Namavali - Sacred Scripture

1000 Names of Goddess Bagalamukhi

1000 Names of Goddess Bagalamukhi

Namavali
Goddess Bagalamukhi
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1000 Names of Goddess Bagalamukhi

ॐ ब्रह्मास्त्राय नमः।

ॐ ब्रह्म विद्यायै नमः।

ॐ ब्रह्म मात्रे नमः।

ॐ सनातन्यै नमः।

ॐ ब्रह्मेश्यै नमः।

ॐ ब्रह्मकैवल्यबगलायै नमः।

ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः।

ॐ नित्यानन्दायै नमः।

ॐ नित्यसिद्धायै नमः।

ॐ नित्यरूपायै नमः।

ॐ निरामयायै नमः।

ॐ सन्धारिण्यै नमः।

ॐ महामायायै नमः।

ॐ कटाक्षक्षेमकारिण्यै नमः।

ॐ कमलायै नमः।

ॐ विमलायै नमः।

ॐ नीलरत्नकान्तिगुणाश्रितायै नमः।

ॐ कामप्रियायै नमः।

ॐ कामरतायै नमः।

ॐ कामकामस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ मङ्गलायै नमः।

ॐ विजयायै नमः।

ॐ जायायै नमः।

ॐ सर्वमङ्गलकारिण्यै नमः।

ॐ कामिन्यै नमः।

ॐ कामिनीकाम्यायै नमः।

ॐ कामुकायै नमः।

ॐ कामचारिण्यै नमः।

ॐ कामप्रियायै नमः।

ॐ कामरतायै नमः।

ॐ कामकामस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ कामाख्यायै नमः।

ॐ कामबीजस्थायै नमः।

ॐ कामपीठनिवासिन्यै नमः।

ॐ कामदायै नमः।

ॐ कामहायै नमः।

ॐ काल्यै नमः।

ॐ कपाल्यै नमः।

ॐ करालिकायै नमः।

ॐ कंसार्यै नमः।

ॐ कमलायै नमः।

ॐ कामायै नमः।

ॐ कैलासेश्वरवल्लभायै नमः।

ॐ कात्यायन्यै नमः।

ॐ केशवायै नमः।

ॐ करुणायै नमः।

ॐ कामकेलिभुजे नमः।

ॐ क्रियाकीर्त्यै नमः।

ॐ कृत्तिकायै नमः।

ॐ काशिकायै नमः।

ॐ मथुरायै नमः।

ॐ शिवायै नमः।

ॐ कालाक्ष्यै नमः।

ॐ कालिकायै नमः।

ॐ कालीधवलाननसुन्दर्यै नमः।

ॐ खेचर्यै नमः।

ॐ खमूर्त्यै नमः।

ॐ क्षुद्राक्षुद्रक्षुधावरायै नमः।

ॐ खड्गहस्तायै नमः।

ॐ खड्गरतायै नमः।

ॐ खड्गिन्यै नमः।

ॐ खर्परप्रियायै नमः।

ॐ गङ्गायै नमः।

ॐ गौर्यै नमः।

ॐ गामिन्यै नमः।

ॐ गीतायै नमः।

ॐ गोत्रविवर्धिन्यै नमः।

ॐ गोधरायै नमः।

ॐ गोकरायै नमः।

ॐ गोधायै नमः।

ॐ गन्धर्वपुरवासिन्यै नमः।

ॐ गन्धर्वायै नमः।

ॐ गन्धर्वकलागोपिन्यै नमः।

ॐ गरुडासनायै नमः।

ॐ गोविन्दभावायै नमः।

ॐ गोविन्दायै नमः।

ॐ गान्धार्यै नमः।

ॐ गन्धमादिन्यै नमः।

ॐ गौराङ्ग्यै नमः।

ॐ गोपिकामूर्तये नमः।

ॐ गोपीगोष्ठनिवासिन्यै नमः।

ॐ गन्धायै नमः।

ॐ गजेन्द्रगामान्यायै नमः।

ॐ गदाधरप्रियाग्रहायै नमः।

ॐ घोरघोरायै नमः।

ॐ घोररूपायै नमः।

ॐ घनश्रेण्यै नमः।

ॐ घनप्रभायै नमः।

ॐ दैत्येन्द्रप्रबलायै नमः।

ॐ घण्टावादिन्यै नमः।

ॐ घोरनिःस्वनायै नमः।

ॐ डाकिन्यै नमः।

ॐ उमायै नमः।

ॐ उपेन्द्रायै नमः।

ॐ उर्वश्यै नमः।

ॐ उरगासनायै नमः।

ॐ उत्तमायै नमः।

ॐ उन्नतायै नमः।

ॐ उन्नायै नमः।

ॐ उत्तमस्थानवासिन्यै नमः।

ॐ चामुण्डायै नमः।

ॐ मुण्डितायै नमः।

ॐ चण्ड्यै नमः।

ॐ चण्डदर्पहरायै नमः।

ॐ उग्रचण्डायै नमः।

ॐ चण्डचण्डायै नमः।

ॐ चण्डदैत्यविनाशिन्यै नमः।

ॐ चण्डरूपायै नमः।

ॐ प्रचण्डायै नमः।

ॐ चण्डाचण्डशरीरिण्यै नमः।

ॐ चतुर्भुजायै नमः।

ॐ प्रचण्डायै नमः।

ॐ चराचरनिवासिन्यै नमः।

ॐ छत्रप्रायशिरोवाहायै नमः।

ॐ छलाच्छलतरायै नमः।

ॐ छल्यै नमः।

ॐ क्षत्ररूपायै नमः।

ॐ क्षत्रधरायै नमः।

ॐ क्षत्रियक्षयकारिण्यै नमः।

ॐ जयायै नमः।

ॐ जयदुर्गायै नमः।

ॐ जयन्त्यै नमः।

ॐ जयदायै नमः।

ॐ परायै नमः।

ॐ जायिनीजयिन्यै नमः।

ॐ ज्योत्स्नाजटाधरप्रियायै नमः।

ॐ अजितायै नमः।

ॐ जितेन्द्रियायै नमः।

ॐ जितक्रोधायै नमः।

ॐ जयमानायै नमः।

ॐ जनेश्वर्यै नमः।

ॐ जितमृत्यवे नमः।

ॐ जरातीतायै नमः।

ॐ जाह्नव्यै नमः।

ॐ जनकात्मजायै नमः।

ॐ झङ्कारायै नमः।

ॐ झञ्झरीझण्टायै नमः।

ॐ झङ्कारीझकशोभिन्यै नमः।

ॐ झखाझमेशायै नमः।

ॐ झङ्कारीयोनिकल्याणदायिन्यै नमः।

ॐ झञ्झरायै नमः।

ॐ झमुरीझारायै नमः।

ॐ झराझरतरायै परायै नमः।

ॐ झञ्झाझमेतायै नमः।

ॐ झङ्कारीझणाकल्याणदायिन्यै नमः।

ॐ ञमुनामानसीचिन्त्यायै नमः।

ॐ ञमुनाशङ्करप्रियायै नमः।

ॐ टङ्कारीटिटिकायै नमः।

ॐ टीकाटङ्किन्यै नमः।

ॐ टवर्गगायै नमः।

ॐ टापाटोपायै नमः।

ॐ टटपतये नमः।

ॐ टमन्यै नमः।

ॐ टमनप्रियायै नमः।

ॐ ठकारधारिण्यै नमः।

ॐ ठीकाठङ्कर्यै नमः।

ॐ ठिकरप्रियायै नमः।

ॐ ठेकठासायै नमः।

ॐ ठकरतीठामिन्यै नमः।

ॐ ठमनप्रियायै नमः।

ॐ डारहायै नमः।

ॐ डाकिन्यै नमः।

ॐ डाराडामरायै नमः।

ॐ डमरप्रियायै नमः।

ॐ डखिनीडडयुक्तायै नमः।

ॐ डमरूकरवल्लभायै नमः।

ॐ ढक्काढक्कीढक्कनादायै नमः।

ॐ ढोलशब्दप्रबोधिन्यै नमः।

ॐ ढामिनीढामनप्रीतायै नमः।

ॐ ढगतन्त्रप्रकाशिन्यै नमः।

ॐ अनेकरूपिण्यै नमः।

ॐ अम्बायै नमः।

ॐ अणिमासिद्धिदायिन्यै नमः।

ॐ अमन्त्रिण्यै नमः।

ॐ अणुकर्यै नमः।

ॐ अणुमद्भानुसंस्थितायै नमः।

ॐ तारातन्त्रवत्यै नमः।

ॐ तन्त्रतत्त्वरूपायै नमः।

ॐ तपस्विन्यै नमः।

ॐ तरङ्गिण्यै नमः।

ॐ तत्त्वपरायै नमः।

ॐ तन्त्रिकातन्त्रविग्रहायै नमः।

ॐ तपोरूपायै नमः।

ॐ तत्त्वदात्र्यै नमः।

ॐ तपःप्रीतिप्रधर्षिण्यै नमः।

ॐ तन्त्रयन्त्रार्चनपरायै नमः।

ॐ तलातलनिवासिन्यै नमः।

ॐ तल्पदायै नमः।

ॐ अल्पदायै नमः।

ॐ काम्यायै नमः।

ॐ स्थिरायै नमः।

ॐ स्थिरतरायै स्थित्यै नमः।

ॐ स्थाणुप्रियायै नमः।

ॐ स्थाणुपरायै नमः।

ॐ स्थितास्थानप्रदायिन्यै नमः।

ॐ दिगम्बरायै नमः।

ॐ दयारूपायै नमः।

ॐ दावाग्निदमनीदमायै नमः।

ॐ दुर्गायै नमः।

ॐ दुर्गपरादेव्यै नमः।

ॐ दुष्टदैत्यविनाशिन्यै नमः।

ॐ दमनप्रमदायै नमः।

ॐ दैत्यदयादानपरायणायै नमः।

ॐ दुर्गार्तिनाशिन्यै नमः।

ॐ दान्तायै नमः।

ॐ दम्भिन्यै नमः।

ॐ दम्भवर्जितायै नमः।

ॐ दिगम्बरप्रियायै नमः।

ॐ दम्भायै नमः।

ॐ दैत्यदम्भविदारिण्यै नमः।

ॐ दमनाशनसौन्दर्यायै नमः।

ॐ दानवेन्द्रविनाशिन्यै नमः।

ॐ दयाधरायै नमः।

ॐ दमन्यै नमः।

ॐ दर्भपत्रविलासिन्यै नमः।

ॐ धरणीधारिण्यै नमः।

ॐ धात्र्यै नमः।

ॐ धराधरधरप्रियायै नमः।

ॐ धराधरसुतायै देव्यै नमः।

ॐ सुधर्माधर्मचारिण्यै नमः।

ॐ धर्मज्ञायै नमः।

ॐ धवलाधूलायै नमः।

ॐ धनदायै नमः।

ॐ धनवर्धिन्यै नमः।

ॐ धीरायै नमः।

ॐ अधीरायै नमः।

ॐ धीरतरायै नमः।

ॐ धीरसिद्धिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ धन्वन्तरिधराधीरायै नमः।

ॐ ध्येयध्यानस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ नारायण्यै नमः।

ॐ नारसिंह्यै नमः।

ॐ नित्यानन्दनरोत्तमायै नमः।

ॐ नक्तानक्तावत्यै नमः।

ॐ नित्यायै नमः।

ॐ नीलजीमूतसन्निभायै नमः।

ॐ नीलाङ्ग्यै नमः।

ॐ नीलवस्त्रायै नमः।

ॐ नीलपर्वतवासिन्यै नमः।

ॐ सुनीलपुष्पखचितायै नमः।

ॐ नीलजम्बूसमप्रभायै नमः।

ॐ नित्याख्यायै षोडश्यै नमः।

ॐ विद्यायै नित्यायै नमः।

ॐ नित्यसुखावहायै नमः।

ॐ नर्मदायै नमः।

ॐ नन्दनानन्दायै नमः।

ॐ नन्दानन्द विवर्धिन्यै नमः।

ॐ यशोदानन्दतनयायै नमः।

ॐ नन्दनोद्यानवासिन्यै नमः।

ॐ नागान्तकायै नमः।

ॐ नागवृद्धायै नमः।

ॐ नागपत्न्यै नमः।

ॐ नागिन्यै नमः।

ॐ नमिताशेषजनतायै नमः।

ॐ नमस्कारवत्यै नमः।

ॐ नमसे नमः।

ॐ पीताम्बरायै नमः।

ॐ पार्वत्यै नमः।

ॐ पीताम्बरविभूषितायै नमः।

ॐ पीतमाल्याम्बरधरायै नमः।

ॐ पीताभायै नमः।

ॐ पिङ्गमूर्धजायै नमः।

ॐ पीतपुष्पार्चनरतायै नमः।

ॐ पीतपुष्पसमर्चितायै नमः।

ॐ परप्रभायै नमः।

ॐ पितृपतये नमः।

ॐ परसैन्यविनाशिन्यै नमः।

ॐ परमायै नमः।

ॐ परतन्त्रायै नमः।

ॐ परमन्त्रायै नमः।

ॐ परात्परायै नमः।

ॐ परायै विद्यायै नमः।

ॐ परायै सिद्ध्यै नमः।

ॐ परास्थानप्रदायिन्यै नमः।

ॐ पुष्पायै नमः।

ॐ नित्यं पुष्पवत्यै नमः।

ॐ पुष्पमालाविभूषितायै नमः।

ॐ पुरातनायै नमः।

ॐ पूर्वपरायै नमः।

ॐ परसिद्धिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ पीतानितम्बिन्यै नमः।

ॐ पीतापीनोन्नतपयस्स्तन्यै नमः।

ॐ प्रेमाप्रमध्यमाशेषायै नमः।

ॐ पद्मपत्रविलासिन्यै नमः।

ॐ पद्मावत्यै नमः।

ॐ पद्मनेत्रायै नमः।

ॐ पद्मायै नमः।

ॐ पद्ममुखीपरायै नमः।

ॐ पद्मासनायै नमः।

ॐ पद्मप्रियायै नमः।

ॐ पद्मरागस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ पावन्यै नमः।

ॐ पालिकायै नमः।

ॐ पात्र्यै नमः।

ॐ परदायै नमः।

ॐ अवरदायै नमः।

ॐ शिवायै नमः।

ॐ प्रेतसंस्थायै नमः।

ॐ परानन्दायै नमः।

ॐ परब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ जिनेश्वरप्रियायै देव्यै नमः।

ॐ पशुरक्तरतप्रियायै नमः।

ॐ पशुमांसप्रियायै नमः।

ॐ अपर्णायै नमः।

ॐ परामृतपरायणायै नमः।

ॐ पाशिन्यै नमः।

ॐ पाशिकायै नमः।

ॐ पशुघ्न्यै नमः।

ॐ पशुभाषिण्यै नमः।

ॐ फुल्लारविन्दवदन्यै नमः।

ॐ फुल्लोत्पलशरीरिण्यै नमः।

ॐ परानन्दप्रदायै नमः।

ॐ वीणायै नमः।

ॐ पशुपाशविनाशिन्यै नमः।

ॐ फूत्कारायै नमः।

ॐ फूत्परायै नमः।

ॐ फेण्यै नमः।

ॐ फुल्लेन्दीवरलोचनायै नमः।

ॐ फट्मन्त्रायै नमः।

ॐ स्फटिकायै नमः।

ॐ स्वाहायै नमः।

ॐ स्फोटायै नमः।

ॐ फट्स्वरूपिण्यै नमः।

ॐ स्फाटिकाघुटिकायै नमः।

ॐ घोरायै नमः।

ॐ स्फटिकाद्रिस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ वराङ्गनायै नमः।

ॐ वरधरायै नमः।

ॐ वाराह्यै नमः।

ॐ वासुकीवरायै नमः।

ॐ बिन्दुस्थायै नमः।

ॐ बिन्दुनीवाण्यै नमः।

ॐ बिन्दुचक्रनिवासिन्यै नमः।

ॐ विद्याधर्यै नमः।

ॐ विशालाक्ष्यै नमः।

ॐ काशीवासिजनप्रियायै नमः।

ॐ वेदविद्यायै नमः।

ॐ विरूपाक्ष्यै नमः।

ॐ विश्वयुजे नमः।

ॐ बहुरूपिण्यै नमः।

ॐ ब्रह्मशक्त्यै नमः।

ॐ विष्णुशक्त्यै नमः।

ॐ पञ्चवक्त्रायै नमः।

ॐ शिवप्रियायै नमः।

ॐ वैकुण्ठवासिन्यै देव्यै नमः।

ॐ वैकुण्ठपददायिन्यै नमः।

ॐ ब्रह्मरूपायै नमः।

ॐ विष्णुरूपायै नमः।

ॐ परब्रह्ममहेश्वर्यै नमः।

ॐ भवप्रियायै नमः।

ॐ भवोद्भावायै नमः।

ॐ भवरूपायै नमः।

ॐ भवोत्तमायै नमः।

ॐ भवपारायै नमः।

ॐ भवाधारायै नमः।

ॐ भाग्यवत्प्रियकारिण्यै नमः।

ॐ भद्रायै नमः।

ॐ सुभद्रायै नमः।

ॐ भवदायै नमः।

ॐ शुम्भदैत्यविनाशिन्यै नमः।

ॐ भवान्यै नमः।

ॐ भैरव्यै नमः।

ॐ भीमायै नमः।

ॐ भद्रकाल्यै नमः।

ॐ सुभद्रिकायै नमः।

ॐ भगिन्यै नमः।

ॐ भगरूपायै नमः।

ॐ भगमानायै नमः।

ॐ भगोत्तमायै नमः।

ॐ भगप्रियायै नमः।

ॐ भगवत्यै नमः।

ॐ भगवासायै नमः।

ॐ भगाकरायै नमः।

ॐ भगसृष्टायै नमः।

ॐ भाग्यवत्यै नमः।

ॐ भगरूपायै नमः।

ॐ भगासिन्यै नमः।

ॐ भगलिङ्गप्रियायै देव्यै नमः।

ॐ भगलिङ्गपरायणायै नमः।

ॐ भगलिङ्गस्वरूपायै नमः।

ॐ भगलिङ्गविनोदिन्यै नमः।

ॐ भगलिङ्गरतायै देव्यै नमः।

ॐ भगलिङ्गनिवासिन्यै नमः।

ॐ भगमालायै नमः।

ॐ भगकलायै नमः।

ॐ भगाधारायै नमः।

ॐ भगाम्बरायै नमः।

ॐ भगवेगायै नमः।

ॐ भगापूषायै नमः।

ॐ भगेन्द्रायै नमः।

ॐ भाग्यरूपिण्यै नमः।

ॐ भगलिङ्गाङ्गसम्भोगायै नमः।

ॐ भगलिङ्गासवावहायै नमः।

ॐ भगलिङ्गसमाधुर्यायै नमः।

ॐ भगलिङ्गनिवेशितायै नमः।

ॐ भगलिङ्गसुपूजायै नमः।

ॐ भगलिङ्गसमन्वितायै नमः।

ॐ भगलिङ्गविरक्तायै नमः।

ॐ भगलिङ्गसमावृतायै नमः।

ॐ माधव्यै नमः।

ॐ माधवीमान्यायै नमः।

ॐ मधुरायै नमः।

ॐ मधुमानिन्यै नमः।

ॐ मन्दहासायै नमः।

ॐ महामायायै नमः।

ॐ मोहिन्यै नमः।

ॐ महदुत्तमायै नमः।

ॐ महामोहायै नमः।

ॐ महाविद्यायै नमः।

ॐ महाघोरायै नमः।

ॐ महास्मृत्यै नमः।

ॐ मनस्विन्यै नमः।

ॐ मानवत्यै नमः।

ॐ मोदिन्यै नमः।

ॐ मधुराननायै नमः।

ॐ मेनकायै नमः।

ॐ मानिनीमान्यायै नमः।

ॐ मणिरत्नविभूषणायै नमः।

ॐ मल्लिकामौलिकामालायै नमः।

ॐ मालाधरमदोत्तमायै नमः।

ॐ मदनासुन्दर्यै नमः।

ॐ मेधायै नमः।

ॐ मधुमत्तायै नमः।

ॐ मधुप्रियायै नमः।

ॐ मत्तहंसीसमोन्नासायै नमः।

ॐ मत्तसिंहमहासन्यै नमः।

ॐ महेन्द्रवल्लभायै नमः।

ॐ भीमायै नमः।

ॐ मौल्यञ्चमिथुनात्मजायै नमः।

ॐ महाकाल्या महाकाल्यै नमः।

ॐ महाबुद्धये नमः।

ॐ महोत्कटायै नमः।

ॐ माहेश्वर्यै नमः।

ॐ महामायायै नमः।

ॐ महिषासुरघातिन्यै नमः।

ॐ मधुरायै कीर्तिमत्तायै नमः।

ॐ मत्तमातङ्गगामिन्यै नमः।

ॐ मदप्रियायै नमः।

ॐ मांसरतायै नमः।

ॐ मत्तयुक्कामकारिण्यै नमः।

ॐ मैथुन्यवल्लभायै नमः।

ॐ महानन्दायै नमः।

ॐ महोत्सवायै नमः।

ॐ मरीचये नमः।

ॐ मारत्यै नमः।

ॐ मायायै नमः।

ॐ मनोबुद्धिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ मोहायै नमः।

ॐ मोक्षायै नमः।

ॐ महालक्ष्मै नमः।

ॐ महत्पदप्रदायिन्यै नमः।

ॐ यमरूपायै नमः।

ॐ यमुनायै नमः।

ॐ जयन्त्यै नमः।

ॐ जयप्रदायै नमः।

ॐ याम्यायै नमः।

ॐ यमवत्यै नमः।

ॐ युद्धायै नमः।

ॐ यदोः कुलविवर्धिन्यै नमः।

ॐ रमारामायै नमः।

ॐ रामपत्न्यै नमः।

ॐ रत्नमालारतिप्रियायै नमः।

ॐ रत्नसिंहासनस्थायै नमः।

ॐ रत्नाभरणमण्डितायै नमः।

ॐ रमण्यै नमः।

ॐ रमणीयायै नमः।

ॐ रत्यारसपरायणायै नमः।

ॐ रतानन्दायै नमः।

ॐ रतवत्यै नमः।

ॐ रघूणां कुलवर्धिन्यै नमः।

ॐ रमणारिपरिभ्राज्यायै नमः।

ॐ रैधायै नमः।

ॐ राधिकरत्नजायै नमः।

ॐ रावीरसस्वरूपायै नमः।

ॐ रात्रिराजसुखावहायै नमः।

ॐ ऋतुजायै नमः।

ॐ ऋतुदायै नमः।

ॐ ऋद्धायै नमः।

ॐ ऋतुरूपायै नमः।

ॐ ऋतुप्रियायै नमः।

ॐ रक्तप्रियायै नमः।

ॐ रक्तवत्यै नमः।

ॐ रङ्गिण्यै नमः।

ॐ रक्तदन्तिकायै नमः।

ॐ लक्ष्म्यै नमः।

ॐ लज्जायै नमः।

ॐ लतिकायै नमः।

ॐ लीलालग्नानिताक्षिण्यै नमः।

ॐ लीलायै नमः।

ॐ लीलावत्यै नमः।

ॐ लोमहर्षाह्लादिनपट्टिकायै नमः।

ॐ ब्रह्मस्थितायै नमः।

ॐ ब्रह्मरूपायै नमः।

ॐ ब्रह्मणा वेदवन्दितायै नमः।

ॐ ब्रह्मोद्भवायै नमः।

ॐ ब्रह्मकलायै नमः।

ॐ ब्रह्माण्यै नमः।

ॐ ब्रह्मबोधिन्यै नमः।

ॐ वेदाङ्गनायै नमः।

ॐ वेदरूपायै नमः।

ॐ वनितायै नमः।

ॐ विनतावसायै नमः।

ॐ बालायै नमः।

ॐ युवत्यै नमः।

ॐ वृद्धायै नमः।

ॐ ब्रह्मकर्मपरायणायै नमः।

ॐ विन्ध्यस्थायै नमः।

ॐ विन्ध्यवास्यै नमः।

ॐ बिन्दुयुग्बिन्दुभूषणायै नमः।

ॐ विद्यावत्यै नमः।

ॐ वेदधार्यै नमः।

ॐ व्यापिकायै नमः।

ॐ बर्हिण्यै कलायै नमः।

ॐ वामाचारप्रियायै नमः।

ॐ वह्नये नमः।

ॐ वामाचारपरायणायै नमः।

ॐ वामाचाररतायै देव्यै नमः।

ॐ वामदेवप्रियोत्तमायै नमः।

ॐ बुद्धेन्द्रियायै नमः।

ॐ विबुद्धायै नमः।

ॐ बुद्धाचरणमालिन्यै नमः।

ॐ बन्धमोचनतर्त्र्यै नमः।

ॐ वारुणायै नमः।

ॐ वरुणालयायै नमः।

ॐ शिवायै नमः।

ॐ शिवप्रियायै नमः।

ॐ शुद्धायै नमः।

ॐ शुद्धाङ्ग्यै नमः।

ॐ शुक्लवर्णिकायै नमः।

ॐ शुक्लपुष्पप्रियायै नमः।

ॐ शुक्लायै नमः।

ॐ शिवधर्मपरायणायै नमः।

ॐ शुक्लस्थायै नमः।

ॐ शुक्लिन्यै नमः।

ॐ शुक्लरूपशुक्लपशुप्रियायै नमः।

ॐ शुक्रस्थायै नमः।

ॐ शुक्रिण्यै नमः।

ॐ शुक्रायै नमः।

ॐ शुक्ररूपायै नमः।

ॐ शुक्रिकायै नमः।

ॐ षण्मुख्यै नमः।

ॐ षडङ्गायै नमः।

ॐ षट्चक्रविनिवासिन्यै नमः।

ॐ षड्ग्रन्थियुक्तायै नमः।

ॐ षोढायै नमः।

ॐ षण्मात्रे नमः।

ॐ षडात्मिकायै नमः।

ॐ षडङ्गयुवत्यै देव्यै नमः।

ॐ षडङ्गप्रकृत्यै नमः।

ॐ वश्यै नमः।

ॐ षडाननायै नमः।

ॐ षड्रसायै नमः।

ॐ षष्ठीषष्ठेश्वरीप्रियायै नमः।

ॐ षड्जवादायै नमः।

ॐ षोडश्यै नमः।

ॐ षोढान्यासस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ षट्चक्रभेदनकर्यै नमः।

ॐ षट्चक्रस्थस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ षोडशस्वररूपायै नमः।

ॐ षण्मुख्यै नमः।

ॐ षट्पदान्वितायै नमः।

ॐ सनकादि स्वरूपायै नमः।

ॐ शिवधर्मपरायणायै नमः।

ॐ सिद्धसप्तस्वर्यै नमः।

ॐ शुद्धायै नमः।

ॐ सुरमात्रे नमः।

ॐ सुरोत्तमायै नमः।

ॐ सिद्धविद्यायै नमः।

ॐ सिद्धमात्रे नमः।

ॐ सिद्धासिद्धस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ हरायै नमः।

ॐ हरिप्रियाहारायै नमः।

ॐ हरिणीहारयुजे नमः।

ॐ हरिरूपायै नमः।

ॐ हरिधरायै नमः।

ॐ हरिणाक्ष्यै नमः।

ॐ हरिप्रियायै नमः।

ॐ हेतुप्रियायै नमः।

ॐ हेतुरतायै नमः।

ॐ हिताहितस्वरूपिण्यै नमः।

ॐ क्षमायै नमः।

ॐ क्षमावत्यै नमः।

ॐ क्षीतायै नमः।

ॐ क्षुद्रघण्टाविभूषणायै नमः।

ॐ क्षयङ्कर्यै नमः।

ॐ क्षितीशायै नमः।

ॐ क्षीणमध्यसुशोभनायै नमः।

ॐ अजायै नमः।

ॐ अनन्तायै नमः।

ॐ अपर्णायै नमः।

ॐ अहल्याशेषशायिन्यै नमः।

ॐ स्वान्तर्गतायै नमः।

ॐ साधूनामन्तरानन्दरूपिण्यै नमः।

ॐ अरूपायै नमः।

ॐ अमलायै नमः।

ॐ अर्धायै नमः।

ॐ अनन्तगुणशालिन्यै नमः।

ॐ स्वविद्यायै नमः।

ॐ विद्यकाविद्यायै नमः।

ॐ विद्यायै नमः।

ॐ चार्विन्दुलोचनायै नमः।

ॐ अपराजितायै नमः।

ॐ जातवेदायै नमः।

ॐ अजपायै नमः।

ॐ अमरावत्यै नमः।

ॐ अल्पायै नमः।

ॐ स्वल्पायै नमः।

ॐ अनल्पाद्यायै नमः।

ॐ अणिमासिद्धिदायिन्यै नमः।

ॐ अष्टसिद्धिप्रदायै देव्यै नमः।

ॐ रूपलक्षणसंयुतायै नमः।

ॐ अरविन्दमुखायै देव्यै नमः।

ॐ भोगसौख्यप्रदायिन्यै नमः।

ॐ आदिविद्यायै नमः।

ॐ आदिभूतायै नमः।

ॐ आदिसिद्धिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ सीत्काररूपिण्यै देव्यै नमः।

ॐ सर्वासनविभूषितायै नमः।

ॐ इन्द्रप्रियायै नमः।

ॐ इन्द्राण्यै नमः।

ॐ इन्द्रप्रस्थनिवासिन्यै नमः।

ॐ इन्द्राक्ष्यै नमः।

ॐ इन्द्रवज्रायै नमः।

ॐ इन्द्रमद्योक्षण्यै नमः।

ॐ ईलाकामनिवासायै नमः।

ॐ ईश्वर्यै नमः।

ॐ ईश्वरवल्लभायै नमः।

ॐ जनन्यै नमः।

ॐ ईश्वर्यै नमः।

ॐ दीनाभेदायै नमः।

ॐ ईश्वरकर्मकृते नमः।

ॐ उमायै नमः।

ॐ कात्यायन्यै नमः।

ॐ ऊर्ध्वायै नमः।

ॐ मीनायै नमः।

ॐ उत्तरवासिन्यै नमः।

ॐ उमापतिप्रियायै देव्यै नमः।

ॐ शिवायै नमः।

ॐ ओङ्काररूपिण्यै नमः।

ॐ उरगेन्द्रशिरोरत्नायै नमः।

ॐ उरगायै नमः।

ॐ उरगवल्लभायै नमः।

ॐ उद्यानवासिन्यै नमः।

ॐ मालायै नमः।

ॐ प्रशस्तमणिभूषणायै नमः।

ॐ ऊर्ध्वदन्तोत्तमाङ्ग्यै नमः।

ॐ उत्तमायै नमः।

ॐ ऊर्ध्वकेशिन्यै नमः।

ॐ उमासिद्धिप्रदायै नमः।

ॐ उरगासनसंस्थितायै नमः।

ॐ ऋषिपुत्र्यै नमः।

ॐ ऋषिच्छन्दायै नमः।

ॐ ऋद्धिसिद्धिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ उत्सवोत्सवसीमन्तायै नमः।

ॐ कामिकायै नमः।

ॐ गुणान्वितायै नमः।

ॐ एलायै नमः।

ॐ एकारविद्यायै नमः।

ॐ एणीविद्याधरायै नमः।

ॐ ओङ्कारावलयोपेतायै नमः।

ॐ ओङ्कारपरमायै नमः।

ॐ वदवदवाण्यै नमः।

ॐ ओङ्काराक्षरमण्डितायै नमः।

ॐ ऐन्द्र्यै नमः।

ॐ कुलिशहस्तायै नमः।

ॐ लोकपरवासिन्यै नमः।

ॐ ओङ्कारमध्यबीजायै नमः।

ॐ नमोरूपधारिण्यै नमः।

ॐ परब्रह्मस्वरूपायै नमः।

ॐ अंशुकायै नमः।

ॐ अंशुकवल्लभायै नमः।

ॐ ओङ्कारायै नमः।

ॐ अःफड्मन्त्रायै नमः।

ॐ अक्षाक्षरविभूषितायै नमः।

ॐ अमन्त्रायै नमः।

ॐ मन्त्ररूपायै नमः।

ॐ पदशोभासमन्वितायै नमः।

ॐ प्रणवोङ्काररूपायै नमः।

ॐ प्रणवोच्चारभाजे नमः।

ॐ ह्रींकाररूपायै नमः।

ॐ ह्रींकार्यै नमः।

ॐ वाग्बीजाक्षरभूषणायै नमः।

ॐ हृल्लेखासिद्धियोगायै नमः।

ॐ हृत्पद्मासनसंस्थितायै नमः।

ॐ बीजाख्यायै नमः।

ॐ नेत्रहृदयायै नमः।

ॐ ह्रीम्बीजायै नमः।

ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।

ॐ क्लीङ्कामराजायै नमः।

ॐ क्लिन्नायै नमः।

ॐ चतुर्वर्गफलप्रदायै नमः।

ॐ क्लीङ्क्लीङ्क्लींरूपिकायै देव्यै नमः।

ॐ क्रीङ्क्रीङ्क्रीन्नामधारिण्यै नमः।

ॐ कमलाशक्तिबीजायै नमः।

ॐ पाशाङ्कुशविभूषितायै नमः।

ॐ श्रींश्रींकारायै नमः।

ॐ महाविद्यायै नमः।

ॐ श्रद्धायै नमः।

ॐ श्रद्धावत्यै नमः।

ॐ ऐङ्क्लींह्रींश्रीम्परायै नमः।

ॐ क्लीङ्कार्यै नमः।

ॐ परमायै कलायै नमः।

ॐ ह्रींक्लींश्रींकारस्वरूपायै नमः।

ॐ सर्वकर्मफलप्रदायै नमः।

ॐ सर्वाढ्यायै नमः।

ॐ सर्वदेव्यै नमः।

ॐ सर्वसिद्धिप्रदायै नमः।

ॐ सर्वज्ञायै नमः।

ॐ सर्वशक्त्यै नमः।

ॐ वाग्विभूतिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ सर्वमोक्षप्रदायै नमः।

ॐ सर्वभोगप्रदायिन्यै नमः।

ॐ गुणेन्द्रवल्लभायै वामायै नमः।

ॐ सर्वशक्तिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ सर्वानन्दमय्यै नमः।

ॐ सर्वसिद्धिप्रदायिन्यै नमः।

ॐ सर्वचक्रेश्वर्यै देव्यै नमः।

ॐ सर्वसिद्धेश्वर्यै नमः।

ॐ सर्वप्रियङ्कर्यै नमः।

ॐ सर्वसौख्यप्रदायिन्यै नमः।

ॐ सर्वानन्दप्रदायै नमः।

ॐ ब्रह्मानन्दप्रदायिन्यै नमः।

ॐ मनोवाञ्छितदात्र्यै नमः।

ॐ मनोबुद्धिसमन्वितायै नमः।

ॐ अकारादिक्षकारान्तायै नमः।

ॐ दुर्गायै नमः।

ॐ दुर्गार्तिनाशिन्यै नमः।

ॐ पद्मनेत्रायै नमः।

ॐ सुनेत्रायै नमः।

ॐ स्वधास्वाहावषट्कर्यै नमः।

ॐ स्वर्वर्गायै नमः।

ॐ देववर्गायै नमः।

ॐ तवर्गायै नमः।

ॐ समन्वितायै नमः।

ॐ अन्तस्थायै नमः।

ॐ वेश्मरूपायै नमः।

ॐ नवदुर्गायै नमः।

ॐ नरोत्तमायै नमः।

ॐ तत्त्वसिद्धिप्रदायै नमः।

ॐ नीलायै नमः।

ॐ नीलपताकिन्यै नमः।

ॐ नित्यरूपायै नमः।

ॐ निशाकार्यै नमः।

ॐ स्तम्भिन्यै नमः।

ॐ मोहिन्यै नमः।

ॐ वशङ्कर्यै नमः।

ॐ उच्चाट्यै नमः।

ॐ उन्माद्यै नमः।

ॐ कर्षिण्यै नमः।

ॐ मातङ्ग्यै नमः।

ॐ मधुमत्तायै नमः।

ॐ अणिमायै नमः।

ॐ लघिमायै नमः।

ॐ सिद्धायै नमः।

ॐ मोक्षप्रदायै नित्यायै नमः।

ॐ नित्यानन्दप्रदायिन्यै नमः।

ॐ रक्ताङ्ग्यै नमः।

ॐ रक्तनेत्रायै नमः।

ॐ रक्तचन्दनभूषितायै नमः।

ॐ स्वल्पसिद्ध्यै नमः।

ॐ सुकल्पायै नमः।

ॐ दिव्यचारणशुक्रभायै नमः।

ॐ सङ्क्रान्त्यै नमः।

ॐ सर्वविद्यायै नमः।

ॐ सप्तवासरभूषितायै नमः।

ॐ प्रथमायै नमः।

ॐ द्वितीयायै नमः।

ॐ तृतीयायै नमः।

ॐ चतुर्थिकायै नमः।

ॐ पञ्चम्यै नमः।

ॐ षष्ठ्यै नमः।

ॐ विशुद्धायै सप्तम्यै नमः।

ॐ अष्टम्यै नमः।

ॐ नवम्यै नमः।

ॐ दशम्यै नमः।

ॐ एकादश्यै नमः।

ॐ द्वादश्यै नमः।

ॐ त्रयोदश्यै नमः।

ॐ चतुर्दश्यै नमः।

ॐ पूर्णिमायै नमः।

ॐ अमावास्यायै नमः।

ॐ पूर्वायै नमः।

ॐ उत्तरायै नमः।

ॐ परिपूर्णिमायै नमः।

ॐ खड्गिन्यै नमः।

ॐ चक्रिण्यै नमः।

ॐ घोरायै नमः।

ॐ गदिन्यै नमः।

ॐ शूलिन्यै नमः।

ॐ भुशुण्डीचापिन्यै नमः।

ॐ बाणायै नमः।

ॐ सर्वायुधविभूषणायै नमः।

ॐ कुलेश्वर्यै नमः।

ॐ कुलवत्यै नमः।

ॐ कुलाचारपरायणायै नमः।

ॐ कुलकर्मसुरक्तायै नमः।

ॐ कुलाचारप्रवर्धिन्यै नमः।

ॐ कीर्त्यै नमः।

ॐ श्रियै नमः।

ॐ रमायै नमः।

ॐ रामायै नमः।

ॐ धर्मायै सततं नमः।

ॐ क्षमायै नमः।

ॐ धृत्यै नमः।

ॐ स्मृत्यै नमः।

ॐ मेधायै नमः।

ॐ कल्पवृक्षनिवासिन्यै नमः।

ॐ उग्रायै नमः।

ॐ उग्रप्रभायै नमः।

ॐ गौर्यै नमः।

ॐ वेदविद्याविबोधिन्यै नमः।

ॐ साध्यायै नमः।

ॐ सिद्धायै नमः।

ॐ सुसिद्धायै नमः।

ॐ विप्ररूपायै नमः।

ॐ काल्यै नमः।

ॐ कराल्यै नमः।

ॐ काल्यायै कलायै नमः।

ॐ दैत्यविनाशिन्यै नमः।

ॐ कौलिन्यै नमः।

ॐ कालिक्यै नमः।

ॐ क च ट त प वर्णिकायै नमः।

ॐ जयिन्यै नमः।

ॐ जययुक्तायै नमः।

ॐ जयदायै नमः।

ॐ जृम्भिण्यै नमः।

ॐ स्राविण्यै नमः।

ॐ द्राविण्यै देव्यै नमः।

ॐ भेरुण्डायै नमः।

ॐ विन्ध्यवासिन्यै नमः।

ॐ ज्योतिर्भूतायै नमः।

ॐ जयदायै नमः।

ॐ ज्वालामालासमाकुलायै नमः।

ॐ भिन्नाभिन्नप्रकाशायै नमः।

ॐ विभिन्नाभिन्नरूपिण्यै नमः।

ॐ अश्विन्यै नमः।

ॐ भरण्यै नमः।

ॐ नक्षत्रसम्भवानिलायै नमः।

ॐ काश्यप्यै नमः।

ॐ विनताख्यातायै नमः।

ॐ दितिजायै नमः।

ॐ अदित्यै नमः।

ॐ कीर्त्यै नमः।

ॐ कामप्रियायै देव्यै नमः।

ॐ कीर्त्याकीर्तिविवर्धिन्यै नमः।

ॐ सद्योमांससमालब्धायै नमः।

ॐ सद्यश्छिन्नासिशङ्करायै नमः।

ॐ दक्षिणायै दिशे नमः।

ॐ उत्तरायै दिशे नमः।

ॐ पूर्वायै दिशे नमः।

ॐ पश्चिमायै दिशे नमः।

ॐ अग्निनैरृतिवायव्येशान्यादिदिशे नमः।

ॐ स्मृतायै नमः।

ॐ ऊर्ध्वाङ्गाधोगतायै नमः।

ॐ श्वेतायै नमः।

ॐ कृष्णायै नमः।

ॐ रक्तायै नमः।

ॐ पीतकायै नमः।

ॐ चतुर्वर्गायै नमः।

ॐ चतुर्वर्णायै नमः।

ॐ चतुर्मात्रात्मिकाक्षरायै नमः।

ॐ चतुर्मुख्यै नमः।

ॐ चतुर्वेदायै नमः।

ॐ चतुर्विद्यायै नमः।

ॐ चतुर्मुखायै नमः।

ॐ चतुर्गणायै नमः।

ॐ चतुर्मात्रे नमः।

ॐ चतुर्वर्गफलप्रदायै नमः।

ॐ धात्रीविधात्रीमिथुनायै नमः।

ॐ नार्यै नमः।

ॐ नायकवासिन्यै नमः।

ॐ सुरामुदामुदवत्यै नमः।

ॐ मेदिन्यै नमः।

ॐ मेनकात्मजायै नमः।

ॐ ऊर्ध्वकाल्यै नमः।

ॐ सिद्धिकाल्यै नमः।

ॐ दक्षिणाकालिकायै नमः।

ॐ शिवायै नमः।

ॐ नीलायै सरस्वत्यै नमः।

ॐ सा त्वं बगलायै नमः।

ॐ छिन्नमस्तकायै नमः।

ॐ सर्वेश्वर्यै नमः।

ॐ सिद्धविद्यायै परायै नमः।

ॐ परमदेवतायै नमः।

ॐ हिङ्गुलायै नमः।

ॐ हिङ्गुलाङ्ग्यै नमः।

ॐ हिङ्गुलाधरवासिन्यै नमः।

ॐ हिङ्गुलोत्तमवर्णाभायै नमः।

ॐ हिङ्गुलाभरणायै नमः।

ॐ जाग्रत्यै नमः।

ॐ जगन्मात्रे नमः।

ॐ जगदीश्वरवल्लभायै नमः।

ॐ जनार्दनप्रियायै देव्यै नमः।

ॐ जययुक्तायै नमः।

ॐ जयप्रदायै नमः।

ॐ जगदानन्दकार्यै नमः।

ॐ जगदाह्लादिकारिण्यै नमः।

ॐ ज्ञानदानकर्यै नमः।

ॐ यज्ञायै नमः।

ॐ जानक्यै नमः।

ॐ जनकप्रियायै नमः।

ॐ जयन्त्यै नमः।

ॐ जयदायै नित्यायै नमः।

ॐ ज्वलदग्निसमप्रभायै नमः।

ॐ विद्याधरायै नमः।

ॐ बिम्बोष्ठ्यै नमः।

ॐ कैलासाचलवासिन्यै नमः।

ॐ विभवायै नमः।

ॐ वडवाग्नये नमः।

ॐ अग्निहोत्रफलप्रदायै नमः।

ॐ मन्त्ररूपायै नमः।

ॐ गुरुरूपिण्यै नमः।

ॐ गयायै नमः।

ॐ गङ्गायै नमः।

ॐ गोमत्यै नमः।

ॐ प्रभासायै नमः।

ॐ पुष्करायै नमः।

ॐ विन्ध्याचलरतायै देव्यै नमः।

ॐ विन्ध्याचलनिवासिन्यै नमः।

ॐ बह्वै नमः।

ॐ बहुसुन्दर्यै नमः।

ॐ कंसासुरविनाशिन्यै नमः।

ॐ शूलिन्यै नमः।

ॐ शूलहस्तायै नमः।

ॐ वज्रायै नमः।

ॐ वज्रहरायै नमः।

ॐ दुर्गायै नमः।

ॐ शिवायै नमः।

ॐ शान्तिकर्यै नमः।

ॐ ब्रह्माण्यै नमः।

ॐ ब्राह्मणप्रियायै नमः।

ॐ सर्वलोकप्रणेत्र्यै नमः।

ॐ सर्वरोगहरायै नमः।

ॐ मङ्गलायै नमः।

ॐ शोभनायै नमः।

ॐ शुद्धायै नमः।

ॐ निष्कलायै नमः।

ॐ परमायै कलायै नमः।

ॐ विश्वेश्वर्यै नमः।

ॐ विश्वमात्रे नमः।

ॐ ललितायै वासिताननायै नमः।

ॐ सदाशिवायै नमः।

ॐ उमायै क्षेमायै नमः।

ॐ चण्डिकायै नमः।

ॐ चण्डविक्रमायै नमः।

ॐ सर्वदेवमय्यै देव्यै नमः।

ॐ सर्वागमभयापहायै नमः।

ॐ ब्रह्मेशविष्णुनमितायै नमः।

ॐ सर्वकल्याणकारिण्यै नमः।

ॐ योगिनीयोगमात्रे नमः।

ॐ योगीन्द्रहृदयस्थितायै नमः।

ॐ योगिजायायै नमः।

ॐ योगवत्यै नमः।

ॐ योगीन्द्रानन्दयोगिन्यै नमः।

ॐ इन्द्रादि नमितायै देव्यै नमः।

ॐ ईश्वर्यै नमः।

ॐ ईश्वरप्रियायै नमः।

ॐ विशुद्धिदायै नमः।

ॐ भयहरायै नमः।

ॐ भक्तद्वेषिभयङ्कर्यै नमः।

ॐ भववेषायै नमः।

ॐ कामिन्यै नमः।

ॐ भेरुण्डायै नमः।

ॐ भवकारिण्यै नमः।

ॐ बलभद्रप्रियाकारायै नमः।

ॐ संसारार्णवतारिण्यै नमः।

ॐ पञ्चभूतायै नमः।

ॐ सर्वभूतायै नमः।

ॐ विभूत्यै नमः।

ॐ भूतिधारिण्यै नमः।

ॐ सिंहवाहायै नमः।

ॐ महामोहायै नमः।

ॐ मोहपाशविनाशिन्यै नमः।

ॐ मन्दुरायै नमः।

ॐ मदिरायै नमः।

ॐ मुद्रायै नमः।

ॐ मुद्रामुद्गरधारिण्यै नमः।

ॐ सावित्र्यै नमः।

ॐ महादेव्यै नमः।

ॐ परप्रियविनायिकायै नमः।

ॐ यमदूत्यै नमः।

ॐ पिङ्गाक्ष्यै नमः।

ॐ वैष्णव्यै नमः।

ॐ शङ्कर्यै नमः।

ॐ चन्द्रप्रियायै नमः।

ॐ चन्द्ररतायै नमः।

ॐ चन्दनारण्यवासिन्यै नमः।

ॐ चन्दनेन्द्रसमायुक्तायै नमः।

ॐ चण्डदैत्यविनाशिन्यै नमः।

ॐ सर्वेश्वर्यै नमः।

ॐ यक्षिण्यै नमः।

ॐ किरात्यै नमः।

ॐ राक्षस्यै नमः।

ॐ महाभोगवत्यै देव्यै नमः।

ॐ महामोक्षप्रदायिन्यै नमः।

ॐ विश्वहन्त्र्यै नमः।

ॐ विश्वरूपायै नमः।

ॐ विश्वसंहारकारिण्यै नमः।

ॐ सर्वलोकानां धात्र्यै नमः।

ॐ हितकारणकामिन्यै नमः।

ॐ कमलायै नमः।

ॐ सूक्ष्मदायै देव्यै नमः।

ॐ धात्र्यै नमः।

ॐ हरविनाशिन्यै नमः।

ॐ सुरेन्द्रपूजितायै नमः।

ॐ सिद्धायै नमः।

ॐ महातेजोवत्यै नमः।

ॐ परारूपवत्यै देव्यै नमः।

ॐ त्रैलोक्याकर्षकारिण्यै नमः।

About This Stotram

Overview

The 1000 Names of Goddess Bagalamukhi (Bagalamukhi Sahasra Namavali) is a Sanskrit namavali listing one thousand epithets of Goddess Bagalamukhi, one of the ten Mahavidyas of the Tantric tradition. The text belongs to the Shakta-Tantric tradition and is drawn from Tantric lineages that venerate Bagalamukhi as a deity of power and control.

What are the benefits of chanting 1000 Names of Goddess Bagalamukhi?

  • Recitation is said to provide protection from enemies and adversaries.
  • It is chanted to seek victory in legal disputes and conflicts.
  • Devotees use it to counter gossip, slander, and hostile speech.
  • It is associated with the attainment of authority and the ability to overcome opposition.
  • Regular practice is believed to remove obstacles and guard against negative forces.

When is the best time to recite this?

Tuesday (Mangalvara) is the most auspicious day for Bagalamukhi worship. Sunrise (Surya Udaya), sunset (Sandhya Kala), and Brahma Muhurta are favorable times of day. The namavali may also be recited before legal proceedings, important confrontations, or during periods of conflict.

What is the historical and traditional background?

Goddess Bagalamukhi is one of the Dasha Mahavidyas, a group of ten Tantric Goddess forms with roots in medieval Shakta Tantric literature. Her worship is associated with traditions found in texts such as the Tantrasara and various Agamas, and she is less prominent in mainstream Puranic literature than deities like Durga or Lakshmi. The compilation of a thousand names for her specifically follows the Sahasranamavali genre common in both Shakta and Vaishnava traditions. The authorship is attributed to anonymous Tantric masters or compiled collectively from oral and textual sources. The exact date of compilation is unknown.

Available scripts

This text is available in 14 scripts: devanagari, tamil, telugu, kannada, malayalam, gujarati, bengali, iast, gurmukhi, oriya, assamese, sinhala, itrans, hk. Use the script selector above to switch between them.

Related Texts

  • Bagalamukhi Chalisa — a Hindi Chalisa in praise of Goddess Bagalamukhi, used for accessible daily worship.
  • Bagalamukhi Kavacham — a protective armor hymn invoking the Goddess's power for shielding the devotee.