः।

ॐ अरुन्धत्यै नमः।

ॐ हिरण्याक्ष्यै नमः।

ॐ मणिदायै नमः।

ॐ श्रीवसुप्रदायै नमः।

ॐ वसुमत्यै नमः।

ॐ वसोर्धारायै नमः।

ॐ वसुन्धरासमुद्भवायै नमः।

ॐ वरारोहायै नमः।

ॐ वरार्हायै नमः।

ॐ वपुःसङ्गसमुद्भवायै नमः।

ॐ श्रीफल्यै नमः।

ॐ श्रीमत्यै नमः।

ॐ श्रीशायै नमः।

ॐ श्रीनिवासायै नमः।

ॐ हरिप्रियायै नमः।

ॐ श्रीधर्यै नमः।

ॐ श्रीकर्यै नमः।

ॐ कम्प्रायै नमः।

ॐ श्रीधरायै नमः।

ॐ ईशवीरणायै नमः।

ॐ अनन्तदृष्ट्यै नमः।

ॐ अक्षुद्रायै नमः।

ॐ धात्रीशायै नमः।

ॐ धनदप्रियायै नमः।

ॐ दैत्यसिंहानां निहन्त्र्यै नमः।

ॐ सिंहिकायै नमः।

ॐ सिंहवाहिन्यै नमः।

ॐ सुसेनायै नमः।

ॐ चन्द्रनिलयायै नमः।

ॐ सुकीर्त्यै नमः।

ॐ छिन्नसंशयायै नमः।

ॐ बलज्ञायै नमः।

ॐ बलदायै नमः।

ॐ वामायै नमः।

ॐ लेलिहानायै नमः।

ॐ अमृताश्रवायै नमः।

ॐ नित्योदितायै नमः।

ॐ स्वयञ्ज्योतिषे नमः।

ॐ उत्सुकायै नमः।

ॐ अमृतजीविन्यै नमः।

ॐ वज्रदंष्ट्रायै नमः।

ॐ वज्रजिह्वायै नमः।

ॐ वैदेह्यै नमः।

ॐ वज्रविग्रहायै नमः।

ॐ मङ्गल्यायै नमः।

ॐ मङ्गलायै नमः।

ॐ मालायै नमः।

ॐ मलिनायै नमः।

ॐ मलहारिण्यै नमः।

ॐ गान्धर्व्यै नमः।

ॐ गारुड्यै नमः।

ॐ चान्द्र्यै नमः।

ॐ कम्बलाश्वतरप्रियायै नमः।

ॐ सौदामिन्यै नमः।

ॐ जनानन्दायै नमः।

ॐ भ्रुकुटीकुटिलाननायै नमः।

ॐ कर्णिकारकरायै नमः।

ॐ कक्षायै नमः।

ॐ कंसप्राणापहारिण्यै नमः।

ॐ युगन्धरायै नमः।

ॐ युगावर्त्तायै नमः।

ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः।

ॐ हर्षवर्धिन्यै नमः।

ॐ प्रत्यक्षदेवतायै नमः।

ॐ दिव्यायै नमः।

ॐ दिव्यगन्धायै नमः।

ॐ दिवापरायै नमः।

ॐ शक्रासनगतायै नमः।

ॐ शाक्र्यै नमः।

ॐ साध्व्यै नमः।

ॐ नार्यै नमः।

ॐ शवासनायै नमः।

ॐ इष्टायै नमः।

ॐ विशिष्टायै नमः।

ॐ शिष्टेष्टायै नमः।

ॐ शिष्टाशिष्टप्रपूजितायै नमः।

ॐ शतरूपायै नमः।

ॐ शतावर्त्तायै नमः।

ॐ विनीतायै नमः।

ॐ सुरभये नमः।

ॐ सुरायै नमः।

ॐ सुरेन्द्रमात्रे नमः।

ॐ सुद्युम्नायै नमः।

ॐ सुषुम्नायै नमः।

ॐ सूर्यसंस्थितायै नमः।

ॐ समीक्षायै नमः।

ॐ सत्प्रतिष्ठायै नमः।

ॐ निर्वृत्त्यै नमः।

ॐ ज्ञानपारगायै नमः।

ॐ धर्मशास्त्रार्थकुशलायै नमः।

ॐ धर्मज्ञायै नमः।

ॐ धर्मवाहनायै नमः।

ॐ धर्माधर्मविनिर्मात्र्यै नमः।

ॐ धार्मिकाणां शिवप्रदायै नमः।

ॐ धर्मशक्त्यै नमः।

ॐ धर्ममय्यै नमः।

ॐ विधर्मायै नमः।

ॐ विश्वधर्मिण्यै नमः।

ॐ धर्मान्तरायै नमः।

ॐ धर्ममध्यायै नमः।

ॐ धर्मपूर्वायै नमः।

ॐ धनप्रियायै नमः।

ॐ धर्मोपदेशायै नमः।

ॐ धर्मात्मने नमः।

ॐ धर्मलभ्यायै नमः।

ॐ धराधरायै नमः।

ॐ कपाल्यै नमः।

ॐ शाकलामूर्त्यै नमः।

ॐ कलाकलितविग्रहायै नमः।

ॐ सर्वशक्तिविनिर्मुक्तायै नमः।

ॐ सर्वशक्त्याश्रयाश्रयायै नमः।

ॐ सर्वस्यै नमः।

ॐ सर्वेश्वर्यै नमः।

ॐ सूक्ष्मायै नमः।

ॐ सुसूक्ष्मज्ञानरूपिण्यै नमः।

ॐ प्रधानपुरुषेशानायै नमः।

ॐ महापुरुषसाक्षिण्यै नमः।

ॐ सदाशिवायै नमः।

ॐ वियन्मूर्त्यै नमः।

ॐ देवमूर्त्यै नमः।

ॐ अमूर्तिकायै नमः।

About This Stotram

1000 Names of Goddess Sita

Sanskrit Title: 1000 Names of Goddess Sita
IAST Transliteration:

Overview

The Sita Sahasranamavali is a devotional hymn that extols Goddess Sita through her thousand sacred names. Each name reveals a unique attribute, quality, or aspect of the Divine Mother. Reciting these names is considered a powerful means of connecting with Sita's divine energy, which is often associated with purity, devotion, strength, compassion, and auspiciousness. Sita, as the embodiment of virtue and chastity, is revered as the consort of Lord Rama and a symbol of ideal womanhood. This Sahasranama serves to deepen the devotee's understanding and appreciation of her multifaceted nature, including her divine origin, her unwavering devotion, her resilience in adversity, and her role as the source of prosperity and well-being. It is believed that sincere recitation can lead to spiritual purification, the removal of obstacles, and the attainment of divine grace and liberation.

Details

Attribute Information
Deity Goddess Sita
Author Valmiki
Type Sahasranamavali
Category Namavali
Number of Verses 1000
Origin The origin of the '1000 Names of Goddess Sita' (Sita Sahasranamavali) is attributed to Sage Valmiki, the composer of the Ramayana. While the Ramayana itself does not contain a dedicated Sahasranama for Sita, this stotram is believed to be a later compilation, drawing upon the descriptions and epithets of Sita found within the epic and other Puranic literature. It is not a direct excerpt from the original Valmiki Ramayana but rather a devotional work inspired by it. The specific text from which this Sahasranamavali is derived is not explicitly mentioned in the provided information, but it is understood to be a tradition that emerged from the veneration of Sita as an independent deity, separate from her role solely within the Ramayana narrative. The composition likely occurred during a period when the worship of specific deities through Sahasranamas gained prominence in Hindu devotional practices.

Benefits of Recitation

  1. Attainment of auspiciousness and purity
  2. Removal of sins and negative karma
  3. Fulfillment of desires and aspirations
  4. Protection from obstacles and misfortunes
  5. Gaining devotion and spiritual merit

Best Time to Recite

Morning, evening, during Navaratri, Rama Navami, and other auspicious occasions related to Goddess Sita and Lord Rama.

Historical Context

The tradition of composing Sahasranamas (lists of 1000 names) for various deities is a significant aspect of Hindu devotional literature. While the original Ramayana by Valmiki is an ancient epic, the specific Sita Sahasranamavali is likely a later composition, possibly emerging during the Puranic or post-Puranic periods when the worship of individual deities through such extensive lists became more prevalent. Sage Valmiki is traditionally credited with composing the Ramayana, and by extension, this Sahasranamavali is attributed to him, suggesting it draws upon the essence and descriptions of Sita from his epic. The exact period of its composition is uncertain, but it reflects a mature stage of devotional Hinduism where detailed litanies were created to facilitate focused worship and meditation on the divine.

Alternate Names

  • Sita Sahasranamavali
  • Shri Sita Sahasranamavali

Related Stotrams

  • Ramayana
  • Sita Stuti
  • Rama Sahasranama