Namavali - Sacred Scripture

1000 Names of Goddess Bhairavi

1000 Names of Goddess Bhairavi

Namavali
Goddess Bhairavi
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1000 Names of Goddess Bhairavi

ॐ त्रिपुरायै नमः।

ॐ परमायै नमः।

ॐ ईशान्यै नमः।

ॐ योगसिद्ध्यै नमः।

ॐ निवासिन्यै नमः।

ॐ सर्वमन्त्रमय्यै नमः।

ॐ देव्यै नमः।

ॐ सर्वसिद्धिप्रवर्तिन्यै नमः।

ॐ सर्वाधारमय्यै देव्यै नमः।

ॐ सर्वसम्पत्प्रदायै नमः।

ॐ शुभायै नमः।

ॐ योगिन्यै नमः।

ॐ योगमात्रे नमः।

ॐ योगसिद्धिप्रवर्तिन्यै नमः।

ॐ योगिध्येयायै नमः।

ॐ योगमय्यै नमः।

ॐ योगायै नमः।

ॐ योगनिवासिन्यै नमः।

ॐ हेलायै नमः।

ॐ लीलायै नमः।

ॐ क्रीडायै नमः।

ॐ कालरूपायै नमः।

ॐ प्रवर्तिन्यै नमः।

ॐ कालमात्रे नमः।

ॐ कालरात्र्यै नमः।

ॐ काल्यै नमः।

ॐ कमलवासिन्यै नमः।

ॐ कमलायै नमः।

ॐ कान्तिरूपायै नमः।

ॐ कामराजेश्वर्यै नमः।

ॐ क्रियायै नमः।

ॐ कट्वै नमः।

ॐ कपटकेशायै नमः।

ॐ कपटायै नमः।

ॐ कुलटाकृत्यै नमः।

ॐ कुमुदायै नमः।

ॐ चर्चिकायै नमः।

ॐ कान्त्यै नमः।

ॐ कालरात्र्यै नमः।

ॐ सदा प्रियायै नमः।

ॐ घोराकारायै नमः।

ॐ घोरतरायै नमः।

ॐ धर्माधर्मप्रदायै नमः।

ॐ मत्यै नमः।

ॐ घण्टाघर्घरदायै नमः।

ॐ घण्टायै नमः।

ॐ सदा घण्टानादप्रियायै नमः।

ॐ सूक्ष्मायै नमः।

ॐ सूक्ष्मतरायै नमः।

ॐ स्थूलायै नमः।

ॐ अतिस्थूलायै नमः।

ॐ सदामत्यै नमः।

ॐ अतिसत्यायै नमः।

ॐ सत्यवत्यै नमः।

ॐ सत्यायै नमः।

ॐ सङ्केतवासिन्यै नमः।

ॐ क्षमायै नमः।

ॐ भीमायै नमः।

ॐ अभीमायै नमः।

ॐ भीमनादप्रवर्तिन्यै नमः।

ॐ भ्रमरूपायै नमः।

ॐ भयहरायै नमः।

ॐ भयदायै नमः।

ॐ भयनाशिन्यै नमः।

ॐ श्मशानवासिन्यै नमः।

ॐ देव्यै नमः।

ॐ श्मशानालयवासिन्यै नमः।

ॐ शवासनायै नमः।

ॐ शवाहारायै नमः।

ॐ शवदेहायै नमः।

ॐ शिवायै नमः।

ॐ अशिवायै नमः।

ॐ कण्ठदेशशवाहारायै नमः।

ॐ शवकङ्कणधारिण्यै नमः।

ॐ दन्तुरायै नमः।

ॐ सुदत्यै नमः।

ॐ सत्यायै नमः।

ॐ सत्यसङ्केतवासिन्यै नमः।

ॐ सत्यदेहायै नमः।

ॐ सत्यहारायै नमः।

ॐ सत्यवादिनिवासिन्यै नमः।

ॐ सत्यालयायै नमः।

ॐ सत्यसङ्गायै नमः।

ॐ सत्यसङ्गरकारिण्यै नमः।

ॐ असङ्गायै नमः।

ॐ सङ्गरहितायै नमः।

ॐ सुसङ्गायै नमः।

ॐ सङ्गमोहिन्यै नमः।

ॐ मायायै नमः।

ॐ मत्यै नमः।

ॐ महामायायै नमः।

ॐ महामखविलासिन्यै नमः।

ॐ गलद्रुधिरधारायै नमः।

ॐ मुखद्वयनिवासिन्यै नमः।

ॐ सत्यायासायै नमः।

ॐ सत्यसङ्गायै नमः।

ॐ सत्यसङ्गतिकारिण्यै नमः।

ॐ असङ्गायै नमः।

ॐ सङ्गनिरतायै नमः।

ॐ सुसङ्गायै नमः।

ॐ सङ्गवासिन्यै नमः।

ॐ सदासत्यायै नमः।

ॐ महासत्यायै नमः।

ॐ मांसपाशायै नमः।

ॐ सुमांसकायै नमः।

ॐ मांसाहारायै नमः।

ॐ मांसधरायै नमः।

ॐ मांसाश्यै नमः।

ॐ मांसभक्षकायै नमः।

ॐ रक्तपानायै नमः।

ॐ रक्तरुचिरायै नमः।

ॐ आरक्तायै नमः।

ॐ रक्तवल्लभायै नमः।

ॐ रक्ताहारायै नमः।

ॐ रक्तप्रियायै नमः।

ॐ रक्तनिन्दकनाशिन्यै नमः।

ॐ रक्तपानप्रियायै नमः।

ॐ बालायै नमः।

ॐ रक्तदेशायै नमः।

ॐ सुरक्तिकायै नमः।

ॐ स्वयम्भूकुसुमस्थायै नमः।

ॐ स्वयम्भूकुसुमोत्सुकायै नमः।

ॐ स्वयम्भूकुसुमाहारायै नमः।

ॐ स्वयम्भूनिन्दकासनायै नमः।

ॐ स्वयम्भूपुष्पकप्रीतायै नमः।

ॐ स्वयम्भूपुष्पसम्भवायै नमः।

ॐ स्वयम्भूपुष्पहाराढ्यायै नमः।

ॐ स्वयम्भूनिन्दकान्तकायै नमः।

ॐ कुण्डगोलविलासायै नमः।

ॐ कुण्डगोलसदामत्यै नमः।

ॐ कुण्डगोलप्रियकर्यै नमः।

ॐ कुण्डगोलसमुद्भवायै नमः।

ॐ शुक्रात्मिकायै नमः।

ॐ शुक्रकरायै नमः।

ॐ सुशुक्रायै नमः।

ॐ सुशुक्तिकायै नमः।

ॐ शुक्रपूजकपूज्यायै नमः।

ॐ शुक्रनिन्दकनिन्दकायै नमः।

ॐ रक्तमाल्यायै नमः।

ॐ रक्तपुष्पायै नमः।

ॐ रक्तपुष्पकपुष्पकायै नमः।

ॐ रक्तचन्दनसिक्ताङ्ग्यै नमः।

ॐ रक्तचन्दननिन्दकायै नमः।

ॐ मत्स्यायै नमः।

ॐ मत्स्यप्रियायै नमः।

ॐ मान्यायै नमः।

ॐ मत्स्यभक्षायै नमः।

ॐ महोदयायै नमः।

ॐ मत्स्याहारायै नमः।

ॐ मत्स्यकामायै नमः।

ॐ मत्स्यनिन्दकनाशिन्यै नमः।

ॐ केकराक्ष्यै नमः।

ॐ क्रूरायै नमः।

ॐ क्रूरसैन्यविनाशिन्यै नमः।

ॐ क्रूराङ्ग्यै नमः।

ॐ कुलिशाङ्ग्यै नमः।

ॐ चक्राङ्ग्यै नमः।

ॐ चक्रसम्भवायै नमः।

ॐ चक्रदेहायै नमः।

ॐ चक्रहारायै नमः।

ॐ चक्रकङ्कालवासिन्यै नमः।

ॐ निम्ननाभ्यै नमः।

ॐ भीतिहरायै नमः।

ॐ भयदायै नमः।

ॐ भयहारिकायै नमः।

ॐ भयप्रदायै नमः।

ॐ भयायै नमः।

ॐ भीतायै नमः।

ॐ अभीमायै नमः।

ॐ भीमनादिन्यै नमः।

ॐ सुन्दर्यै नमः।

ॐ शोभन्यै नमः।

ॐ सत्यायै नमः।

ॐ क्षेम्यायै नमः।

ॐ क्षेमकर्यै नमः।

ॐ सिन्दूरायै नमः।

ॐ अञ्चितसिन्दूरायै नमः।

ॐ सिन्दूरसदृशाकृत्यै नमः।

ॐ रक्तायै नमः।

ॐ रञ्जितनासायै नमः।

ॐ सुनासायै नमः।

ॐ निम्ननासिकायै नमः।

ॐ खर्वायै नमः।

ॐ लम्बोदर्यै नमः।

ॐ दीर्घायै नमः।

ॐ दीर्घघोणायै नमः।

ॐ महाकुचायै नमः।

ॐ कुटिलायै नमः।

ॐ चञ्चलायै नमः।

ॐ चण्ड्यै नमः।

ॐ चण्डनादायै नमः।

ॐ प्रचण्डिकायै नमः।

ॐ अतिचण्डायै नमः।

ॐ महाचण्डायै नमः।

ॐ श्रीचण्डायै नमः।

ॐ चण्डवेगिन्यै नमः।

ॐ चाण्डाल्यै नमः।

ॐ चण्डिकायै नमः।

ॐ चण्डशब्दरूपायै नमः।

ॐ चञ्चलायै नमः।

ॐ चम्पायै नमः।

ॐ चम्पावत्यै नमः।

ॐ चोस्तायै नमः।

ॐ तीक्ष्णायै नमः।

ॐ तीक्ष्णप्रियायै नमः।

ॐ क्षत्यै नमः।

ॐ जलदायै नमः।

ॐ जयदायै नमः।

ॐ योगायै नमः।

ॐ जगते नमः।

ॐ आनन्दकारिण्यै नमः।

ॐ जगद्वन्द्यायै नमः।

ॐ जगन्मात्रे नमः।

ॐ जगत्यै नमः।

ॐ जगतः क्षमायै नमः।

ॐ जन्यायै नमः।

ॐ जलजनेत्र्यै नमः।

ॐ जयिन्यै नमः।

ॐ जयदायै नमः।

ॐ जनन्यै नमः।

ॐ जगद्धात्र्यै नमः।

ॐ जयाख्यायै नमः।

ॐ जयरूपिण्यै नमः।

ॐ जगन्मात्रे नमः।

ॐ जगन्मान्यायै नमः।

ॐ जयश्रियै नमः।

ॐ जयकारिण्यै नमः।

ॐ जयिन्यै नमः।

ॐ जयमात्रे नमः।

ॐ जयायै नमः।

ॐ विजयायै नमः।

ॐ खड्गिन्यै नमः।

ॐ खड्गरूपायै नमः।

ॐ सुखड्गायै नमः।

ॐ खड्गधारिण्यै नमः।

ॐ खड्गरूपायै नमः।

ॐ खड्गकरायै नमः।

ॐ खड्गिन्यै नमः।

ॐ खड्गवल्लभायै नमः।

ॐ खड्गदायै नमः।

ॐ खड्गभावायै नमः।

ॐ खड्गदेहसमुद्भवायै नमः।

ॐ खड्गयै नमः।

ॐ खड्गधरायै नमः।

ॐ खेलायै नमः।

ॐ खड्गन्यै नमः।

ॐ खड्गमण्डिन्यै नमः।

ॐ शङ्खिन्यै नमः।

ॐ चापिन्यै नमः।

ॐ देव्यै नमः।

ॐ वज्रिण्यै नमः।

ॐ शूलिन्यै नमः।

ॐ मत्यै नमः।

ॐ वालिन्यै नमः।

ॐ भिन्दिपाल्यै नमः।

ॐ पाश्यै नमः।

ॐ अङ्कुश्यै नमः।

ॐ शर्यै नमः।

ॐ धनुष्यै नमः।

ॐ चटक्यै नमः।

ॐ चर्मायै नमः।

ॐ दन्त्यै नमः।

ॐ कर्णनालिक्यै नमः।

ॐ मुसल्यै नमः।

ॐ हलरूपायै नमः।

ॐ तूणीरगणवासिन्यै नमः।

ॐ तूणालयायै नमः।

ॐ तूणहरायै नमः।

ॐ तूणसम्भवरूपिण्यै नमः।

ॐ सुतूण्यै नमः।

ॐ तूणखेदायै नमः।

ॐ तूणाङ्ग्यै नमः।

ॐ तूणवल्लभायै नमः।

ॐ नानास्त्रधारिण्यै नमः।

ॐ देव्यै नमः।

ॐ नानाशस्त्रसमुद्भवायै नमः।

ॐ लाक्षायै नमः।

ॐ लक्षहरायै नमः।

ॐ लाभायै नमः।

ॐ सुलाभायै नमः।

ॐ लाभनाशिन्यै नमः।

ॐ लाभहारायै नमः।

ॐ लाभकरायै नमः।

ॐ लाभिन्यै नमः।

ॐ लाभरूपिण्यै नमः।

ॐ धरित्र्यै नमः।

ॐ धनदायै नमः।

ॐ धान्यायै नमः।

ॐ धान्यरूपायै नमः।

ॐ धरायै नमः।

ॐ धन्वै नमः।

ॐ धुरशब्दायै नमः।

ॐ धुरायै नमः।

ॐ मान्यायै नमः।

ॐ धराङ्ग्यै नमः।

ॐ धननाशिन्यै नमः।

ॐ धनहायै नमः।

ॐ धनलाभायै नमः।

ॐ धनलभ्यायै नमः।

ॐ महाधन्वै नमः।

ॐ अशान्तायै नमः।

ॐ शान्तिरूपायै नमः।

ॐ श्वासमार्गनिवासिन्यै नमः।

ॐ गगणायै नमः।

ॐ गणसेव्यायै नमः।

ॐ गणाङ्गायै नमः।

ॐ वाचे नमः।

ॐ अवल्लभायै नमः।

ॐ गणदायै नमः।

ॐ गणहायै नमः।

ॐ गम्यायै नमः।

ॐ गमनायै नमः।

ॐ आगमसुन्दर्यै नमः।

ॐ गम्यदायै नमः।

ॐ गणनाश्यै नमः।

ॐ गदहायै नमः।

ॐ गदवर्धिन्यै नमः।

ॐ स्थैर्यायै नमः।

ॐ स्थैर्यनाशायै नमः।

ॐ स्थैर्यान्तकरण्यै नमः।

ॐ कुलायै नमः।

ॐ दात्र्यै नमः।

ॐ कर्त्र्यै नमः।

ॐ प्रियायै नमः।

ॐ प्रेमायै नमः।

ॐ प्रियदायै नमः।

ॐ प्रियवर्धिन्यै नमः।

ॐ प्रियहायै नमः।

ॐ प्रियभव्यायै नमः।

ॐ प्रियायै नमः।

ॐ प्रेमाङ्घ्रिपायै तन्वै नमः।

ॐ प्रियजायै नमः।

ॐ प्रियभव्यायै नमः।

ॐ प्रियस्थायै नमः।

ॐ भवनस्थितायै नमः।

ॐ सुस्थिरायै नमः।

ॐ स्थिररूपायै नमः।

ॐ स्थिरदायै नमः।

ॐ स्थैर्यबर्हिण्यै नमः।

ॐ चञ्चलायै नमः।

ॐ चपलायै नमः।

ॐ चोलायै नमः।

ॐ चपलाङ्गनिवासिन्यै नमः।

ॐ गौर्यै नमः।

ॐ काल्यै नमः।

ॐ छिन्नायै नमः।

ॐ मायायै नमः।

ॐ मान्यायै नमः।

ॐ हरप्रियायै नमः।

ॐ सुन्दर्यै नमः।

ॐ त्रिपुरायै नमः।

ॐ भव्यायै नमः।

ॐ त्रिपुरेश्वरवासिन्यै नमः।

ॐ त्रिपुरनाशिनीदेव्यै नमः।

ॐ त्रिपुरप्राणहारिण्यै नमः।

ॐ भैरव्यै नमः।

ॐ भैरवस्थायै नमः।

ॐ भैरवस्य प्रियायै तन्वै नमः।

ॐ भवाङ्ग्यै नमः।

ॐ भैरवाकारायै नमः।

ॐ भैरवप्रियवल्लभायै नमः।

ॐ कालदायै नमः।

ॐ कालरात्र्यै नमः।

ॐ कामायै नमः।

ॐ कात्यायन्यै नमः।

ॐ क्रियायै नमः।

ॐ क्रियदायै नमः।

ॐ क्रियहायै नमः।

ॐ क्लैब्यायै नमः।

ॐ प्रियप्राणक्रियायै नमः।

ॐ क्रीङ्कार्यै नमः।

ॐ कमलायै नमः।

ॐ लक्ष्म्यै नमः।

ॐ शक्त्यै नमः।

ॐ स्वाहायै नमः।

ॐ विभ्वै नमः।

ॐ प्रभ्वै नमः।

ॐ प्रकृत्यै नमः।

ॐ पुरुषाय नमः।

ॐ पुरुषायै नमः।

ॐ पुरुषाकृत्यै नमः।

ॐ परमाय पुरुषाय नमः।

ॐ मायायै नमः।

ॐ नारायण्यै नमः।

ॐ मत्यै नमः।

ॐ ब्राह्म्यै नमः।

ॐ माहेश्वर्यै नमः।

ॐ कौमार्यै नमः।

ॐ वैष्णव्यै नमः।

ॐ वाराह्यै नमः।

ॐ चामुण्डायै नमः।

ॐ इन्द्राण्यै नमः।

ॐ हरवल्लभायै नमः।

ॐ भार्ग्यै नमः।

ॐ माहेश्वर्यै नमः।

ॐ कृष्णायै नमः।

ॐ कात्यायन्यै नमः।

ॐ पूतनायै नमः।

ॐ राक्षस्यै नमः।

ॐ डाकिन्यै नमः।

ॐ चित्रायै नमः।

ॐ विचित्रायै नमः।

ॐ विभ्रमायै नमः।

ॐ हाकिन्यै नमः।

ॐ राकिण्यै नमः।

ॐ भीतायै नमः।

ॐ गन्धर्वायै नमः।

ॐ गन्धवाहिन्यै नमः।

ॐ केकर्यै नमः।

ॐ कोटराक्ष्यै नमः।

ॐ निर्मांसायै नमः।

ॐ उलूकमांसिकायै नमः।

ॐ ललज्जिह्वायै नमः।

ॐ सुजिह्वायै नमः।

ॐ बालदायै नमः।

ॐ बालदायिन्यै नमः।

ॐ चन्द्रायै नमः।

ॐ चन्द्रप्रभायै नमः।

ॐ चान्द्र्यै नमः।

ॐ चन्द्रकान्तिषु तत्परायै नमः।

ॐ अमृतायै नमः।

ॐ मानदायै नमः।

ॐ पूषायै नमः।

ॐ तुष्ट्यै नमः।

ॐ पुष्ट्यै नमः।

ॐ रत्यै नमः।

ॐ धृत्यै नमः।

ॐ शशिन्यै नमः।

ॐ चन्द्रिकायै नमः।

ॐ कान्त्यै नमः।

ॐ ज्योत्स्नायै नमः।

ॐ श्रियै नमः।

ॐ प्रीत्यै नमः।

ॐ अङ्गदायै नमः।

ॐ पूर्णायै नमः।

ॐ पूर्णामृतायै नमः।

ॐ कल्पलतिकायै नमः।

ॐ कल्पदानदायै नमः।

ॐ सुकल्पायै नमः।

ॐ कल्पहस्तायै नमः।

ॐ कल्पवृक्षकर्यै नमः।

ॐ हन्वै नमः।

ॐ कल्पाख्यायै नमः।

ॐ कल्पभव्यायै नमः।

ॐ कल्पायै नमः।

ॐ नन्दकवन्दितायै नमः।

ॐ सूचीमुख्यै नमः।

ॐ प्रेतमुख्यै नमः।

ॐ उल्कामुख्यै नमः।

ॐ महामुख्यै नमः।

ॐ उग्रमुख्यै नमः।

ॐ सुमुख्यै नमः।

ॐ काकास्यायै नमः।

ॐ विकटाननायै नमः।

ॐ कृकलास्यायै नमः।

ॐ सन्ध्यास्यायै नमः।

ॐ मुकुलीशायै नमः।

ॐ रमाकृत्यै नमः।

ॐ नानामुख्यै नमः।

ॐ नानास्यायै नमः।

ॐ नानारूपप्रधारिण्यै नमः।

ॐ विश्वार्च्यायै नमः।

ॐ विश्वमात्रे नमः।

ॐ विश्वाख्यायै नमः।

ॐ विश्वभाविन्यै नमः।

ॐ सूर्यायै नमः।

ॐ सूर्यप्रभायै नमः।

ॐ शोभायै नमः।

ॐ सूर्यमण्डलसंस्थितायै नमः।

ॐ सूर्यकान्त्यै नमः।

ॐ सूर्यकरायै नमः।

ॐ सूर्याख्यायै नमः।

ॐ सूर्यभावनायै नमः।

ॐ तपिन्यै नमः।

ॐ तापिन्यै नमः।

ॐ धूम्रायै नमः।

ॐ मरीचये नमः।

ॐ ज्वलिन्यै नमः।

ॐ रुच्यै नमः।

ॐ सुरदायै नमः।

ॐ भोगदायै नमः।

ॐ विश्वायै नमः।

ॐ बोधिन्यै नमः।

ॐ धारिण्यै नमः।

ॐ क्षमायै नमः।

ॐ युगदायै नमः।

ॐ योगदायै नमः।

ॐ योग्यायै नमः।

ॐ योग्यहायै नमः।

ॐ योगवर्धिन्यै नमः।

ॐ वह्निमण्डलसंस्थायै नमः।

ॐ वह्निमण्डलमध्यगायै नमः।

ॐ वह्निमण्डलरूपायै नमः।

ॐ वह्निमण्डलसंज्ञकायै नमः।

ॐ वह्नितेजसे नमः।

ॐ वह्निरागायै नमः।

ॐ वह्निदायै नमः।

ॐ वह्निनाशिन्यै नमः।

ॐ वह्निक्रियायै नमः।

ॐ वह्निभुजायै नमः।

ॐ सदा वह्नौ स्थितायै कलायै नमः।

ॐ धूम्रार्चिषायै नमः।

ॐ उज्ज्वलिन्यै नमः।

ॐ विस्फुलिङ्गिन्यै नमः।

ॐ शूलिन्यै नमः।

ॐ सुरूपायै नमः।

ॐ कपिलायै नमः।

ॐ हव्यवाहिन्यै नमः।

ॐ नानातेजस्विन्यै देव्यै नमः।

ॐ परब्रह्मकुटुम्बिन्यै नमः।

ॐ ज्योतिर्ब्रह्ममय्यै नमः।

ॐ देव्यै नमः।

ॐ परब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ परमात्मने नमः।

ॐ परायै नमः।

ॐ पुण्यायै नमः।

ॐ पुण्यदायै नमः।

ॐ पुण्यवर्धिन्यै नमः।

ॐ पुण्यदायै नमः।

ॐ पुण्यनाम्न्यै नमः।

ॐ पुण्यगन्धायै नमः।

ॐ प्रियायै तन्वै नमः।

ॐ पुण्यदेहायै नमः।

ॐ पुण्यकरायै नमः।

ॐ पुण्यनिन्दकनिन्दकायै नमः।

ॐ पुण्यकालकरायै नमः।

ॐ पुण्यायै नमः।

ॐ सुपुण्यायै नमः।

ॐ पुण्यमालिकायै नमः।

ॐ पुण्यखेलायै नमः।

ॐ पुण्यकेल्यै नमः।

ॐ पुण्यनामसुमायै नमः।

ॐ पुरायै नमः।

ॐ पुण्यसेव्यायै नमः।

ॐ पुण्यखेल्यायै नमः।

ॐ पुराणायै नमः।

ॐ पुण्यवल्लभायै नमः।

ॐ पुरुषायै नमः।

ॐ पुरुषप्राणायै नमः।

ॐ पुरुषात्मस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ पुरुषाङ्ग्यै नमः।

ॐ पुरुष्यै नमः।

ॐ पुरुषस्य सदा कलायै नमः।

ॐ सुपुष्पायै नमः।

ॐ पुष्पकप्राणायै नमः।

ॐ पुष्पहायै नमः।

ॐ पुष्पवल्लभायै नमः।

ॐ पुष्पप्रियायै नमः।

ॐ पुष्पहारायै नमः।

ॐ पुष्पवन्दकवन्दकायै नमः।

ॐ पुष्पहायै नमः।

ॐ पुष्पमालायै नमः।

ॐ पुष्पनिन्दकनाशिन्यै नमः।

ॐ नक्षत्रप्राणहन्त्र्यै नमः।

ॐ नक्षत्रायै नमः।

ॐ लक्ष्यवन्दकायै नमः।

ॐ लक्ष्यमाल्यायै नमः।

ॐ लक्षहारायै नमः।

ॐ लक्ष्यायै नमः।

ॐ लक्ष्यस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ नक्षत्राण्यै नमः।

ॐ सुनक्षत्रायै नमः।

ॐ नक्षत्राहायै नमः।

ॐ महोदयायै नमः।

ॐ महामाल्यायै नमः।

ॐ महामान्यायै नमः।

ॐ महत्यै नमः।

ॐ मातृपूजितायै नमः।

ॐ महामहाकनीयायै नमः।

ॐ महाकालेश्वर्यै नमः।

ॐ महायै नमः।

ॐ महास्यायै नमः।

ॐ वन्दनीयायै नमः।

ॐ महाशब्दनिवासिन्यै नमः।

ॐ महाशङ्खेश्वर्यै नमः।

ॐ मीनायै नमः।

ॐ मत्स्यगन्धायै नमः।

ॐ महोदर्यै नमः।

ॐ लम्बोदर्यै नमः।

ॐ लम्बोष्ठ्यै नमः।

ॐ लम्बनिम्नतनूदर्यै नमः।

ॐ लम्बोष्ठ्यै नमः।

ॐ लम्बनासायै नमः।

ॐ लम्बघोणायै नमः।

ॐ ललच्छुकायै नमः।

ॐ अतिलम्बायै नमः।

ॐ महालम्बायै नमः।

ॐ सुलम्बायै नमः।

ॐ लम्बवाहिन्यै नमः।

ॐ लम्बार्हायै नमः।

ॐ लम्बशक्त्यै नमः।

ॐ लम्बस्थायै नमः।

ॐ लम्बपूर्विकायै नमः।

ॐ चतुर्घण्टायै नमः।

ॐ महाघण्टायै नमः।

ॐ सदा घण्टानादप्रियायै नमः।

ॐ वाद्यप्रियायै नमः।

ॐ वाद्यरतायै नमः।

ॐ सुवाद्यायै नमः।

ॐ वाद्यनाशिन्यै नमः।

ॐ रमायै नमः।

ॐ रामायै नमः।

ॐ सुबालायै नमः।

ॐ रमणीयस्वभाविन्यै नमः।

ॐ सुरम्यायै नमः।

ॐ रम्यदायै नमः।

ॐ रम्भायै नमः।

ॐ रम्भोरवे नमः।

ॐ रामवल्लभायै नमः।

ॐ कामप्रियायै नमः।

ॐ कामकरायै नमः।

ॐ कामाङ्ग्यै नमः।

ॐ रमण्यै नमः।

ॐ रत्यै नमः।

ॐ रतिप्रियायै नमः।

ॐ रतिरत्यै नमः।

ॐ रतिसेव्यायै नमः।

ॐ रतिप्रियायै नमः।

ॐ सुरभ्यै नमः।

ॐ सुरभिये नमः।

ॐ शोभायै नमः।

ॐ दिक्शोभायै नमः।

ॐ अशुभनाशिन्यै नमः।

ॐ सुशोभायै नमः।

ॐ महाशोभायै नमः।

ॐ अतिशोभायै नमः।

ॐ प्रेततापिन्यै नमः।

ॐ लोभिन्यै नमः।

ॐ महालोभायै नमः।

ॐ सुलोभायै नमः।

ॐ लोभवर्धिन्यै नमः।

ॐ लोभाङ्ग्यै नमः।

ॐ लोभवन्द्यायै नमः।

ॐ लोभाह्यै नमः।

ॐ लोभभासकायै नमः।

ॐ लोभप्रियायै नमः।

ॐ महालोभायै नमः।

ॐ लोभनिन्दकनिन्दकायै नमः।

ॐ लोभाङ्गवासिन्यै नमः।

ॐ गन्धायै नमः।

ॐ विगन्धायै नमः।

ॐ गन्धनाशिन्यै नमः।

ॐ गन्धाङ्ग्यै नमः।

ॐ गन्धपुष्टायै नमः।

ॐ सुगन्धायै नमः।

ॐ प्रेमगन्धिकायै नमः।

ॐ दुर्गन्धायै नमः।

ॐ पूतिगन्धायै नमः।

ॐ विगन्धायै नमः।

ॐ अतिगन्धिकायै नमः।

ॐ पद्मान्तिकायै नमः।

ॐ पद्मवहायै नमः।

ॐ पद्मप्रियप्रियङ्कर्यै नमः।

ॐ पद्मनिन्दकनिन्दायै नमः।

ॐ पद्मसन्तोषवाहनायै नमः।

ॐ रक्तोत्पलवरायै देव्यै नमः।

ॐ सदा रक्तोत्पलप्रियायै नमः।

ॐ रक्तोत्पलसुगन्धायै नमः।

ॐ रक्तोत्पलनिवासिन्यै नमः।

ॐ रक्तोत्पलमहामालायै नमः।

ॐ रक्तोत्पलमनोहरायै नमः।

ॐ रक्तोत्पलसुनेत्रायै नमः।

ॐ रक्तोत्पलस्वरूपधृषे नमः।

ॐ वैष्णव्यै नमः।

ॐ विष्णुपूज्यायै नमः।

ॐ वैष्णवाङ्गनिवासिन्यै नमः।

ॐ विष्णुपूजकपूज्यायै नमः।

ॐ वैष्णवे संस्थितायै तन्वै नमः।

ॐ नारायणस्य देहस्थायै नमः।

ॐ नारायणमनोहरायै नमः।

ॐ नारायणस्वरूपायै नमः।

ॐ नारायणमनःस्थितायै नमः।

ॐ नारायणाङ्गसम्भूतायै नमः।

ॐ नारायणप्रियायै तन्वै नमः।

ॐ नार्यै नमः।

ॐ नारायण्यै नमः।

ॐ गण्यायै नमः।

ॐ नारायणगृहप्रियायै नमः।

ॐ हरपूज्यायै नमः।

ॐ हरश्रेष्ठायै नमः।

ॐ हरस्य वल्लभायै नमः।

ॐ क्षमायै नमः।

ॐ संहार्यै नमः।

ॐ हरदेहस्थायै नमः।

ॐ हरपूजनतत्परायै नमः।

ॐ हरदेहसमुद्भूतायै नमः।

ॐ हराङ्गवासिन्यै नमः।

ॐ कुह्वै नमः।

ॐ हरपूजकपूज्यायै नमः।

ॐ हरवन्दकतत्परायै नमः।

ॐ हरदेहसमुत्पन्नायै नमः।

ॐ हरक्रीडायै नमः।

ॐ सदागत्यै नमः।

ॐ सुगणायै नमः।

ॐ सङ्गरहितायै नमः।

ॐ असङ्गायै नमः।

ॐ सङ्गनाशिन्यै नमः।

ॐ निर्जनायै नमः।

ॐ विजनायै नमः।

ॐ दुर्गायै नमः।

ॐ दुर्गक्लेशनिवारिण्यै नमः।

ॐ दुर्गदेहान्तकायै नमः।

ॐ दुर्गारूपिण्यै नमः।

ॐ दुर्गतस्थितायै नमः।

ॐ प्रेतप्रियायै नमः।

ॐ प्रेतकरायै नमः।

ॐ प्रेतदेहसमुद्भवायै नमः।

ॐ प्रेताङ्गवासिन्यै नमः।

ॐ प्रेतायै नमः।

ॐ प्रेतदेहविमर्दकायै नमः।

ॐ डाकिन्यै नमः।

ॐ योगिन्यै नमः।

ॐ कालरात्र्यै नमः।

ॐ सदा कालप्रियायै नमः।

ॐ कालरात्रिहरायै नमः।

ॐ कालायै नमः।

ॐ कृष्णदेहायै नमः।

ॐ महातन्वै नमः।

ॐ कृष्णाङ्ग्यै नमः।

ॐ कुटिलाङ्ग्यै नमः।

ॐ वज्राङ्ग्यै नमः।

ॐ वज्ररूपधृषे नमः।

ॐ नानादेहधरायै नमः।

ॐ धन्यायै नमः।

ॐ षट्चक्रक्रमवासिन्यै नमः।

ॐ मूलाधारनिवास्यै नमः।

ॐ सदा मूलाधारस्थितायै नमः।

ॐ वायुरूपायै नमः।

ॐ महारूपायै नमः।

ॐ वायुमार्गनिवासिन्यै नमः।

ॐ वायुयुक्तायै नमः।

ॐ वायुकरायै नमः।

ॐ वायुपूरकपूरकायै नमः।

ॐ वायुरूपधरायै देव्यै नमः।

ॐ सुषुम्नामार्गगामिन्यै नमः।

ॐ देहस्थायै नमः।

ॐ देहरूपायै नमः।

ॐ देहध्येयायै नमः।

ॐ सुदेहिकायै नमः।

ॐ नाडीरूपायै नमः।

ॐ महीरूपायै नमः।

ॐ नाडीस्थाननिवासिन्यै नमः।

ॐ इङ्गलायै नमः।

ॐ पिङ्गलायै नमः।

ॐ सुषुम्नामध्यवासिन्यै नमः।

ॐ सदाशिवप्रियकर्यै नमः।

ॐ मूलप्रकृतिरूपधृषे नमः।

ॐ अमृतेश्यै नमः।

ॐ महाशाल्यै नमः।

ॐ शृङ्गाराङ्गनिवासिन्यै नमः।

ॐ उत्पत्तिस्थितिसंहन्त्र्यै नमः।

ॐ प्रलयायै नमः।

ॐ पदवासिन्यै नमः।

ॐ महाप्रलययुक्तायै नमः।

ॐ सृष्टिसंहारकारिण्यै नमः।

ॐ स्वधायै नमः।

ॐ स्वाहायै नमः।

ॐ हव्यवाहायै नमः।

ॐ हव्यायै नमः।

ॐ सदा हव्यप्रियायै नमः।

ॐ हव्यस्थायै नमः।

ॐ हव्यभक्षायै नमः।

ॐ हव्यदेहसमुद्भवायै नमः।

ॐ हव्यक्रीडायै नमः।

ॐ कामधेनुस्वरूपायै नमः।

ॐ रूपसम्भवायै नमः।

ॐ सुरभ्यै नमः।

ॐ नन्दिन्यै नमः।

ॐ पुण्यायै नमः।

ॐ यज्ञाङ्ग्यै नमः।

ॐ यज्ञसम्भवायै नमः।

ॐ यज्ञस्थायै नमः।

ॐ यज्ञदेहायै नमः।

ॐ योनिजायै नमः।

ॐ योनिवासिन्यै नमः।

ॐ अयोनिजायै नमः।

ॐ सत्यै नमः।

ॐ सत्यायै नमः।

ॐ असत्यै नमः।

ॐ कुटिलातन्वै नमः।

ॐ अहल्यायै नमः।

ॐ गौतम्यै नमः।

ॐ गम्यायै नमः।

ॐ विदेहायै नमः।

ॐ देहनाशिन्यै नमः।

ॐ गान्धार्यै नमः।

ॐ द्रौपद्यै नमः।

ॐ दूत्यै नमः।

ॐ शिवप्रियायै नमः।

ॐ त्रयोदश्यै नमः।

ॐ पौर्णमास्यै नमः।

ॐ पञ्चदश्यै नमः।

ॐ पञ्चम्यै नमः।

ॐ चतुर्दश्यै नमः।

ॐ षष्ठ्यै नमः।

ॐ नवम्यै नमः।

ॐ अष्टम्यै नमः।

ॐ दशम्यै नमः।

ॐ एकादश्यै नमः।

ॐ द्वादश्यै नमः।

ॐ द्वाररूपायै नमः।

ॐ अभयप्रदायै नमः।

ॐ सङ्क्रान्त्यै नमः।

ॐ सामरूपायै नमः।

ॐ कुलीनायै नमः।

ॐ कुलनाशिन्यै नमः।

ॐ कुलकान्तायै नमः।

ॐ कृशायै नमः।

ॐ कुम्भायै नमः।

ॐ कुम्भदेहविवर्धिन्यै नमः।

ॐ विनीतायै नमः।

ॐ कुलवत्यै नमः।

ॐ अर्थायै नमः।

ॐ अन्तर्यै नमः।

ॐ अनुगायै नमः।

ॐ उषायै नमः।

ॐ नद्यै नमः।

ॐ सागरदायै नमः।

ॐ शान्त्यै नमः।

ॐ शान्तिरूपायै नमः।

ॐ सुशान्तिकायै नमः।

ॐ आशायै नमः।

ॐ तृष्णायै नमः।

ॐ क्षुधायै नमः।

ॐ क्षोभ्यायै नमः।

ॐ क्षोभरूपनिवासिन्यै नमः।

ॐ गङ्गायै नमः।

ॐ सागरगायै नमः।

ॐ कान्त्यै नमः।

ॐ श्रुत्यै नमः।

ॐ स्मृत्यै नमः।

ॐ धृत्यै नमः।

ॐ मह्यै नमः।

ॐ दिव्ने नमः।

ॐ रात्र्यै नमः।

ॐ पञ्चभूतदेहायै नमः।

ॐ सुदेहकायै नमः।

ॐ तण्डुलायै नमः।

ॐ छिन्नमस्तायै नमः।

ॐ नानायज्ञोपवीतिन्यै नमः।

ॐ वर्णिन्यै नमः।

ॐ डाकिन्यै नमः।

ॐ शक्त्यै नमः।

ॐ कुरुकुल्लायै नमः।

ॐ सुकुल्लकायै नमः।

ॐ प्रत्यङ्गिराऽपरायै नमः।

ॐ देव्यै नमः।

ॐ अजितायै नमः।

ॐ जयदायिन्यै नमः।

ॐ जयायै नमः।

ॐ विजयायै नमः।

ॐ महिषासुरघातिन्यै नमः।

ॐ मधुकैटभहन्त्र्यै नमः।

ॐ चण्डमुण्डविनाशिन्यै नमः।

ॐ निशुम्भशुम्भहनन्यै नमः।

ॐ रक्तबीजक्षयङ्कर्यै नमः।

ॐ काश्यै नमः।

ॐ काशीनिवासायै नमः।

ॐ मधुरायै नमः।

ॐ पार्वत्यै नमः।

ॐ परायै नमः।

ॐ अपर्णायै नमः।

ॐ चण्डिकायै नमः।

ॐ देव्यै नमः।

ॐ मृडान्यै नमः।

ॐ अम्बिकायै नमः।

ॐ कलायै नमः।

ॐ शुक्लायै नमः।

ॐ कृष्णायै नमः।

ॐ वर्ण्यवर्णायै नमः।

ॐ शरदिन्दुकलाकृत्यै नमः।

ॐ रुक्मिण्यै नमः।

ॐ राधिकायै नमः।

About This Stotram

Overview

The Bhairavi Sahasra Namavali is a Sanskrit namavali consisting of 1,000 names of Goddess Bhairavi, a fierce form of the Divine Mother. Each name describes a specific attribute or aspect of the Goddess, and the text belongs to the Tantric and Shakta traditions of Hindu devotional practice.

What are the benefits of chanting Bhairavi Sahasra Namavali?

  • Protection from negative energies and obstacles
  • Spiritual growth and progress toward liberation
  • Success in Tantric practices and ritual worship
  • Fulfillment of material and spiritual aspirations

When is the best time to recite this?

This namavali is traditionally recited during mornings and evenings. It is especially recommended during Navaratri, particularly on the eighth day (Ashtami), and during Tantric initiations or ritual occasions dedicated to the Divine Mother.

What is the historical and traditional background?

Goddess Bhairavi is counted among the Mahavidyas, a group of ten wisdom goddesses central to Tantrism. The specific compilation of 1,000 names is not found as a distinct chapter in the major Puranas or Upanishads and is likely a later compilation drawn from Tantric and Puranic sources honoring the Divine Mother in her fierce aspect. The author is unknown, which is common for such compilations, as they were often the collective work of devotional lineages rather than individual authors.

Available scripts

This text is available in 14 scripts: devanagari, tamil, telugu, kannada, malayalam, gujarati, bengali, iast, gurmukhi, oriya, assamese, sinhala, itrans, hk. Use the script selector above to switch between them.

Related Texts

  • Lalita Sahasranama — another Sahasra Namavali dedicated to a form of the Divine Mother in the Shakta tradition
  • Tripura Sundari Ashtakam — honors Tripura Sundari, a Mahavidya closely related to Bhairavi